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भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की अयोध्या यात्रा: राम मंदिर में किया दर्शन

शेरिंग तोबगे अयोध्या यात्रा

भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना कर इतिहास रच दिया। वे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद मंदिर में पूजा करने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष बने। इस अवसर पर उनकी पत्नी ओम ताशी डोमा भी उनके साथ थीं। यह यात्रा भारत और भूटान के बीच गहरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक रिश्तों को दर्शाती है।

अयोध्या पहुंचने पर भव्य स्वागत

तोबगे सुबह लगभग 9:30 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से बिहार के गया से अयोध्या हवाई अड्डे पर उतरे। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता सहित वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे सड़क मार्ग से सीधे राम मंदिर पहुंचे। उनकी सुरक्षा और स्वागत के लिए राजमार्ग पर कुछ समय तक यातायात रोक दिया गया।

मंदिर परिसर में बिताए दो घंटे

सुबह 10 बजे तोबगे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे परिसर में रहे। उन्होंने राम लला और राम दरबार की पूजा की। कुबेर टीला, जटायु और सप्त मंडपम मंदिर के भी दर्शन किए। मंदिर के भित्तिचित्रों और कांस्य नक्काशियों को उन्होंने बड़े ध्यान से देखा और मोबाइल से तस्वीरें भी लीं। गर्भगृह में उन्होंने पुष्प अर्पित किए, आरती की और रामलला के समक्ष तीन बार प्रणाम किया। चरणामृत ग्रहण करने के बाद वे अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए।

नालंदा विश्वविद्यालय में दिया विशेष संदेश

अपनी भारत यात्रा के दौरान भूटानी प्रधानमंत्री ने बिहार स्थित नालंदा विश्वविद्यालय का भी दौरा किया। विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि “नालंदा भावना” हमेशा जीवित रहनी चाहिए। उन्होंने भारत सरकार को नालंदा की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि भूटान भी इस भावना के प्रसार में योगदान देगा।
उन्होंने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि नालंदा विश्वविद्यालय की विरासत ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने इसे शांति, एकता और आध्यात्मिकता का शाश्वत प्रकाश स्तंभ बताया। इसके अतिरिक्त उन्होंने राजगीर में शाही भूटान मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी हिस्सा लिया।

भारत-भूटान संबंधों को नई दिशा

तोबगे की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की मिसाल है। इससे पहले फरवरी में भी वे भारत आए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई भारतीय मंत्रियों से वार्ता की थी।
अयोध्या यात्रा के दौरान उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी मंदिर और कुबेर टीला में पूजा की। इसके बाद होटल रामायण में उनका पारंपरिक भूटानी शैली में स्वागत हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उनके सम्मान में विशेष दोपहर भोज का आयोजन किया गया। अंततः वे दिल्ली के लिए रवाना हुए।

भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की अयोध्या यात्रा भारत-भूटान संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ती है। यह केवल धार्मिक दर्शन नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक एकजुटता और कूटनीतिक मित्रता की गहरी झलक भी थी।

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