बेंगलुरु विकास के लिए कर्नाटक सरकार ने केंद्र से 1.5 लाख करोड़ की मांग की
बेंगलुरु विकास को गति देने के लिए कर्नाटक सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ₹1.5 लाख करोड़ की मांग की है। यह धनराशि बेंगलुरु को एक ‘वैश्विक महानगर’ में बदलने के लिए आवश्यक है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की सफलता से प्रेरणा लेते हुए, यह परियोजना क्षेत्रीय यात्रा को बदल देगी। इसका उद्देश्य शहर की भीड़भाड़ को कम करना और टिकाऊ गतिशीलता को बढ़ावा देना है।
- यह योजना यात्रा के समय को 70% तक कम करने का लक्ष्य रखती है।
- पांच नए सेमी-हाई-स्पीड कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।
- यह भारत की तकनीकी राजधानी के रूप में शहर की स्थिति को मजबूत करेगा।
पांच नए आरआरटीएस कॉरिडोर: बेंगलुरु को मिलेगा नया जीवन
बेंगलुरु की गतिशीलता को बेहतर बनाने के लिए पांच क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं। ये कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ नमो भारत परियोजना के तर्ज पर बनाए जाएंगे। इस पहल से यात्री बहुत कम समय में अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर ने अपनी 160 किमी/घंटा की गति से आरआरटीएस की क्षमता साबित की है। शिवकुमार का मानना है कि बेंगलुरु इस सफलता को दोहरा सकता है और आगे बढ़ सकता है।
- प्रस्तावित कॉरिडोर बेंगलुरु को बिदादी-मैसूर, हरोहल्ली-कनकपुरा से जोड़ेंगे।
- इसके अलावा नेलामंगला-तुमकुरु और एयरपोर्ट-चिक्कबल्लापुर रूट भी शामिल हैं।
- बेंगलुरु से होसकोटे-कोलार तक का मार्ग भी इस योजना का हिस्सा है।
येलो लाइन मेट्रो: इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी को मिली कनेक्टिविटी
बेंगलुरु को वैश्विक शहर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नम्मा मेट्रो की बहुप्रतीक्षित येलो लाइन का उद्घाटन किया। यह 19.1 किलोमीटर लंबी लाइन आरवी रोड को बोम्मासंद्रा से जोड़ती है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी आईटी हब के हजारों यात्रियों को फायदा होगा। यह लाइन जयदेव अस्पताल और सेंट्रल सिल्क बोर्ड पर पिंक और ब्लू लाइन से जुड़ेगी। बीएमटीसी ने यात्रियों के लिए फीडर बस सेवाएं भी शुरू की हैं।
- ₹7,610 करोड़ की इस परियोजना पर 2017 में काम शुरू हुआ था।
- शुरुआत में तीन ट्रेनें हर 25 मिनट पर चलेंगी, जो बाद में बढ़ेंगी।
- रागीगुड्डा स्टेशन से प्रधानमंत्री ने उद्घाटन यात्रा की।
वंदे भारत एक्सप्रेस और बुनियादी ढाँचे का विस्तार
PM मोदी ने बेंगलुरु से बेलगावी के लिए एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन 611 किमी की दूरी 8 घंटे 20 मिनट में तय करेगी। इसके अलावा, उन्होंने नम्मा मेट्रो के फेज-3 (ऑरेंज लाइन) की आधारशिला भी रखी। इस तरह, बेंगलुरु विकास में रेलवे और मेट्रो का योगदान लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने आईआईआईटीबी में उद्योग के दिग्गजों के साथ एक उद्घाटन समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु को मेक इन इंडिया और डिजिटल तकनीक में और योगदान देना चाहिए।
- इस यात्रा में यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ ट्रेनों का मार्ग बदला गया है।
- अन्य दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी शुरू की गईं।
प्रधानमंत्री का आह्वान: सुधारों से ही प्रगति संभव
प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक सरकार से नए सुधारों को लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर लोगों की सेवा करनी चाहिए। बेंगलुरु विकास और पूरे राज्य की प्रगति के लिए यह आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियां भी गिनाईं। इनमें मेट्रो सेवा, रेलवे विद्युतीकरण और हवाई अड्डों की संख्या में वृद्धि शामिल है।
- प्रधानमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता में बेंगलुरु की भूमिका की सराहना की।
- उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।
- मोदी ने मेक इन इंडिया पहल को मजबूत करने पर जोर दिया।



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