NEET UG अब होगा कंप्यूटर-आधारित:अब 21 जून को री-एग्जाम
NEET अब कंप्यूटर आधारित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET UG, अब एक नए युग में प्रवेश कर रही है। पिछले कुछ हफ्तों से पेपर लीक और धांधली के आरोपों से घिरी केंद्र सरकार ने आखिरकार परीक्षा प्रणाली को जड़ से बदलने का निर्णय लिया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि अगले साल से NEET UG परीक्षा पारंपरिक ‘पेन-एंड-पेपर’ मोड के बजाय ‘कंप्यूटर-आधारित टेस्ट’ (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
यह फैसला गुरुवार रात शिक्षा मंत्री के आवास पर हुई एक उच्च-स्तरीय मैराथन बैठक के बाद लिया गया, जिसमें शिक्षा सचिव, NTA महानिदेशक और CBSE चेयरमैन सहित कई दिग्गज अधिकारी शामिल थे।
“कमांड चेन में चूक हुई, हम सुधारेंगे”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बेहद गंभीर लहजे में स्वीकार किया कि मौजूदा व्यवस्था में कमियां रही हैं। उन्होंने कहा, “राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के बावजूद कमांड चेन में कुछ स्तर पर चूक हुई है।
एक अभिभावक और मंत्री के तौर पर मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। हम शिक्षा माफिया के खिलाफ एक लंबी और निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
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CBT मोड क्यों है भविष्य की जरूरत?
विशेषज्ञों और राधाकृष्णन समिति का मानना है कि 20 लाख से अधिक छात्रों वाली ऑफलाइन परीक्षा में छपाई से लेकर परिवहन तक कई ऐसे ‘लीकेज पॉइंट’ होते हैं जहाँ सुरक्षा में सेंध लग सकती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के आने से कई बदलाव होंगे:
सुरक्षित वितरण: प्रश्न पत्र डिजिटल रूप से एन्क्रिप्टेड होंगे, जो परीक्षा शुरू होने के कुछ समय पहले ही केंद्रों पर खुलेंगे।पारदर्शिता और लचीलापन: छात्र अपने विकल्पों को आसानी से बदल सकेंगे और मूल्यांकन की प्रक्रिया तेज व सटीक होगी।
मल्टी-सेशन टेस्टिंग: एक ही शिफ्ट में लाखों छात्रों की परीक्षा कराने के बजाय, इसे कई दिनों और पालियों में बांटा जा सकेगा, जिससे पेपर लीक का जोखिम न्यूनतम हो जाएगा।
21 जून का री-एग्जाम: छात्रों के लिए अहम निर्देश
विवादों के बाद रद्द हुई परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। सरकार ने छात्रों की सहूलियत के लिए कुछ विशेष रियायतें दी हैं:
अतिरिक्त समय: दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।केंद्र चुनने की आजादी: छात्र अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र का चयन कर सकेंगे।
एडमिट कार्ड: 14 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर नए एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।शून्य शुल्क: री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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NTA का पुनर्गठन और भविष्य की चुनौतियां
समिति की रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर काम का बोझ उनकी क्षमता से अधिक हो गया है। 2019 से अब तक उम्मीदवारों की संख्या लगभग दोगुनी (67 लाख से 122 लाख) हो गई है।
सरकार अब NTA के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त और जवाबदेह बनाने पर काम कर रही है। संदिग्ध केंद्रों की निगरानी के लिए अब स्थानीय पुलिस और खुफिया इकाइयों के साथ बेहतर समन्वय बिठाया जाएगा।
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विशेषज्ञों की चेतावनी: डिजिटल सुरक्षा भी है चुनौती
जहाँ कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) फिजिकल लीक को रोकता है, वहीं यह साइबर हमलों और हैकिंग के प्रति संवेदनशील होता है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सरकार एक ‘फूलप्रूफ’ सॉफ्टवेयर और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी न हो।
NEET UG 2026 का संकट केवल एक परीक्षा की विफलता नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए ‘वेक-अप कॉल’ है। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और डिजिटल ट्रांजिशन की दिशा में उठाए गए ये कदम लाखों छात्रों के टूटे हुए भरोसे को वापस जोड़ने की एक कोशिश हैं।
अब सबकी नजरें 21 जून को होने वाली सुरक्षित परीक्षा और भविष्य के पारदर्शी सिस्टम पर टिकी हैं। छात्रों के लिए NEET एग्जाम अब कंप्यूटर आधारित होगा ।
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