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“बीजेपी नई टीम पीयूष गोयल” पीयूष गोयल बने BJP राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष,

बीजेपी टीम पीयूष गोयल

बीजेपी नई टीम पीयूष गोयल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा घोषित नई संगठनात्मक टीम के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की संगठन में राष्ट्रीय महासचिव के रूप में वापसी हुई है।

पीयूष गोयल की इस नई नियुक्ति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल की अटकलों को काफी हवा मिल गई है।

पीयूष गोयल की नियुक्ति और ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का सिद्धांत

पीयूष गोयल नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में शामिल किए जाने वाले एकमात्र मौजूदा केंद्रीय मंत्री हैं। उनकी इस नियुक्ति ने बीजेपी के अलिखित लेकिन ऐतिहासिक सिद्धांत एक व्यक्ति, एक पद” पर फिर से बहस छेड़ दी है।

मंत्रालय की जिम्मेदारी: गोयल वर्तमान में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय संभाल रहे हैं और अमेरिका के साथ जारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) सहित कई वैश्विक व्यापार वार्ताओं में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।

क्या कैबिनेट छोड़ेंगे गोयल? बीजेपी में सामान्यतः बड़े सरकारी पदों पर बैठे नेताओं को प्रमुख संगठनात्मक पद नहीं दिए जाते। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या आगामी कैबिनेट फेरबदल में गोयल को पूर्ण रूप से संगठन के काम में लगाया जाएगा।

नियम के अपवाद: हालांकि, बीजेपी में इस नियम के अपवाद भी रहे हैं। इससे पहले जेपी नड्डा केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी बीजेपी अध्यक्ष पद संभाल चुके हैं।

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पारिवारिक विरासत और संगठनात्मक अनुभव

कोषाध्यक्ष के रूप में पीयूष गोयल की नियुक्ति का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पहलू भी है:

पिता की विरासत: पीयूष गोयल के पिता, स्वर्गीय वेद प्रकाश गोयल, दो दशकों से भी अधिक समय तक बीजेपी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रहे थे।

अनुभव: पीयूष गोयल खुद भी पहले पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। चुनाव प्रबंधन और पार्टी के वित्तीय संचालन में उनका अनुभव बेहद समृद्ध माना जाता है।

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स्मृति ईरानी की बड़ी वापसी: ‘कार्यकर्ता से महासचिव तक का सफर’

दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में वापसी को संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

नियुक्ति के बाद स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:

“एक आम बीजेपी कार्यकर्ता से राष्ट्रीय महासचिव बनने तक का यह सफर अत्यंत विनम्रता का अनुभव है। ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत से प्रेरित होकर, मैं संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा से काम करूंगी।”

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क्या मोदी सरकार में जल्द होगा फेरबदल?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी संगठन में किए गए ये बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं हैं। पीयूष गोयल जैसे वरिष्ठ मंत्री को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपना और स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी यह संकेत देती है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और भावी राजनीतिक रणनीति के तहत अपने अनुभवी नेताओं के काम का बंटवारा कर रही है।

यदि आने वाले हफ्तों में मोदी कैबिनेट में फेरबदल होता है, तो पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी की नई भूमिकाएं उस पुनर्गठन का केंद्र बिंदु साबित हो सकती हैं।

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