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‘शर्टलेस’ यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन से AI समिट बना सियासी अखाड़ा? FIR दर्ज

यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन

यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन ने आज दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे अंतरराष्ट्रीय AI इम्पैक्ट समिट 2026 की चमक को उस समय फीका कर दिया, जब कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतारकर नारेबाजी शुरू कर दी।

शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 12:30 बजे हुए इस प्रदर्शन ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। प्रदर्शनकारी ‘प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं’ और ‘डेटा बिकाऊ है’ जैसे नारे लगा रहे थे। दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नरसिम्हा यादव सहित करीब 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

इस घटना के बाद तिलक मार्ग थाने में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब दुनिया भर के दिग्गज भारत की तकनीकी क्षमता देख रहे थे।

कैसे टूटी सुरक्षा की दीवार? जैकेट के नीचे छिपी थी विरोध की ‘शर्ट’

इस यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन की सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर हॉल नंबर 5 तक पहुँचने में सफल रहे।

दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर देवेश माहला ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। वे सामान्य कपड़ों और जैकेट के नीचे प्रदर्शन वाले नारे लिखे टी-शर्ट पहनकर आए थे, ताकि शुरुआती चेकिंग में पकड़ में न आएं।

जैसे ही वे मुख्य स्थल के करीब पहुँचे, उन्होंने अपनी जैकेट उतारी और शर्टलेस होकर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस अब उन QR कोड्स और पासों की जांच कर रही है जिनके जरिए इन लोगों ने एंट्री ली थी, ताकि सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक के कारणों का पता लगाया जा सके।

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मल्लिकार्जुन खड़गे का वार: ‘शो-पीस’ नहीं, यह ‘अव्यवस्था का समिट’ है

इस यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का भी साथ मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह समिट भारत की AI क्षमताओं का प्रदर्शन होना चाहिए था, लेकिन सरकार की ‘पीआर भूख’ ने इसे अराजकता में बदल दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शकों और आगंतुकों को बुनियादी सुविधाएं जैसे भोजन और पानी तक नहीं मिल रहा है। खड़गे का दावा है कि विदेशी मेहमानों के सामने भारत की छवि खराब हुई है क्योंकि अव्यवस्था की वजह से समिट स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बनी रही।

कांग्रेस का कहना है कि यह विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि उन युवाओं की आवाज है जो इस ‘मिसमैनेजमेंट’ से परेशान हैं।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप: ‘भारतीय डेटा सेल पर है और चीनी सामान का बोलबाला’

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन के पीछे के वैचारिक कारण गिनाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारत के टैलेंट और डेटा का उपयोग करने के बजाय इस समिट को एक ‘डिस्कवरी पीआर स्पेक्टेकल’ की तरह पेश कर रही है।

राहुल का कहना है कि भारतीय नागरिकों का कीमती डेटा वैश्विक कंपनियों के लिए सेल पर लगा दिया गया है, जबकि प्रदर्शनी में भारतीय नवाचार के बजाय चीनी उत्पादों का प्रचार हो रहा है।

उन्होंने इसे ‘फेक इन इंडिया’ का नाम दिया। बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी के इसी उकसावे वाले बयान के बाद यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को बाधित करने की कोशिश की।

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‘AI मतलब एंटी-इंडिया’: बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा पलटवार

बीजेपी ने इस यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन को भारत की बढ़ती वैश्विक साख पर हमला बताया है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस के लिए AI का मतलब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ नहीं, बल्कि ‘एंटी-इंडिया’ (Anti-India) है।

उन्होंने इस प्रदर्शन को ‘कैरेक्टरलेस’ और ‘ब्रेनलेस’ करार दिया। बीजेपी का कहना है कि जब दुनिया के बड़े देशों के नेता और सैम ऑल्टमैन व सुंदर पिचाई जैसे दिग्गज भारत की तारीफ कर रहे हैं, तब कांग्रेस अपने ‘फुट सोल्जर्स’ के जरिए देश को शर्मिंदा कर रही है।

पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उन तस्वीरों को भी साझा किया जिनमें प्रदर्शन के मुख्य सूत्रधार नरसिम्हा यादव राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे हैं।

अश्विनी वैष्णव की दो-टूक: ‘समिट की सफलता से डर गई है कांग्रेस’

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी दल समिट की भव्यता और सफलता देखकर डर गया है।

उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि कम से कम तकनीक और देश के भविष्य से जुड़े आयोजनों को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। वैष्णव ने कहा कि इस समिट में 3 लाख से अधिक लोगों का रजिस्ट्रेशन यह साबित करता है कि युवा भारत AI को अपना रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डेटा सुरक्षा को लेकर लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार हैं और भारत के पास दुनिया के सबसे सख्त डिजिटल सुरक्षा कानून हैं। हालांकि, उन्होंने पहले दिन हुई कुछ लॉजिस्टिकल समस्याओं के लिए माफी भी मांगी थी।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह ने की कड़ी निंदा

इस यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन की गूंज उत्तर प्रदेश तक भी पहुँची। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस अराजकता फैलाकर देश की प्रगति को रोकना चाहती है।

उन्होंने इस कृत्य को ‘शर्मनाक’ बताते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस पर दुख जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस तरह का व्यवहार देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान है।

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन पाने के लिए अब ‘अर्बन नक्सल’ वाली रणनीति अपना रही है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निशाना बनाकर हेडलाइंस बटोरने की कोशिश की जाती है।

क्या विरोध का यह तरीका सही था या यह एक ‘सेल्फ-गोल’ है?

अंततः, भारत मंडपम में हुआ यह यूथ कांग्रेस विरोध प्रदर्शन एक लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की शुरुआत है। जहाँ कांग्रेस इसे युवाओं का गुस्सा बता रही है, वहीं दिल्ली पुलिस की FIR और बीजेपी के आक्रामक रुख ने इसे ‘देश-विरोधी’ रंग दे दिया है।

गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं पर क्या कार्रवाई होती है और क्या राहुल गांधी इस पर अपनी आधिकारिक सफाई देंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, भारत मंडपम में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अगले दो दिनों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं।

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