AAIB का खंडन: एयर इंडिया क्रैश पर इटली की रिपोर्ट को बताया ‘बकवास’
अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर अब AAIB का खंडन सामने आया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इटैलियन मीडिया की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि पायलट की गलती की वजह से एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 क्रैश हुई थी। मोहोल ने इस बात पर जोर दिया कि हादसे की जांच अभी भी चल रही है और किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने जनता से अपील की कि वे बाहरी स्रोतों के बजाय भारतीय जांच एजेंसियों पर भरोसा रखें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक फाइनल रिपोर्ट आधिकारिक रूप से जारी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की टिप्पणी करना सही नहीं होगा।
विदेशी मीडिया का सनसनीखेज दावा: ‘पायलट ने जानबूझकर बंद किया फ्यूल’
इटली के प्रमुख अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ ने अपनी रिपोर्ट में एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय जांचकर्ता अपनी अंतिम रिपोर्ट में यह बताने की तैयारी कर रहे हैं कि फ्लाइट AI171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने विमान का फ्यूल कंट्रोल “RUN से CUTOFF” मोड पर कर दिया था।
अखबार ने इसे “लगभग निश्चित रूप से” जानबूझकर किया गया काम बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग (CVR) से बैकग्राउंड नॉइज़ हटाने के बाद यह साफ हुआ कि किस पायलट ने यह स्विच बंद किया था।
विदेशी पब्लिकेशन ने दावा किया कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली, जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि क्रैश पूरी तरह से मानवीय हरकत का परिणाम था।
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पायलट सुमीत सभरवाल पर आरोप और परिवारों का तीखा विरोध
इटैलियन अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत पायलट सुमीत सभरवाल का नाम लेकर उन्हें इस पूरे मामले के केंद्र में खड़ा कर दिया है। सभरवाल की इस दुखद हादसे में मौत हो गई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि फ्लाइट कैप्टन की ओर इशारा करने वाला यह नतीजा अमेरिकी विशेषज्ञों के लिए एक “वांछित टर्निंग पॉइंट” होगा, जो भारतीय अधिकारियों को सबूत पेश करने में मदद कर रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों के बाद AAIB का खंडन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि भारतीय पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस जांच के तरीके की कड़ी आलोचना की है। परिवार का कहना है कि यह जांच केवल पायलटों पर दोष मढ़ने के लिए की जा रही है, जबकि विमान बनाने वाली कंपनी और एयरलाइन की भूमिका की भी गहरी जांच होनी चाहिए।
एजेंसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया: रिपोर्ट को ‘गलत और अंदाज़ा लगाने वाली’ बताया
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने उन सभी मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें जांच के पूरा होने का दावा किया गया था। AAIB का खंडन करते हुए एजेंसी ने कहा कि ऐसी खबरें “गलत और अंदाज़े पर आधारित” हैं। एजेंसी ने स्पष्ट रूप से कहा, “जांच अभी भी चल रही है।
अभी कोई आखिरी नतीजा नहीं निकला है।” ब्यूरो ने अपनी शुरुआती जांच का जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार ही अंतिम जांच रिपोर्ट पब्लिश की जाएगी, जिसमें सभी तकनीकी नतीजों और सुरक्षा सुझावों को विस्तार से शामिल किया जाएगा।
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अहमदाबाद क्रैश: भारत के सबसे खतरनाक हवाई हादसों में से एक का काला दिन
यह पूरा विवाद 12 जून, 2025 को हुए उस भयावह हादसे से जुड़ा है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट AI171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी।
इस दिल दहला देने वाली घटना में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। इसे भारत के विमानन इतिहास के सबसे खतरनाक हादसों में से एक माना जाता है।
हादसे के बाद से ही दुनिया भर की नजरें भारतीय जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, लेकिन विदेशी मीडिया की बयानबाजी ने कूटनीतिक और तकनीकी स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है।
केंद्रीय मंत्री का कड़ा रुख: ‘बाहरी लोगों पर नहीं, अपनी एजेंसियों पर करें भरोसा’
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने शनिवार को पीटीआई (PTI) से बात करते हुए देश की संप्रभुता और जांच की निष्पक्षता का पक्ष लिया। उन्होंने सवाल किया, “क्या हमें अपनी एजेंसियों पर भरोसा करना चाहिए या बाहरी लोगों पर?”
मंत्री ने बार-बार इस बात को दोहराया कि भारतीय एजेंसियां पूरी मेहनत से मामले की तह तक जाने में लगी हैं। AAIB का खंडन भी इसी ओर इशारा करता है कि भारत किसी भी बाहरी दबाव या मीडिया ट्रायल के आधार पर जांच के नतीजों को प्रभावित नहीं होने देगा।
सरकार का मानना है कि विदेशी रिपोर्टों ने केवल अटकलों को हवा दी है, जिससे पीड़ितों के परिवारों को अनावश्यक मानसिक पीड़ा हो रही है।
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तकनीकी विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की भूमिका पर उठते सवाल
इटैलियन रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि अमेरिकी विशेषज्ञों ने भारतीय पक्ष को ऐसे सबूत दिए हैं जिन्हें नकारा नहीं जा सकता। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च स्तरीय विश्लेषण ने गलती की किसी भी संभावना को खत्म कर दिया है और सीधे तौर पर मानवीय हस्तक्षेप की पुष्टि की है।
हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने हमेशा इस हादसे में मानवीय भूमिका की किसी भी पूर्व-निश्चित संभावना से इनकार किया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने कहा कि वे सभी अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रहे हैं और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर एक डेटा पॉइंट का बारीकी से मिलान किया जा रहा है।
फाइनल रिपोर्ट के इंतजार में विमानन जगत और पीड़ितों के परिजन
अंततः, एयर इंडिया फ्लाइट AI171 हादसे की सच्चाई क्या है, यह तो अंतिम आधिकारिक रिपोर्ट ही बताएगी। वर्तमान में, विदेशी मीडिया के दावे और उस पर सरकार एवं AAIB का खंडन यह दर्शाता है कि यह मामला अब केवल एक दुर्घटना की जांच नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साख की लड़ाई बन गया है।
260 परिवारों की उम्मीदें अब भारतीय जांचकर्ताओं के निष्पक्ष फैसले पर टिकी हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं होते, तब तक किसी भी निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। विमानन जगत अब उस फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है जो भविष्य के लिए सुरक्षा मानक तय करेगी और इस हादसे के कारणों से पर्दा उठाएगी।
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