मोदी-ज़ेलेंस्की की वार्ता: भारत यूक्रेन संबंध और शांति की राह।
भारत यूक्रेन संबंध को मजबूत करने के प्रयासों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को महत्वपूर्ण बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब अमेरिका रूस पर प्रतिबंधों को लेकर भारत पर दबाव बढ़ा रहा है। मोदी ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के दृढ़ रुख को दोहराया। इस महत्वपूर्ण वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और यूक्रेन में हाल के घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। मोदी ने शांति बहाली के प्रयासों में भारत के समर्थन का आश्वासन दिया।
- ज़ेलेंस्की ने युद्ध के वित्तपोषण को रोकने के लिए रूसी तेल पर प्रतिबंधों की मांग की।
- मोदी ने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
- दोनों नेताओं ने सितंबर में न्यूयॉर्क में एक व्यक्तिगत बैठक की योजना बनाई है।
मुख्य बिंदु :
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने टेलीफोन पर महत्वपूर्ण वार्ता की।
- मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
- ज़ेलेंस्की ने युद्ध रोकने हेतु रूसी तेल एवं ऊर्जा निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
- भारतीय बयान में प्रतिबंधों का उल्लेख नहीं, केवल शांति प्रयासों के समर्थन की पुष्टि की।
- दोनों नेताओं ने सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाली व्यक्तिगत बैठक की योजना बनाई।
- वार्ता में आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
- यह आगामी बैठक भारत-यूक्रेन संबंधों को मजबूत करने का नया अध्याय सिद्ध हो सकती है।
रूसी प्रतिबंधों पर ज़ेलेंस्की का आग्रह
ज़ेलेंस्की ने अपनी बातचीत में रूसी ऊर्जा के निर्यात को सीमित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उनका मानना है कि ऐसा करना युद्ध को जारी रखने की रूस की क्षमता को कम करेगा। ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस पर ठोस प्रभाव रखने वाले हर नेता को इसी तरह के संकेत भेजने चाहिए। भारतीय बयान में हालांकि प्रतिबंधों का कोई जिक्र नहीं था, सिर्फ इतना कहा गया था कि मोदी ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के दृढ़ और सुसंगत रुख की पुष्टि की। ज़ेलेंस्की ने कहा कि भारत यूक्रेन संबंध उनके लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्हें भारत का समर्थन चाहिए।
- उन्होंने इस बातचीत में रूस पर प्रतिबंधों के मुद्दे पर भी चर्चा की।
- यूक्रेन के अनुसार, भारत का समर्थन उनके शांति प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।
- मोदी ने शांति बहाली के प्रयासों के प्रति भारत के निरंतर रुख को दोहराया।
शांति और कूटनीति पर भारत का रुख
भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए लगातार कूटनीति का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देगा। मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि वे यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत यूक्रेन संबंध को लेकर हमेशा सकारात्मक है और शांति बहाली के लिए हरसंभव प्रयास करता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है।
- मोदी ने पुतिन से भी बात की थी और शांति का आह्वान किया था।
- ज़ेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन से संबंधित हर फैसले में यूक्रेन की भागीदारी होनी चाहिए।
- यह वार्ता ट्रंप-पुतिन की अलास्का में होने वाली बैठक से पहले हुई है।
भविष्य की बैठक और सहयोग
ज़ेलेंस्की और मोदी ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक निजी मुलाकात की योजना बनाई है। इस बैठक का उद्देश्य भारत यूक्रेन संबंध को और मजबूत करना और शांति प्रयासों पर चर्चा करना है। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की। इस महत्वपूर्ण टेलीफोन बातचीत के बाद अब सबकी नजरें सितंबर में होने वाली मुलाकात पर हैं। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए एक नया अध्याय लिखेगी।
- यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, उन्होंने भारत से उनके शांति प्रयासों का समर्थन मांगा है।
- मोदी ने इस वार्ता के लिए ज़ेलेंस्की को धन्यवाद दिया।
- मोदी और ज़ेलेंस्की ने द्विपक्षीय साझेदारी में प्रगति की भी समीक्षा की।



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