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 “स्वर्ण आंध्र 2047 विजन” बिल गेट्स और नायडू का डिजिटल गवर्नेंस पर धमाका

स्वर्ण आंध्र 2047 विजन

स्वर्ण आंध्र 2047 विजन आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि गेट्स फाउंडेशन के साथ राज्य की पार्टनरशिप विकास के हर आयाम को बदल देगी। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स की मौजूदगी ने इस भरोसे को और पुख्ता किया।

मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नायडू ने स्पष्ट किया कि दक्षिणी राज्य में विभिन्न परियोजनाओं के लिए गेट्स फाउंडेशन द्वारा सहयोग बढ़ाना राज्य के लिए बेहद खुशी का विषय है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वर्ण आंध्र 2047 विजन, सरकारी नीतियों और आगामी कार्यक्रमों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

उन्होंने ‘X’ पर साझा किया कि अमरावती में उनके विजन पर मंत्रियों और सचिवों ने गेट्स के साथ सार्थक बातचीत की है। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लोगों को सशक्त बनाना और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए गेट्स फाउंडेशन के साथ नए रास्तों की खोज करना था। नायडू ने बिल गेट्स के इस दौरे को “ऐतिहासिक” करार दिया और विश्वास जताया कि इससे राज्य के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

अमरावती से लेकर लेपाक्षी तक: हाई-टेक सिटीज का नया खाका

मुख्यमंत्री नायडू ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की मूल नीति “गवर्नेंस देने की स्पीड” है, जिसके लिए टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वर्ण आंध्र 2047 विजन के तहत राज्य के विभिन्न शहरों को विशिष्ट पहचान दी जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि अमरावती एक ‘क्वांटम वैली’ के रूप में विकसित होगा, जबकि विशाखापत्तनम को ‘डेटा और AI सिटी’ बनाया जाएगा।

काकीनाडा को ‘ग्रीन हाइड्रोजन वैली’ और ओरवाकल को ‘ड्रोन सिटी’ के रूप में पहचान मिलेगी। इतना ही नहीं, रायलसीमा क्षेत्र के लेपाक्षी गांव को एक ‘इलेक्ट्रॉनिक और एयरो सिटी’ में तब्दील किया जाएगा, जबकि पवित्र नगरी तिरुपति एक ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और स्पेस सिटी’ के रूप में उभरेगी।

नायडू के अनुसार, राज्य पहले ही 10 फील्ड और 30 सरकारी विभागों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को तैनात कर चुका है, जो प्रशासनिक दक्षता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

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1997 की वह मुलाकात और हैदराबाद की आईटी क्रांति की यादें

बैठक के दौरान पुरानी यादें भी ताजा हुईं। नायडू ने 1997 में यूनाइटेड आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर बिल गेट्स के साथ हुई अपनी पहली मुलाकात को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने गेट्स को हैदराबाद में माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस बनाने के लिए राजी किया था, जिसके बाद से वहां आईटी सेक्टर में जबरदस्त उछाल आया।

बिल गेट्स ने भी नायडू के विजन की जमकर सराहना की और उन्हें “ग्लोबल लीडर्स में सोच में सबसे आगे” रहने वाला नेता बताया। गेट्स ने कहा कि भारत वर्तमान में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री नायडू दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने नायडू को अपना “पुराना अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा कि जब वह दुनिया को डिजिटल गवर्नेंस समझा रहे थे, तब नायडू इसे जमीन पर लागू कर रहे थे। उन्होंने यह भी माना कि माइक्रोसॉफ्ट के अधिकांश विशेषज्ञ तेलुगु राज्यों से ही आते हैं।

संजीवनी प्रोजेक्ट: स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक से बदलाव की बयार

गेट्स फाउंडेशन के कार्यों का जिक्र करते हुए बिल गेट्स ने बताया कि उनकी संस्था स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने चित्तूर जिले के कुप्पम में चलाए जा रहे ‘संजीवनी प्रोजेक्ट’ के बारे में विशेष जानकारी ली। यह प्रोजेक्ट हेल्थ रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन का एक बेहतरीन उदाहरण है।

गेट्स ने ब्लड शुगर, डायबिटीज और अन्य मेडिकल टेस्ट के रिकॉर्ड्स रखने के तरीके की प्रशंसा की और कहा कि संजीवनी प्रोजेक्ट बहुत अच्छी तरह से चल रहा है।

नायडू ने उन्हें बताया कि AI के इस्तेमाल से पब्लिक हेल्थ सर्विसेज को और भी बेहतर बनाया जा रहा है। गेट्स ने सुझाव दिया कि बायो-डिजाइन के जरिए सस्ती डायग्नोस्टिक सेवाओं की डिलीवरी गरीबों के लिए वरदान साबित हो सकती है और सरकार को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।

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रियल टाइम गवर्नेंस: व्हाट्सएप और ब्लॉकचेन से पारदर्शिता

मुख्यमंत्री ने गेट्स को राज्य के आरटीजीएस (रियल-टाइम गवर्नेंस सिस्टम) केंद्र का दौरा कराया। यहां उन्होंने दिखाया कि कैसे 921 नागरिक सेवाओं को व्हाट्सएप के माध्यम से जनता के लिए सुलभ बनाया गया है। स्वर्ण आंध्र 2047 विजन के केंद्र में पारदर्शिता है, इसीलिए जमीन के रिकॉर्ड्स को सुरक्षित करने के लिए ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और QR कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। गेट्स ने आंध्र प्रदेश के टैक्स कलेक्शन के तरीके की भी सराहना की।

नायडू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि GST के कारण देश भर में टैक्स कलेक्शन तेजी से बढ़ा है। आरटीजीएस केंद्र में युवाओं की ऊर्जा देखकर गेट्स प्रभावित हुए, जहां नायडू ने कहा कि यह सिस्टम बिजनेस करने में आसानी (Ease of Doing Business) प्रदान कर रहा है।

अमरावती का ‘ब्लू एंड ग्रीन’ कॉन्सेप्ट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट

राजधानी अमरावती के निर्माण पर चर्चा करते हुए नायडू ने ‘ब्लू एंड ग्रीन’ कॉन्सेप्ट को पेश किया। इसके तहत शहर के 30% क्षेत्र को जल निकायों (Waterbodies) और हरियाली के लिए रिजर्व रखा जाएगा। बिल गेट्स ने इस विजन की सराहना करते हुए इसे “बहुत अच्छा काम” बताया।

नायडू ने जानकारी दी कि राज्य की GSDP ग्रोथ का अनुमान अब रियल टाइम में ‘की परफॉरमेंस इंडिकेटर्स’ के जरिए लगाया जा रहा है। ‘डेटा लेक’ और व्हाट्सएप गवर्नेंस ने नागरिक सेवाओं को इतना सरल बना दिया है कि यह आधुनिक लोकतंत्र के लिए एक मॉडल बन गया है। इस दौरान उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और नारा लोकेश सहित कैबिनेट के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

प्राकृतिक खेती और ड्रोन तकनीक: खेतों में उतरी आधुनिकता

बैठक के बाद नायडू और बिल गेट्स ने कृष्णा नदी के किनारे उंडावल्ली गांव का दौरा किया। वहां उन्होंने केले के बागों और प्राकृतिक खेती के प्रयोगों को देखा। स्वर्ण आंध्र 2047 विजन में कृषि का डिजिटल कायाकल्प भी शामिल है। गेट्स ने ‘आंध्र प्रदेश एग्रीकल्चर इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम’ का डेमो देखा और स्वयं एक फोटो अपलोड कर AI के माध्यम से फसल के कीड़ों की पहचान करने की तकनीक को परखा।

उन्होंने खेतों में खाद छिड़कने वाले ड्रोन का प्रदर्शन भी देखा और कहा कि मिट्टी के एनालिटिक्स से लेकर ड्रोन तक, खेती में AI का इस्तेमाल एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने वहां ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स का बारीकी से निरीक्षण किया और किसानों के हित में किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की।

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खेल, संस्कृति और भविष्य की उम्मीदों का संगम

दौरे के अंतिम चरण में बिल गेट्स ने विजयवाड़ा के चेन्नुपति रामकोटैया म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन खेलकर अपनी खेल भावना का परिचय दिया। इससे पहले गन्नावरम एयरपोर्ट पर मंत्री नारा लोकेश ने उनका भव्य स्वागत किया था।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि वह 1990 के दशक की उस पहली मुलाकात के लिए आज भी शुक्रगुजार हैं जिसने टेक-ड्रिवन नागरिक सशक्तिकरण की नींव रखी थी।

इस पूरे दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आंध्र प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संसाधनों के साथ, वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के सहयोग से विकास की एक नई इकलौती गाथा लिखने के लिए तैयार है।

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