IIM कोलकाता बलात्कार : आरोपी हिरासत में, पिता का चौंकाने वाला दावा
IIM कोलकाता बलात्कार मामले ने देशभर में सनसनी फैला दी है। इस घटना ने एक बार फिर केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- बहुचर्चित IIM कोलकाता कथित बलात्कार मामले के आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
- महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन को 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
- हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में महिला द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
- अलीपुर अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया।
आरोपों की पूरी कहानी
पुलिस अधिकारी के अनुसार, IIM-कलकत्ता के लड़कों के छात्रावास के अंदर कथित घटना शुक्रवार को हुई। महिला, जो एक नैदानिक मनोवैज्ञानिक है, ने FIR में बताया कि आरोपी ने उसे परामर्श सत्र के लिए छात्रावास में बुलाया था। वहाँ उसने नशीले पदार्थ से युक्त पेय पीने के बाद वह बेहोश हो गई। होश में आने पर उसे एहसास हुआ कि उसके साथ बलात्कार हुआ था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
- इस घटना से पहले कोलकाता में एक और सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था।
- यह भयावह घटना 25 जून को साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज के अंदर हुई थी।
- इस मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- जाँच के लिए पाँच सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।
बचाव पक्ष और पिता का चौंकाने वाला बयान
सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष के वकील ने आरोपियों की 25 जुलाई तक पुलिस हिरासत की माँग की। हालांकि, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता ने बलात्कार से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ऑटो रिक्शा से गिर गई थी। पिता ने यह भी बताया कि उनकी बेटी को पुलिस स्टेशन में शिकायत के तौर पर कुछ लिखने को कहा गया था, और उसने वैसा ही किया। पिता ने बताया कि उन्हें शुक्रवार रात 9.34 बजे सूचना मिली कि उनकी बेटी ऑटो से गिर गई है और बेहोश हो गई है। इसके बाद, उनकी बेटी को SSKM अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस उसे बचाकर वहाँ ले गई थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी बेटी किसी मानसिक आघात में है, तो उन्होंने जवाब दिया, “नहीं, वह पूरी तरह से स्वस्थ है।”
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
पुलिस ने शनिवार को बताया कि भारतीय प्रबंधन संस्थान-कलकत्ता की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसके कॉलेज के एक साथी ने लड़कों के छात्रावास में उसके साथ बलात्कार किया। महिला द्वारा हरिदेवपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद, आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। मामला दर्ज होने के बाद, आरोपी, जिसकी पहचान महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन के रूप में हुई, को गिरफ्तार कर लिया गया।
- IIM कोलकाता बलात्कार मामले में जाँच जारी है।
- अधिकारी IIM-कलकत्ता परिसर में हुई कथित घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जाँच कर रहे हैं।
- संस्थान ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस बीच, विपक्षी कांग्रेस और माकपा ने कहा कि IIM-कलकत्ता परिसर के अंदर कथित बलात्कार का मामला पश्चिम बंगाल में “बिगड़ती” कानून-व्यवस्था को दर्शाता है।
- उन्होंने एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान में “सुरक्षा में चूक” का मुद्दा भी उठाया।
- जहाँ अपराधी महिलाओं पर अत्याचार करने से नहीं डरते।
- यह घटना समाज में व्याप्त असुरक्षा की भावना को उजागर करती है।
पिता का चौंकाने वाला खंडन और उनकी बेटी का बयान
पीड़िता के पिता ने यह भी कहा कि उनकी बेटी ने पुलिस को मेडिकल जाँच के दौरान कुछ नहीं बताया। “मैंने अपनी बेटी से बात की है। उसने कहा कि किसी ने उसे प्रताड़ित नहीं किया और न ही उसके साथ कोई दुर्व्यवहार किया। मुझे मेरी बेटी वापस मिल गई है, वह सामान्य है।” गिरफ़्तार किए गए व्यक्ति से उसका कोई संबंध नहीं है। “मैं उससे ज़्यादा बात नहीं कर पाया हूँ। वह सो रही है। मैं उसके जागने के बाद उससे बात करूँगा… वह एक दस्तावेज़ जमा करने गई थी,” पिता ने कहा। IIM कोलकाता बलात्कार मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। यह देखना होगा कि इस जटिल मामले में न्याय किस दिशा में आगे बढ़ता है।



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