मुड्डादा रविचंद्र TTD EO नियुक्त, लड्डू मिलावट की होगी जांच
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मुड्डादा रविचंद्र TTD EO ने शुक्रवार को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में आधिकारिक तौर पर कार्यभार संभाल लिया है।
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और मंदिर की गरिमा को बनाए रखना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे टीटीडी बोर्ड के साथ समन्वय बिठाकर भक्तों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
मंदिर परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और शपथ ग्रहण
सदियों पुरानी मंदिर परंपराओं का निर्वहन करते हुए, श्री रविचंद्र ने सबसे पहले श्री भू वराह स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात, वे वैकुंठम क्यू कॉम्प्लेक्स के माध्यम से भगवान वेंकटेश्वर के मुख्य मंदिर पहुँचे।
औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने श्रीवारी के दर्शन किए। मुड्डादा रविचंद्र TTD EO ने बंगारू वाकिली में टीटीडी बोर्ड के पदेन सदस्य के रूप में शपथ ली, जिसे अतिरिक्त एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सी. वेंकैया चौधरी ने दिलाया। इसके बाद पुजारियों ने रंगनायकुला मंडपम में ‘वेदाशीर्वचनम’ के साथ उन्हें आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री का आभार और भक्तों की सेवा का अटूट विश्वास
मीडिया से बात करते हुए श्री रविचंद्र ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर से यही प्रार्थना की है कि वे उन्हें असंख्य भक्तों की समर्पण और भक्ति के साथ सेवा करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने विभागीय प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठकें भी कीं, ताकि तिरुमाला और तिरुपति में प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा सके।
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अनिल कुमार सिंघल का स्थानांतरण और मिलावट घोटाले का साया
मुड्डादा रविचंद्र TTD EO ने अनिल कुमार सिंघल का स्थान लिया है, जिनका हाल ही में स्थानांतरण किया गया था। सिंघल का नाम वर्तमान में तिरुपति लड्डू घी मिलावट घोटाले में चर्चाओं में है।
टीडीपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का आरोप है कि सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सिंघल और अन्य अधिकारियों ने बिना उचित विचार के निविदा (टेंडर) शर्तों को मंजूरी दी, जिसके कारण प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू बनाने के लिए कथित तौर पर मिलावटी घी की आपूर्ति हुई।
सीबीआई और एसआईटी की जांच के दायरे में पूर्व अधिकारी
सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी ने अनिल कुमार सिंघल के साथ ओ. बालाजी (FA और CAO), और एवी धर्म रेड्डी (पूर्व अतिरिक्त एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि इन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी की जिससे लड्डू की गुणवत्ता प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री नायडू ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई के कम्युनिकेशन के आधार पर एक सदस्यीय समिति गठित की गई है जो रिपोर्ट की पूरी जांच करेगी और दोषियों की जिम्मेदारी तय करेगी।
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मुख्यमंत्री नायडू का कड़ा रुख: YSRCP को कोई क्लीन चिट नहीं
विजयवाड़ा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तिरुमाला मंदिर को बदनाम करने के लिए जानबूझकर साजिश रची गई।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि “लड्डू मामले में वाईएसआरसीपी को कोई क्लीन चिट नहीं मिली है।” उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट सहित सभी रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाएंगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। तिरुमाला की पवित्रता की रक्षा करना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।
एनडीए गठबंधन की बैठक और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की चेतावनी
गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में एनडीए नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव, नारा लोकेश और अन्य कैबिनेट मंत्री शामिल हुए। मुड्डादा रविचंद्र TTD EO के कार्यभार संभालने के बीच, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि यह मुद्दा करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिन्होंने भगवान के मामलों में छेड़छाड़ की है, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव ने इसे “मिलावटी सोच” का परिणाम बताते हुए 250 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया।
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लैब रिपोर्ट की पुष्टि और भविष्य की कार्रवाई की योजना
मुख्यमंत्री ने एनडीडीबी (NDDB) और सीएफटीआरआई (CFTRI) की लैब रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि घी में केमिकल्स, पाम ऑयल और अन्य मिलावटी चीजें पाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 में ही चेतावनी मिलने के बावजूद पिछली सरकार ने रिपोर्ट को दबा दिया था।
अब वर्तमान सरकार धार्मिक नेताओं के साथ चर्चा कर आगे बढ़ेगी। मंत्री पय्यावुला केशव ने भी पुष्टि की कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह साजिश रची गई थी। सरकार अब मंदिर प्रशासन में पूर्ण पारदर्शिता और पवित्रता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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