“PM मोदी AI संबोधन “तकनीक के महाकुंभ में भारत का विश्व विजन”
PM मोदी AI संबोधन के साथ सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का शानदार आगाज हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर इस मेगा इवेंट का उद्घाटन किया, जिसके बाद उन्होंने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से मुआयना किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद टेक लीडर्स, दिग्गज कंपनियों के प्रतिनिधियों और उभरते हुए स्टार्टअप्स के संस्थापकों से विस्तार से बातचीत की।
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर इस आयोजन को लेकर गहरा भरोसा जताया और कहा कि इस समिट के नतीजे एक ऐसे प्रोग्रेसिव, इनोवेटिव और अवसरों से भरे भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे, जो पूरी मानवता के लिए लाभकारी होगा।
भारत मंडपम में तकनीक का महाकुंभ और लाइव अपडेट्स
दिल्ली में आयोजित इस AI समिट 2026 का पहला सत्र सुबह 9:30 बजे भारत मंडपम में शुरू हुआ। 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस वैश्विक आयोजन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं। उद्घाटन के पहले दिन वेन्यू के हॉलों के बाहर विज़िटर्स की लंबी कतारें देखी गईं, जो भारत में एआई के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती हैं।
हालांकि, पहले दिन कुछ तकनीकी बाधाएं और इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्याएं भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद लोगों का जोश कम नहीं हुआ। प्रधानमंत्री के साथ इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी मौजूद रहे।
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वैश्विक नेताओं का जमावड़ा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
इस समिट की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा जैसे दिग्गज वैश्विक नेता इसमें शिरकत करने वाले हैं।
यह आयोजन भारत को एआई विकास के अगले चरण में एक प्रमुख वैश्विक आवाज के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
समिट में राष्ट्राध्यक्षों, वरिष्ठ मंत्रियों, ग्लोबल टेक्नोलॉजी अधिकारियों और शोधकर्ताओं के एक साथ आने की उम्मीद है। PM मोदी AI संबोधन ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाला नेतृत्वकर्ता बनने की ओर अग्रसर है।
13 देशों के पवेलियन और ग्लोबल इकोसिस्टम का संगम
एक्सपो में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की एक अनूठी झलक देखने को मिल रही है। यहाँ कुल 13 कंट्री पवेलियन बनाए गए हैं, जो वैश्विक एआई परिदृश्य के साथ भारत के गहरे तालमेल को प्रदर्शित करते हैं।
इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और कई अफ्रीकी देशों की भागीदारी शामिल है।
यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे 10 अलग-अलग एरिना में विभाजित किया गया है। यहाँ शैक्षणिक संस्थान, केंद्रीय मंत्रालय और राज्य सरकारें अपनी एआई क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं।
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स्टार्टअप्स की ताकत और ‘पीपल, प्लैनेट, प्रोग्रेस’ की थीम
इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो में 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। ये स्टार्टअप्स ऐसे समाधान पेश कर रहे हैं जो न केवल ग्लोबल लेवल के हैं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने में सक्षम हैं।
एक्सपो में कुल 300 क्यूरेटेड एग्जीबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन हो रहे हैं, जिन्हें तीन प्रमुख थीमैटिक चक्रों — पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति) — पर आधारित किया गया है।
यहाँ PM मोदी AI संबोधन के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि स्टार्टअप्स द्वारा विकसित किए जा रहे सॉल्यूशन असल दुनिया में पहले से ही प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
रिन्यूएबल एनर्जी और एआई का क्रांतिकारी संगम
समिट के एक विशेष सत्र ‘सिटिजन-सेंट्रिक इंडिया एनर्जी स्टैक’ में भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर चर्चा हुई। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के संयुक्त सचिव जेवीएन सुब्रमण्यम ने कहा कि एआई और रिन्यूएबल एनर्जी का मिलन तभी सफल माना जाएगा जब बिजली की कुल लागत कम हो और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़े।
वर्तमान में भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 520 GW है, जिसमें 35 GW डिस्ट्रिब्यूटेड कैपेसिटी शामिल है। उन्होंने माना कि अगले दो-तीन साल में एआई डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी के लिए गेम चेंजर होगा और उपभोक्ता अब ‘प्रोज्यूमर’ (उत्पादक और उपभोक्ता दोनों) बनकर सशक्त होंगे।
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एआई: विकास का बुनियादी ढांचा और भविष्य की राह
वर्ल्ड बैंक के वरिष्ठ सलाहकार हेमांग जानी ने समिट में एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि एआई को केवल एक साधारण टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि ‘डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ के रूप में देखा जाना चाहिए।
हालांकि एआई सीधे तौर पर राजकोषीय अनुशासन या शासन सुधार नहीं ला सकता, लेकिन यह इन सभी प्रक्रियाओं को सक्षम और तीव्र बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। PM मोदी AI संबोधन के बाद विशेषज्ञों के बीच यह आम राय बनी है कि एआई का सही इस्तेमाल गवर्नेंस में पारदर्शिता और सुधार लाने का सबसे सशक्त माध्यम बनेगा।
आम जनता के लिए प्रवेश और सीधा प्रसारण
आम जनता के लिए यह समिट सोमवार शाम को प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद 17 फरवरी से खुल जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ यहाँ भारी भीड़ उमड़ेगी। इस पूरे आयोजन को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता है।
जो लोग भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए समिट के सभी कार्यक्रमों, जैसे कीनोट एड्रेस, CEO सेशंस, और थीमैटिक डिस्कशन्स का सीधा प्रसारण ‘IndiaAI’ के आधिकारिक YouTube चैनल (https://youtube.com/@indiaai) पर किया जा रहा है। यह एक्सपो वाकई में वह मंच बन गया है जहाँ पॉलिसी प्रैक्टिस से और इनोवेशन स्केल से मिल रहा है।
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