Loading Now

“CGHS पैकेज दरों में संशोधन”: शहर-वार मूल्य निर्धारण प्रणाली शुरू

"CGHS पैकेज दरों में संशोधन"

“CGHS पैकेज दरों में संशोधन” यह सुधार केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उस पुरानी शिकायत को दूर करने के लिए किया गया है, जिसके अनुसार CGHS-सूचीबद्ध अस्पताल अक्सर कैशलेस उपचार देने से इनकार कर देते थे। अस्पतालों का तर्क था कि सरकार द्वारा निर्धारित पैकेज दरें पुरानी और कम थीं, जिससे उन्हें वित्तीय कठिनाई होती थी। अब, नई दरें मान्यता की स्थिति, अस्पताल के प्रकार, शहर के वर्गीकरण और वार्ड की पात्रता जैसे चार अलग-अलग मानदंडों पर आधारित एक बहुआयामी संरचना में निर्धारित की गई हैं।

संशोधित CGHS दर संरचना के मुख्य बिंदु

संशोधित CGHS पैकेज के तहत, दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए एक नई शहर-वार मूल्य निर्धारण प्रणाली शुरू की गई है, जिसमें निम्नलिखित परिवर्तन शामिल हैं:

मान्यता और अस्पताल के प्रकार पर आधारित दरें

अस्पताल/सुविधा का प्रकारलागू दर
NABH/NABL मान्यता प्राप्त HCOsमानक (आधार) दर
गैर-NABH और गैर-NABL HCOsNABH/NABL दरों से 15% कम
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (200 से अधिक बेड वाले)NABH-मान्यता प्राप्त अस्पतालों की दरों से 15% अधिक

(NABH: राष्ट्रीय अस्पताल प्रत्यायन बोर्ड; NABL: प्रयोगशालाओं के परीक्षण और अंशांकन के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड; HCO: स्वास्थ्य सेवा प्रदाता)

शहर वर्गीकरण (टियर) के अनुसार दरें

शहर की श्रेणीलागू दर
टियर I (X) शहरमानक (आधार) दर
टियर II (Y) शहरटियर I की दरों से 10% कम
टियर III (Z) शहरटियर I की दरों से 20% कम

विशेष क्षेत्र: पूर्वोत्तर क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में स्थित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर टियर II दरें लागू होंगी।

उदाहरण के लिए: यदि टियर-I शहर के NABH अस्पताल में किसी प्रक्रिया की लागत ₹1,000 है, तो टियर-II शहर के NABH अस्पताल में वही प्रक्रिया ₹900 की और टियर-III NABH अस्पताल में ₹800 की होगी।

वार्ड पात्रता के अनुसार पैकेज दरें

संशोधित पैकेज दरें अर्ध-निजी वार्ड को आधार मानकर तय की गई हैं:

सामान्य वार्ड (General Ward): पैकेज दरों में 5% की कमी होगी।

निजी वार्ड (Private Ward): लागू स्वीकार्य दावा राशि में 5% की वृद्धि होगी।

परामर्श, रेडियोथेरेपी, जाँच, डे-केयर प्रक्रियाएँ, और भर्ती न होने वाली छोटी प्रक्रियाएँ: इन पर वार्ड की पात्रता पर ध्यान दिए बिना एक समान दरें लागू होंगी।

कैंसर सर्जरी: मौजूदा CGHS नियम और दरें जारी रहेंगी, हालाँकि संशोधित दरें कीमोथेरेपी, जाँच और रेडियोथेरेपी पर लागू होंगी।

CGHS पैकेज में शामिल महत्वपूर्ण मदें

CGHS पैकेज एकमुश्त लागत प्रदान करता है जो व्यक्ति के पूरे उपचार चक्र को कवर करती है। इसमें निम्नलिखित प्रमुख मदें शामिल हैं:

आवास शुल्क (मरीज़ का आहार सहित)

प्रवेश शुल्क, ऑपरेशन शुल्क, ऑपरेशन थिएटर शुल्क

एनेस्थीसिया शुल्क, इंजेक्शन शुल्क, दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों की लागत

डॉक्टर/सलाहकार के दौरे का शुल्क, ड्रेसिंग शुल्क

आईसीयू/आईसीसीयू, निगरानी और नर्सिंग देखभाल शुल्क

ऑक्सीजन शुल्क, वेंटिलेटर शुल्क (यदि आवश्यक हो)

फिजियोथेरेपी शुल्क, प्रक्रिया शुल्क/सर्जन शुल्क

पंजीकरण शुल्क, रोगी के प्रवेश के दौरान संबंधित नियमित और आवश्यक जाँचें

आधान शुल्क और रक्त प्रसंस्करण शुल्क

अनिवार्य अनुपालन और अस्पतालों के लिए निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य सेवा संगठनों से 13 अक्टूबर तक नई दरों के नियमों और शर्तों को स्वीकार करने की पुष्टि वाला एक वचनपत्र (Undertaking) जमा करने को कहा है।

यदि कोई HCO वचनपत्र जमा करने में विफल रहता है, तो उसे पैनल से हटा दिया जाएगा।

13 अक्टूबर से निजी पैनलबद्ध अस्पतालों के साथ किए गए सभी मौजूदा समझौता ज्ञापन (MoA) मान्य नहीं होंगे।

सभी HCOs को CGHS पोर्टल पर संशोधित हॉस्पिटल एंगेजमेंट मॉड्यूल के माध्यम से नए सिरे से पैनल में शामिल होने के लिए आवेदन करना होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि

CGHS दरों में संशोधन के साथ ही, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) की एक अतिरिक्त किस्त जारी करने को भी मंजूरी दी है।

यह वृद्धि 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगी।

यह मूल वेतन/पेंशन के मौजूदा 55% की दर से 3% की वृद्धि है, जिससे नई दर 58% हो जाएगी।

इससे लगभग 49.19 लाख कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।

इस पर सरकारी खजाने पर सालाना ₹10,083.96 करोड़ का संयुक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है।

यह वृद्धि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार की गई है। उदाहरण के लिए, ₹18,000 न्यूनतम मूल वेतन वाले कर्मचारी की मासिक आय में ₹540 का योगदान होगा।

CGHS पैकेज दरों में संशोधन और DA/DR में वृद्धि, दोनों ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए चिकित्सा सुविधा और वित्तीय राहत सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और स्वागत योग्य कदम हैं।

CGHS पैकेज दरों में संशोधन से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नई संतुलन नीति लागू होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निजी और सरकारी अस्पतालों में सहयोग बना रहा, तो आने वाले समय में मरीजों को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि CGHS पैकेज दरों में संशोधन से सरकारी कर्मचारियों पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही यह कदम आगामी बजट और स्वास्थ्य नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed