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“भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट”में 7 की मौत, अवैध पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश

भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट

भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट राजस्थान के अलवर जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां सोमवार सुबह खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम सात मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई।

भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट की यह गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है, क्योंकि जिस यूनिट को रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री के तौर पर रजिस्टर किया गया था, वहां नियमों को ताक पर रखकर मौत का सामान यानी पटाखे बनाए जा रहे थे।

सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे हुए इस जबरदस्त धमाके ने न केवल चार लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया, बल्कि इंडस्ट्रियल सेफ्टी के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।

धमाके की गूँज और मंजर-ए-खौफ: कंकालों में तब्दील हुए शव

खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में जब यह हादसा हुआ, तो मंजर इतना डरावना था कि राहतकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। आग इतनी भीषण थी कि शुरुआती घंटों में कोई भी फैक्ट्री के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। जब आग पर काबू पाया गया, तो अंदर लाशें नहीं बल्कि केवल कंकाल बिखरे पड़े थे।

इन अवशेषों को पॉलीथीन बैग में लपेटकर बाहर निकाला गया। पुलिस और प्रशासन के अनुसार, मरने वाले सभी मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। इस भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट में घायल हुए अनूप कुमार, जुन्नू, विवेक और मन्नू को नाजुक हालत में जयपुर और दिल्ली के अस्पतालों में रेफर किया गया है।

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गारमेंट फैक्ट्री के नाम पर बारूद का खेल

जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट सुमित्रा मिश्रा ने पुष्टि की है कि यह यूनिट प्लॉट नंबर G-1-118 B पर स्थित थी और कागजों में यह रेडीमेड कपड़े बनाने के लिए रजिस्टर्ड थी। लेकिन मौके से भारी मात्रा में बारूद, आधे-अधूरे बने पटाखे और पैकिंग कंटेनर बरामद हुए हैं।

जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री मालिक राजेंद्र ने इस जगह को तिवारी नाम के व्यक्ति को किराए पर दिया था। फायर ब्रिगेड इंचार्ज नरेश मीणा के अनुसार, सुबह 9:18 बजे सूचना मिलते ही 6 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए, लेकिन अंदर रखे गैस सिलेंडरों के फटने और कार्डबोर्ड के भारी स्टॉक की वजह से आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।

हिडन कैमरे का चौंकाने वाला खुलासा: बाहर से बंद रहता था गेट

एक न्यूज़ रिपोर्ट की हिडन कैमरा जांच में इस काली सच्चाई से पर्दा उठा है कि यह फैक्ट्री पूरी तरह अवैध और असुरक्षित थी। जांच में पता चला कि कामगारों को सुबह 8 बजे अंदर भेजकर मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा दिया जाता था, ताकि बाहर से देखने पर फैक्ट्री बंद लगे। यह ताला शाम 6 बजे ही खुलता था।

यानी मजदूर अंदर कैद होकर बारूद के बीच काम करने को मजबूर थे। एक नाबालिग वर्कर ने बताया कि वह उस दिन छुट्टी पर था, इसलिए उसकी जान बच गई। फैक्ट्री में करीब 27-28 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से कई नाबालिग भी बताए जा रहे हैं।

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किचन के चूल्हे और बारूद के बीच महज कुछ फीट का फासला

जांच के दौरान फैक्ट्री के अंदर एक छोटा किचन एरिया भी मिला, जहां घटना के वक्त चूल्हे पर दाल और चावल पक रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी किचन की चिंगारी ने बारूद को पकड़ लिया और एक जोरदार धमाका हुआ।

फैक्ट्री के एक बड़े हॉल को स्टोरेज के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि दूसरे कमरे में मशीनें लगी थीं। भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट के वक्त साइट पर करीब 20 मजदूर मौजूद थे। फिलहाल पूरी यूनिट राख के ढेर में तब्दील हो चुकी है और चारों तरफ जले हुए पटाखों का मलबा बिखरा पड़ा है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

इस भीषण त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “राजस्थान के भिवाड़ी में आग लगने की घटना दुखद और बहुत दुखद है।

जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।” वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इसे ‘दिल दहला देने वाली’ घटना करार दिया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की है।

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प्रशासनिक कार्रवाई और उठते गंभीर सवाल

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमाके के कारणों, अवैध पटाखा निर्माण और फायर सेफ्टी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि यदि कोई फैक्ट्री उस उद्देश्य के लिए काम नहीं कर रही है जिसके लिए प्लॉट अलॉट किया गया था, तो उसका आवंटन तुरंत निरस्त किया जाएगा। हालांकि, ग्राउंड जीरो पर रिपोर्टिंग के दौरान जब अधिकारियों से सुरक्षा चूक पर सवाल पूछे गए, तो वे जवाब देने से बचते नजर आए।

राजनीतिक घमासान और भविष्य की चुनौतियां

इस भिवाड़ी फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद राजस्थान की सियासत भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए औद्योगिक सुरक्षा और प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाए हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राज्य की सभी फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी नियमों को और कड़ा किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन FSL रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि मालिक और किराएदार के खिलाफ क्रिमिनल लापरवाही का मामला पुख्ता किया जा सके।

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