अंधेरी MIDC केमिकल रिसाव: ज़हरीला धुआँ, 1 मौत और लापरवाही के सवाल
मुंबई में अंधेरी MIDC केमिकल रिसाव की एक बेहद दुखद घटना ने औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को एक फैक्ट्री में केमिकल लीक होने से 20 साल के एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक टीनएजर समेत दो अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हृदय विदारक घटना मुंबई के अंधेरी स्थित महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) इलाके के भांगरवाड़ी में एक दो मंज़िला बिल्डिंग के अंदर शाम करीब 4:55 बजे हुई। ज़हरीला धुआँ सूंघने से हालात बिगड़े, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
कैसे घटी दुर्घटना? जानें क्या हुआ
अधिकारियों के मुताबिक, शाम 4:55 बजे भांगरवाड़ी की दो मंज़िला बिल्डिंग के अंदर से केमिकल लीक होने की खबर मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया। न्यूज़ एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, केमिकल लीक होने के बाद वहां मौजूद तीन लोगों की हालत गंभीर हो गई क्योंकि उन्होंने सीधे ज़हरीला धुआं अंदर ले लिया था। रिसाव की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत हरकत में आईं और बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि, लीक हुए केमिकल की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, जिसने स्थिति की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। मौके पर तलाशी अभियान चल रहा है और नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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मृतक की पहचान और घायलों की स्थिति
इस दुर्घटना में जिस 20 वर्षीय युवक की मौत हुई है, उसकी पहचान अहमद हुसैन के तौर पर की गई है। अधिकारियों ने बताया कि उसने केमिकल लीक होने की वजह से ज़हरीला धुआँ सूंघ लिया था, जिसके कारण उसकी हालत तेज़ी से बिगड़ी। गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती कराए गए दो लोगों में 28 साल के नौशाद अंसारी और 17 साल की सबा शेख शामिल हैं, जो एक टीनएजर हैं। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के अनुसार, जब केमिकल का रिसाव हुआ तब ये तीनों लोग फैक्ट्री के अंदर मौजूद थे।
होली स्पिरिट हॉस्पिटल में चल रहा इलाज
सभी पीड़ितों को तुरंत पास के होली स्पिरिट हॉस्पिटल ले जाया गया। दुख की बात यह है कि अहमद हुसैन को अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया, जिससे यह दुर्घटना और भी भयावह हो गई। वहीं, नौशाद अंसारी और सबा शेख को हॉस्पिटल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी ने आगे कहा कि Ansari और Saba की हालत गंभीर बनी हुई है और वे डॉक्टर की सघन निगरानी में हैं। अंधेरी MIDC केमिकल रिसाव ने तीन परिवारों पर कहर बरपाया है, जिनमें से एक ने अपना सदस्य खो दिया है।
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NDRF और दमकल विभाग की गहन जांच जारी
इस खतरनाक अंधेरी MIDC केमिकल रिसाव के कारण और वास्तविक स्वरूप की जांच के लिए फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। लीक का कारण अभी भी अज्ञात है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ज़िम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अधिकारी लगातार स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह भयानक रिसाव किस केमिकल के कारण हुआ।
उत्तर प्रदेश में भी हुआ था गैस लीक का एक और हादसा
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे समय में हुई है जब देश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे ही हादसे सामने आए हैं। Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, दिन में पहले, उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला शहर के एक प्राइवेट स्कूल में गैस लीक होने की वजह से कम से कम 16 स्टूडेंट बेहोश हो गए थे। यह हादसा स्कूल की लैब से हुआ माना जा रहा है।
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हरदोई घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश
हरदोई की घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत ध्यान दिया और अधिकारियों को घटना की पूरी जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि घायल बच्चों का सही इलाज पक्का किया जाए। हरदोई के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अनुनय झा ने कहा कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और लीक का कारण पता चलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने एहतियात के तौर पर ज़िले के दूसरे स्कूलों में भी सेफ़्टी चेक करने को कहा है।
सुरक्षा पर सवाल: क्या सबक लिया जाएगा?
मुंबई और हरदोई दोनों जगह हुई ये घटनाएं औद्योगिक इकाइयों और शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अंधेरी MIDC केमिकल रिसाव एक गंभीर याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। ज़हरीला धुआं सूंघने से एक मासूम जान चली गई, जो लापरवाही का ही नतीजा है। अधिकारियों को चाहिए कि वे न सिर्फ जांच करें, बल्कि पूरे ज़िले के इंडस्ट्रियल यूनिट्स में सुरक्षा ऑडिट के लिए एडवाइज़री जारी करें ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।
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