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अमेरिका ने TRF को आतंकी संगठन घोषित किया भारत की प्रशंसा

TRF आतंकी संगठन घोषित

अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के घातक पहलगाम हमले की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन TRF को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को घोषणा की कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), जो पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का प्रतिनिधि संगठन है, को FTO (Foreign Terrorist Organization) और SDGT (Specially Designated Global Terrorist) दोनों घोषित किया गया है। अब TRF पर अमेरिकी क्षेत्राधिकार के तहत आर्थिक प्रतिबंध लागू होंगे, जिससे यह किसी भी प्रकार की वैश्विक वित्तीय सहायता से वंचित हो जाएगा।

पहलगाम हमला बना आधार

अमेरिका की यह घोषणा 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के तीन महीने बाद आई है। उस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे घातक हमला माना गया है। विदेश विभाग ने कहा, “TRF ने न केवल इस हमले की जिम्मेदारी ली, बल्कि पिछले वर्षों में भारतीय सुरक्षा बलों पर भी कई हमलों को अंजाम दिया है।”

मुख्य बिंदु :

  1. अमेरिका ने लश्कर-प्रॉक्सी टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर वित्तीय प्रतिबंध लगाए।
  2. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की ज़िम्मेदारी टीआरएफ ने ली थी, जिसमें 26 नागरिक मरे।
  3. भारत ने अमेरिका के फैसले का स्वागत किया, इसे आतंकवाद विरोधी साझेदारी का प्रमाण बताया।
  4. पाकिस्तान ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए जांच को अधूरी बताया और संबंधों से इनकार किया।
  5. चीन ने अप्रत्याशित रूप से हमले की निंदा की और आतंकवाद पर क्षेत्रीय सहयोग की मांग की।
  6. टीआरएफ पहले भी कश्मीर में हमलों की ज़िम्मेदारी ले चुका है, भारत पहले ही इसे आतंकी घोषित कर चुका।
  7. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पीओके स्थित आतंकी ढाँचों को निशाना बनाया, शत्रुता 10 मई को थमी।

भारत ने अमेरिका का आभार जताया

भारत ने अमेरिका के इस कदम का त्वरित स्वागत किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे “भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग की सशक्त अभिव्यक्ति” बताया। विदेश मंत्रालय ने इसे समयोचित और रणनीतिक कदम करार देते हुए वैश्विक आतंकवाद विरोधी एकजुटता को और मजबूत करने का आह्वान किया। भारत पहले ही जनवरी 2023 में गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत टीआरएफ को आतंकी संगठन घोषित कर चुका है।

पाकिस्तान की असहज प्रतिक्रिया

अमेरिका द्वारा TRF आतंकी संगठन घोषित किए जाने पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने कहा

  • कि जांच अधूरी है
  • TRF या लश्कर-ए-तैयबा से किसी तरह का संबंध “जमीनी हकीकत” के खिलाफ है।
  • इस्लामाबाद ने लश्कर को “निष्क्रिय और प्रतिबंधित संगठन बताया और खुद को आतंकवाद विरोधी अग्रिम मोर्चे का देश” करार दिया।
  • उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में 25 अप्रैल को TRF का नाम हटवाने के प्रयासों को अपनी कूटनीतिक जीत बताया

चीन ने अप्रत्याशित सख्ती दिखाई

इस बार चीन का रुख सामान्य नहीं रहा बीजिंग ने न सिर्फ पहलगाम हमले की निंदा की, बल्कि पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष चेतावनी भी दी।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने स्पष्ट कहा,

“हम सभी प्रकार के आतंकवाद का विरोध करते हैं और क्षेत्रीय देशों को सहयोग बढ़ाना चाहिए।”

यह पहली बार है जब चीन ने लश्कर के किसी प्रॉक्सी संगठन की गतिविधियों पर इस हद तक सार्वजनिक टिप्पणी की है। विशेषज्ञ इसे चीन की रणनीतिक संतुलन की दिशा में परिवर्तन मान रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय तनाव

पहलगाम हमले के बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसमें पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में टीआरएफ और लश्कर के ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए गए। संघर्ष चार दिन तक चला, जिसके बाद 10 मई को भारत-पाक के बीच संघर्षविराम हुआ। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने बार-बार खुद को निर्दोष बताया, जबकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति को साक्ष्य सौंपे।

TRF की पृष्ठभूमि और गतिविधियाँ

  • TRF ने 2019 में सोशल मीडिया पर अपने गठन की घोषणा की थी।
  • इसे लश्कर-ए-तैयबा का नया मुखौटा माना गया, ताकि पुराने नामों से जुड़े प्रतिबंधों से बचा जा सके।
  • 2021 में टीआरएफ ने कश्मीर में लक्षित हत्याओं की ज़िम्मेदारी ली थी।
  • श्रीनगर में ग्रेनेड हमले में 7 नागरिक घायल हुए थे।
  • भारत ने इसे पहले ही यूएपीए के तहत प्रतिबंधित कर रखा है।

रणनीतिक विश्लेषण: क्या बदलेगा इस फैसले से?

कबीर तनेजा (ORF) ने कहा, “TRF का नाम भ्रामक है – यह धार्मिक नहीं, राजनीतिक प्रतिरोध दर्शाता है। इसे आतंकी घोषित करना वैश्विक स्वीकार्यता को झटका देगा।” उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिका-पाक के बीच संतुलन साधने, और भारत के साथ व्यापार/सुरक्षा गठबंधनों को मज़बूत करने का संकेत भी है।

संयुक्त राष्ट्र में भविष्य की कार्रवाई की उम्मीद

संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति इस मुद्दे पर फिर विचार कर सकती है। अभी तक लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद, हाफ़िज़ सईद और मसूद अज़हर पर प्रतिबंध लगे हैं। अब उम्मीद है कि टीआरएफ को भी इस सूची में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा।

वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक मोड़

TRF आतंकी संगठन घोषित करने का अमेरिका का फैसला सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए निर्णायक है। चीन का अप्रत्याशित रुख, पाकिस्तान की हड़बड़ी, और भारत की कूटनीतिक सफलता – ये सब मिलकर एक नई क्षेत्रीय संतुलन रेखा खींचते हैं।

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