दुलारचंद यादव हत्याकांड में : मोकामा बाहुबली अनंत सिंह गिरफ्तार,
मोकामा बाहुबली और जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत कुमार सिंह को जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना इस महीने होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई, जिसने राज्य की राजनीति में सनसनी फैला दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, मोकामा निर्वाचन क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार और पूर्व विधायक अनंत सिंह को रविवार को गिरफ्तार किया गया।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के पोते की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति अनंत सिंह को चार अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं।
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दुलारचंद यादव हत्याकांड: क्या था पूरा मामला?
एसएसपी शर्मा ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि 30 अक्टूबर को दो प्रतिस्पर्धी उम्मीदवारों के गुटों के बीच झड़प हुई, जिसमें पथराव हुआ और कई लोग घायल हो गए। इस झड़प के बाद एक शव बरामद किया गया।
मृतक, 75 वर्षीय दुलारचंद यादव, उसी गाँव के निवासी थे जहाँ यह झड़प हुई थी। यह घटना मोकामा ताल इलाके में हुई थी, जो भदौर और घोसवारी पुलिस थानों के पास पड़ता है। यादव उस समय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे।
यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु हृदय और फेफड़ों में चोट लगने के कारण लगे सदमे से हुए कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से हुई थी। दोनों पक्षों ने मामले दर्ज कराए और पुलिस ने तुरंत जाँच शुरू कर दी।
पुलिस और प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और मृतक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया था और यह एक गंभीर मामला है। पुलिस ने पाया कि यह सब उम्मीदवार अनंत सिंह की मौजूदगी में हुआ, जो इस मामले में मुख्य आरोपी भी हैं।
इसके बाद अनंत सिंह को उनके साथी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और उचित जाँच की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि “हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
जल्द ही और गिरफ्तारियाँ की जाएँगी। सीआईडी ने भी जाँच शुरू कर दी है।” दोनों समूहों के लोगों को पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया है।
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पटना डीएम का बयान और आचार संहिता का उल्लंघन
पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने इस घटना को “बहुत गंभीरता से” लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि “हम पिछले 48 घंटों से दिन-रात डेरा डाले हुए हैं। स्थिति अब बिल्कुल सामान्य है।” चूँकि यह मामला चुनाव प्रक्रिया से संबंधित है, इसलिए हर कोण से इसकी गहन जाँच की गई।
डीएम ने बताया कि इसमें शामिल सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, और कल 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था तथा आज मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे लोगों की पहचान कर ली है और उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
कई बार विधायक रहे अनंत सिंह, जिनकी पत्नी नीलम देवी वर्तमान में मोकामा सीट से विधायक हैं, पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का भी मामला दर्ज किया गया है क्योंकि उनके बड़े काफिले के साथ घूमने के मामले सामने आए हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल: तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया
इस घटना पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने प्रशासन की “चुप्पी” पर सवाल उठाया। पीटीआई के अनुसार, तेजस्वी ने तीखे शब्दों में कहा, “प्रशासन इस घटना पर चुप्पी क्यों साधे हुए है? एक उम्मीदवार और उसके समर्थकों को 40 वाहनों और हथियारों के काफिले के साथ प्रचार करने की अनुमति कैसे दी गई?
” उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि “यह बिल्कुल स्पष्ट है कि राज्य सरकार गुंडों और अपराधियों को संरक्षण दे रही है।” अनंत सिंह ने गिरफ्तारी से पहले अपने समर्थकों और मृतक के बीच झड़प की बात स्वीकार की थी, लेकिन उन्होंने अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी सूरजभान पर दोष मढ़ने की कोशिश की थी।
कौन हैं ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह?
‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर पूर्व विधायक अनंत सिंह का राजनीतिक और कानूनी सफर बेहद नाटकीय रहा है। वह कभी एक दबंग नेता थे और सभी दलों में उनकी गहरी पैठ थी। अनंत सिंह ने 2020 का विधानसभा चुनाव राजद के टिकट पर लड़ा और मोकामा से जीत हासिल की।
हालांकि, पटना की एमपी-एमएलए अदालत द्वारा आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराए जाने और 10 साल जेल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें विधायक के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद, 2022 के मोकामा उपचुनाव में, अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने राजद के टिकट पर सफलतापूर्वक सीट बरकरार रखी। फरवरी 2024 में, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार के शक्ति परीक्षण के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हो गईं।
इसके बाद घटनाक्रम में, अनंत सिंह को सबूतों के अभाव में आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। 2025 की शुरुआत में, सोनू-मोनू गिरोह के साथ मुठभेड़ के बाद उन पर नौरंगा-जलालपुर गोलीबारी मामले में मामला दर्ज किया गया था।
उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया और हाल ही में ज़मानत पर रिहा होने से पहले पटना की बेउर जेल में बंद रहे। अब, मोकामा बाहुबली अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार के रूप में राजनीतिक वापसी की है, लेकिन यह गिरफ्तारी उनके लिए एक बड़ा झटका है।
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मोकामा का चुनावी संग्राम: बाहुबली बनाम बाहुबली
बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। मोकामा में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होगा। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में इस साल की चुनावी जंग अनंत सिंह और वीणा देवी के इर्द-गिर्द घूम रही है।
जद(यू) ने मोकामा बाहुबली नेता अनंत सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि राजद ने पूर्व सांसद और प्रभावशाली नेता सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को उम्मीदवार बनाया है। एएनआई के अनुसार, दोनों उम्मीदवार भूमिहार समुदाय से आते हैं, जिससे यह बिहार के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्वाचन क्षेत्रों में से एक बन गया है।
अब लड़ाई की रेखाएँ स्पष्ट हैं – यह अनंत सिंह बनाम वीणा देवी, “छोटे सरकार” बनाम “दादा का परिवार” की सीधी टक्कर है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वीणा देवी भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में जांच के दायरे में हैं क्योंकि उनके बड़े काफिले के साथ घूमने के मामले सामने आए हैं।
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बिहार चुनाव की तिथियाँ
बिहार की 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस गिरफ्तारी के बाद, मोकामा सीट पर चुनावी समीकरण तेजी से बदल सकते हैं।
मोकामा बाहुबली की सियासी पकड़ फिर मजबूत
बिहार की राजनीति में मोकामा बाहुबली का नाम फिर सुर्खियों में है। क्षेत्र में हालिया घटनाओं ने चुनावी हलचल बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि उनकी सियासी पकड़ आज भी अटूट है।
स्थानीय पंचायतों में बढ़ती सक्रियतासमर्थकों की नई रणनीति से विपक्ष चिंतितसत्तारूढ़ दल भी सतर्क



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