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“भोजपुर डांसर सिक्का कांड”जबरन सिक्का निगलने से डांसर की हालत नाजुक,

भोजपुर डांसर सिक्का कांड

बिहार के भोजपुर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। भोजपुर डांसर सिक्का कांड ने न केवल पब्लिक इवेंट्स में भीड़ के हिंसक बर्ताव को उजागर किया है, बल्कि कलाकारों की सुरक्षा और सम्मान पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

यह विचलित करने वाली घटना भोजपुर के चंदवा टोला इलाके में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान घटी। चश्मदीदों के मुताबिक, एक कलाकार जब अपनी प्रस्तुति से भारी भीड़ का मनोरंजन कर रही थी, तभी कुछ दर्शक अपना आपा खो बैठे और जोश-जोश में स्टेज पर चढ़ गए।

इसके बाद जो हुआ उसने मानवता को शर्मसार कर दिया; भीड़ ने जबरन डांसर के मुंह में सिक्के डाल दिए, जिससे उसकी जान पर बन आई।

जश्न के बीच अफरा-तफरी: सिक्के निगलने के बाद बिगड़ी डांसर की हालत

चंदवा टोला में चल रहा यह सांस्कृतिक कार्यक्रम अचानक चीख-पुकार में बदल गया। जैसे ही उपद्रवी दर्शकों ने डांसर के मुंह में सिक्के डाले, उसे तुरंत बेचैनी महसूस होने लगी और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। देखते ही देखते वेन्यू पर अफरा-तफरी मच गई।

जो माहौल कुछ देर पहले तक संगीत और नृत्य से गूंज रहा था, वह अब डर और दहशत के साये में था। भोजपुर डांसर सिक्का कांड की शिकार महिला कलाकार को गंभीर अवस्था में तुरंत आरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का व्यवहार इतना अनियंत्रित था कि सुरक्षा के तमाम इंतजाम धरे के धरे रह गए और कलाकार की निजी गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया गया।

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पश्चिम बंगाल से आरा आई थी कलाकार: पति ने सुनाई आपबीती

इस मामले में पीड़ित डांसर के पति राजू कुमार ने घटना की दर्दनाक सच्चाई बयां की है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और एक लोकल इवेंट में अपनी परफॉर्मेंस देने के लिए आरा आई थी।

राजू कुमार के अनुसार, “मेरी पत्नी स्टेज पर डांस कर रही थी, तभी कुछ दर्शक अचानक ऊपर चढ़ गए और पूरी ताकत के साथ उसके मुंह में सिक्के डालने लगे। इस छीना-झपटी और हंगामे में उसने एक सिक्का निगल लिया।

” इस खुलासे ने भोजपुर डांसर सिक्का कांड की गंभीरता को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह साफ तौर पर भीड़ की हिंसा और जबरदस्ती का मामला नजर आ रहा है।

आरा सदर अस्पताल में मेडिकल इमरजेंसी: डॉक्टरों ने निकाला सिक्का

आरा सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए डांसर का उपचार शुरू किया। मेडिकल प्रोफेशनल्स की एक टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसके गले में फंसे सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है। हालांकि, सिक्का निकल जाने के बावजूद खतरा अभी टला नहीं है।

डॉक्टरों का कहना है कि डांसर की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे 24 घंटे की कड़ी मेडिकल निगरानी (Medical Observation) में रखा गया है।

गले और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में कितनी चोट आई है, इसका पता लगाने के लिए कई और टेस्ट किए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगर रिपोर्ट्स में कोई जटिलता पाई गई, तो और भी मेडिकल प्रोसीजर किए जा सकते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल: भीड़ मैनेजमेंट की बड़ी नाकामी

इस घटना ने बिहार में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों और स्टेज शो की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों और गवाहों का स्पष्ट कहना है कि इवेंट के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों में बड़ी सेंध लगाई गई। दर्शकों ने न केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़े, बल्कि आर्टिस्ट के पर्सनल स्पेस का भी कोई लिहाज नहीं रखा।

भोजपुर डांसर सिक्का कांड इस बात का सबूत है कि भीड़ को नियंत्रित करने के तरीके पूरी तरह विफल रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भीड़ मैनेजमेंट के कड़े नियम लागू नहीं होंगे, तब तक कलाकारों की जान इसी तरह जोखिम में बनी रहेगी।

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पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: ऑर्गनाइज़र के बयानों की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत दखल दिया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारी अब इवेंट ऑर्गनाइज़र, चश्मदीदों और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों के बयान दर्ज कर रहे हैं।

जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इस चूक के लिए असली जिम्मेदार कौन है और क्या आयोजकों ने पर्याप्त सुरक्षा बल की व्यवस्था की थी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे कौन से लोग थे जिन्होंने जोश के नाम पर इस घिनौनी करतूत को अंजाम दिया। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

परफॉर्मर्स की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल की मांग

इस परेशान करने वाली घटना ने पूरे कलाकार समुदाय में डर का माहौल पैदा कर दिया है। अब मांग उठ रही है कि स्टेज शो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए साफ सुरक्षा प्रोटोकॉल और कड़े नियम बनाए जाएं। कलाकारों की सुरक्षा और उनकी गरिमा सुनिश्चित करना आयोजकों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस घटना ने एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है कि सार्वजनिक सभाओं में भीड़ के बर्ताव को लेकर प्रशासन को सख्त रुख अपनाना होगा। स्थानीय अधिकारियों से उम्मीद जताई जा रही है कि वे भविष्य के आयोजकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था का रिव्यू करेंगे ताकि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।

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कलाकार की जान जोखिम में, जांच जारी

फिलहाल, पीड़ित डांसर अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रही है। मेडिकल टीम उसकी सेहत पर पल-पल नजर रख रही है और अंदरूनी चोटों की जांच जारी है। यह मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक सामाजिक पतन का संकेत है जहां मनोरंजन करने वाले को मनोरंजन की वस्तु समझ लिया जाता है।

पुलिस जांच के नतीजे और अस्पताल की अगली मेडिकल रिपोर्ट इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को लेकर नए दिशा-निर्देश जल्द जारी करेंगे।

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