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नायडू की ऑटो-कैब सहायता योजना: ₹15,000 से 2.9 लाख चालकों को लाभ

नायडू ऑटो-कैब सहायता

आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के ऑटो और कैब चालकों के लिए ₹15,000 की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी देकर एक बड़ा कल्याणकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई आंध्र प्रदेश कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को पात्र ऑटोरिक्शा और कैब चालकों को ₹15,000 की वित्तीय सहायता देने के सरकारी आदेश को अंतिम स्वीकृति दी गई।

सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के पार्थसारथी ने सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। यह योजना, जिसे ‘ऑटो चालक सेवा योजना’ और औपचारिक रूप से ‘ऑटो ड्राइवरला सेवालो पथकम’ नाम दिया गया है, राज्य के परिवहन समुदाय के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।

योजना का लक्ष्य और वित्तीय आवंटन

‘ऑटो चालक सेवा योजना’ के तहत, 2.9 लाख से ज़्यादा चालकों को लाभ मिलेगा, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 436 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मंत्री पार्थसारथी ने बताया कि कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ऑटोरिक्शा, मोटर कैब और मैक्सी कैब चालकों को ₹15,000 की वित्तीय सहायता देने के सरकारी आदेश को मंज़ूरी दी है।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 4 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से इस योजना का शुभारंभ किया। यह योजना विशेष रूप से उन चालकों की आजीविका में सहायता करने के उद्देश्य से लाई गई है जो ‘स्त्री शक्ति’ पहल (चुनिंदा एपीएसआरटीसी सेवाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा) से प्रभावित हुए हैं।

नायडू ने लाभार्थियों और अधिकारियों की उपस्थिति में विजयवाड़ा के सिंह नगर में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और आश्वासन दिया कि “यदि आप में से किसी को यह (योजना) नहीं मिलती है, तो हमें इसकी सूचना दें और हम सभी को पैसा दिलाने की ज़िम्मेदारी लेंगे।”

लाभार्थियों का विवरण और पारदर्शिता पर ज़ोर

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए कुल 436 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री पार्थसारथी ने पिछली सरकार से तुलना करते हुए बताया कि पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने ₹261.51 करोड़ खर्च करके 2.61 लाख ऑटो चालकों को ₹10,000-₹10,000 रुपये वितरित किए थे, जबकि वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार 2.90 लाख ऑटो चालकों को लाभान्वित करने के लिए ₹436 करोड़ खर्च करेगी।

लाभार्थियों में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:

ऑटोरिक्शा चालक: 2,25,621

यात्री वाहन चालक (Passenger Vehicles): 38,576

मोटरसाइकिल कैब चालक: 38,576

मैक्सी कैब चालक: 6,400

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विशाखापत्तनम में सबसे अधिक 22,955 ऑटो चालक लाभान्वित हुए हैं।

यह ‘ऑटो चालक सेवालो’ योजना व्यापक ‘सेवालो पाठकम कल्याण ढाँचे’ का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य सरकार बढ़ती लागत और असमान आय के अवसरों से प्रभावित समाज के विभिन्न वर्गों (जैसे किसान, बुनकर) को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना बना रही है।

मुख्यमंत्री ने समय पर धन हस्तांतरण सुनिश्चित करने और लीकेज को रोकने के लिए ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को डिजिटल सत्यापन प्रणालियों से जोड़ने की भविष्य की योजनाओं का भी संकेत दिया। उन्होंने कल्याणकारी लाभों के “पारदर्शी, तकनीक-सक्षम वितरण” पर अपनी सरकार के फोकस को दोहराया।

अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय: हरित कर में कमी और पर्यटन को प्रोत्साहन

नायडू ऑटो-कैब सहायता के अलावा, कैबिनेट ने ऑटो चालकों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। राज्य सरकार ने पिछली सरकार द्वारा लगाए गए ₹20,000 के हरित कर (Green Tax) को घटाकर ₹3,000 कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ऑटो चालकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक विशेष शिकायत निवारण प्रणाली भी स्थापित की गई है।

अन्य प्रमुख कैबिनेट निर्णय इस प्रकार हैं:

पर्यटन नीति 2024-29

कारवां पर्यटन प्रोत्साहन: कैबिनेट ने 2024-29 की आंध्र प्रदेश पर्यटन नीति में कारवां पर्यटन प्रोत्साहन पहल को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। इसका उद्देश्य कारवां पार्क स्थापित करना और कारवां पर्यटन को बढ़ावा देना है। पार्थसारथी ने बताया कि अन्य राज्यों में 25 कारवां पार्क और 150 कारवां हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश में अभी तक कोई भी पंजीकृत नहीं था।

इस पहल को बढ़ावा देने के लिए, कारवां के लिए आजीवन कर छूट, स्टांप शुल्क में छूट और कारवां पार्क स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिए जाएँगे।होमस्टे और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट: कैबिनेट ने राज्य में, खासकर मंदिर नगरों में, जहाँ बड़े होटल नहीं हैं, होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट (बी एंड बी) सुविधाओं को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया।

इसके लिए एक नीतिगत ढाँचे को मंज़ूरी दी गई है, जिसके तहत छह कमरों तक के होमस्टे के लिए अनुमति दी जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि नायडू ऑटो-कैब सहायता के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी सुधार हो।

आधारभूत संरचना और प्रशासनिक मामले

प्रकाशम बैराज मरम्मत: कैबिनेट ने प्रकाशम बैराज और दिविसीमा क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ₹449.92 लाख की लागत से चौथे चरण के बाढ़ क्षति मरम्मत कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति को मंज़ूरी दी। मंत्री ने बताया कि पिछले साल की बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए, ₹107 करोड़ की लागत से 517 कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।

अमरावती भूमि अधिग्रहण: कैबिनेट ने अमरावती राजधानी क्षेत्र में पिछली भूमि अधिग्रहण अधिसूचना से 343.36 एकड़ भूमि वापस लेने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने को मंज़ूरी दी।

भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव: आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) के आयुक्त को अमरावती परियोजनाओं, संस्थानों और वापसी योग्य भूखंडों के लिए लंबित आवंटन को पूरा करने हेतु, 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत गुंटूर जिला कलेक्टर के समक्ष भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत किया गया।

कृषि और विपणन

एपी मार्कफेड ऋण: कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने के लिए आंध्र प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (एपी मार्कफेड) के लिए सरकारी गारंटी बढ़ाने का भी निर्णय लिया।

आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के ऑटो और कैब चालकों के लिए ₹15,000 की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी देकर एक बड़ा कल्याणकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में हुई आंध्र प्रदेश कैबिनेट की बैठक में शुक्रवार को पात्र ऑटोरिक्शा और कैब चालकों को ₹15,000 की वित्तीय सहायता देने के सरकारी आदेश को अंतिम स्वीकृति दी गई।

सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री के पार्थसारथी ने सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन में इस महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। यह योजना, जिसे ‘ऑटो चालक सेवा योजना’ और औपचारिक रूप से ‘ऑटो ड्राइवरला सेवालो पथकम’ नाम दिया गया है, राज्य के परिवहन समुदाय के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।

योजना का लक्ष्य और वित्तीय आवंटन

‘ऑटो चालक सेवा योजना’ के तहत, 2.9 लाख से ज़्यादा चालकों को लाभ मिलेगा, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 436 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मंत्री पार्थसारथी ने बताया कि कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ऑटोरिक्शा, मोटर कैब और मैक्सी कैब चालकों को ₹15,000 की वित्तीय सहायता देने के सरकारी आदेश को मंज़ूरी दी है।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 4 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से इस योजना का शुभारंभ किया। यह योजना विशेष रूप से उन चालकों की आजीविका में सहायता करने के उद्देश्य से लाई गई है जो ‘स्त्री शक्ति’ पहल (चुनिंदा एपीएसआरटीसी सेवाओं में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा) से प्रभावित हुए हैं।

नायडू ने लाभार्थियों और अधिकारियों की उपस्थिति में विजयवाड़ा के सिंह नगर में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और आश्वासन दिया कि “यदि आप में से किसी को यह (योजना) नहीं मिलती है, तो हमें इसकी सूचना दें और हम सभी को पैसा दिलाने की ज़िम्मेदारी लेंगे।”

लाभार्थियों का विवरण और पारदर्शिता पर ज़ोर

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए कुल 436 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री पार्थसारथी ने पिछली सरकार से तुलना करते हुए बताया कि पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने ₹261.51 करोड़ खर्च करके 2.61 लाख ऑटो चालकों को ₹10,000-₹10,000 रुपये वितरित किए थे, जबकि वर्तमान तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार 2.90 लाख ऑटो चालकों को लाभान्वित करने के लिए ₹436 करोड़ खर्च करेगी।

लाभार्थियों में निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:

ऑटोरिक्शा चालक: 2,25,621

यात्री वाहन चालक (Passenger Vehicles): 38,576

मोटरसाइकिल कैब चालक: 38,576

मैक्सी कैब चालक: 6,400

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विशाखापत्तनम में सबसे अधिक 22,955 ऑटो चालक लाभान्वित हुए हैं।

यह ‘ऑटो चालक सेवालो’ योजना व्यापक ‘सेवालो पाठकम कल्याण ढाँचे’ का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य सरकार बढ़ती लागत और असमान आय के अवसरों से प्रभावित समाज के विभिन्न वर्गों (जैसे किसान, बुनकर) को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना बना रही है।

मुख्यमंत्री ने समय पर धन हस्तांतरण सुनिश्चित करने और लीकेज को रोकने के लिए ऐसी कल्याणकारी योजनाओं को डिजिटल सत्यापन प्रणालियों से जोड़ने की भविष्य की योजनाओं का भी संकेत दिया। उन्होंने कल्याणकारी लाभों के “पारदर्शी, तकनीक-सक्षम वितरण” पर अपनी सरकार के फोकस को दोहराया।

अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय: हरित कर में कमी और पर्यटन को प्रोत्साहन

नायडू ऑटो-कैब सहायता के अलावा, कैबिनेट ने ऑटो चालकों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया। राज्य सरकार ने पिछली सरकार द्वारा लगाए गए ₹20,000 के हरित कर (Green Tax) को घटाकर ₹3,000 कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ऑटो चालकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक विशेष शिकायत निवारण प्रणाली भी स्थापित की गई है।

अन्य प्रमुख कैबिनेट निर्णय इस प्रकार हैं:

पर्यटन नीति 2024-29

कारवां पर्यटन प्रोत्साहन: कैबिनेट ने 2024-29 की आंध्र प्रदेश पर्यटन नीति में कारवां पर्यटन प्रोत्साहन पहल को शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी है। इसका उद्देश्य कारवां पार्क स्थापित करना और कारवां पर्यटन को बढ़ावा देना है। पार्थसारथी ने बताया कि अन्य राज्यों में 25 कारवां पार्क और 150 कारवां हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश में अभी तक कोई भी पंजीकृत नहीं था।

इस पहल को बढ़ावा देने के लिए, कारवां के लिए आजीवन कर छूट, स्टांप शुल्क में छूट और कारवां पार्क स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन दिए जाएँगे।होमस्टे और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट: कैबिनेट ने राज्य में, खासकर मंदिर नगरों में, जहाँ बड़े होटल नहीं हैं, होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट (बी एंड बी) सुविधाओं को बढ़ावा देने का भी निर्णय लिया।

इसके लिए एक नीतिगत ढाँचे को मंज़ूरी दी गई है, जिसके तहत छह कमरों तक के होमस्टे के लिए अनुमति दी जाएगी। यह सुनिश्चित करता है कि नायडू ऑटो-कैब सहायता के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी सुधार हो।

आधारभूत संरचना और प्रशासनिक मामले

प्रकाशम बैराज मरम्मत: कैबिनेट ने प्रकाशम बैराज और दिविसीमा क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ₹449.92 लाख की लागत से चौथे चरण के बाढ़ क्षति मरम्मत कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति को मंज़ूरी दी। मंत्री ने बताया कि पिछले साल की बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए, ₹107 करोड़ की लागत से 517 कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं।

अमरावती भूमि अधिग्रहण: कैबिनेट ने अमरावती राजधानी क्षेत्र में पिछली भूमि अधिग्रहण अधिसूचना से 343.36 एकड़ भूमि वापस लेने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने को मंज़ूरी दी।

भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव: आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) के आयुक्त को अमरावती परियोजनाओं, संस्थानों और वापसी योग्य भूखंडों के लिए लंबित आवंटन को पूरा करने हेतु, 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत गुंटूर जिला कलेक्टर के समक्ष भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत किया गया।

कृषि और विपणन

एपी मार्कफेड ऋण: कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) से ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त कार्यशील पूंजी ऋण प्राप्त करने के लिए आंध्र प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (एपी मार्कफेड) के लिए सरकारी गारंटी बढ़ाने का भी निर्णय लिया।

धान खरीद बकाया: यह धनराशि धान खरीद का बकाया चुकाने के लिए अंतर-कॉर्पोरेट ऋण के रूप में आंध्र प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (एपीएससीएससीएल, विजयवाड़ा) को हस्तांतरित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस वर्ष, सरकार ने लगभग 53 लाख टन धान की खरीद की और 95% भुगतान 24 घंटों के भीतर सुनिश्चित किया।

इस प्रकार, नायडू ऑटो-कैब सहायता योजना न केवल परिवहन श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान करती है, बल्कि कैबिनेट के अन्य निर्णयों के साथ मिलकर राज्य के पर्यटन, कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी व्यापक प्रभाव डालती है।

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