जम्मू-कश्मीर में सियासी घमासान: आप नेता संजय सिंह हिरासत में
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को श्रीनगर के एक सरकारी गेस्ट हाउस में ‘अवैध रूप से हिरासत में’ लिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई, जब वे डोडा से आप विधायक मेहराज मलिक को कड़े जन सुरक्षा कानून (PSA) के तहत हिरासत में लिए जाने के विरोध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और विरोध मार्च निकालने वाले थे। पुलिस ने गेस्ट हाउस के बाहर से ताला लगा दिया और सिंह को बाहर निकलने से रोक दिया।
मेहराज मलिक की गिरफ्तारी का मुद्दा
डोडा से आप विधायक और पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख मेहराज मलिक को 8 सितंबर को कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। यह पहली बार है जब किसी मौजूदा विधायक को इस कड़े कानून के तहत हिरासत में लिया गया है, जिसके तहत बिना किसी आरोप या मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखा जा सकता है।
उमर अब्दुल्ला का बयान: ‘गलत संदेश गया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को ‘अवैध’ बताते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र के लिए अच्छा संदेश नहीं गया है। उन्होंने कहा कि विधायक (डोडा) के खिलाफ पीएसए का इस्तेमाल गलत है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को विधायक के व्यवहार पर आपत्ति थी, तो यह मुद्दा विधानसभा सचिवालय के समक्ष उठाया जा सकता था। उमर ने आप नेताओं को सलाह दी कि वे ऐसे वकील को नियुक्त करें जो पीएसए को समझता हो। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद 2020 में पीएसए के खिलाफ लड़ाई लड़नी पड़ी थी।
फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की कोशिश
फारूक अब्दुल्ला, जो सिंह से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे, उन्हें भी पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया। दोनों वरिष्ठ नेताओं को गेट के दूसरी तरफ से बात करनी पड़ी। फारूक अब्दुल्ला ने पुलिस से बहस करते हुए कहा, “मैं सिर्फ़ सलाम करने आया था, लेकिन वे मुझे अंदर नहीं आने दे रहे हैं।” सिंह ने गेट पर चढ़कर अपनी स्थिति बताई और कहा कि उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।
संजय सिंह के आरोप: ‘तानाशाही चरम पर’
संजय सिंह ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि “तानाशाही अपने चरम पर है।” उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना और विरोध प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आज मेहराज मलिक की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस और धरना था, लेकिन सरकारी गेस्ट हाउस को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।”
पूर्व मुख्यमंत्रियों की चेतावनी
फारूक अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पर ‘असंवैधानिक’ कदम उठाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इससे जम्मू-कश्मीर में “नेपाल जैसी” स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों के अधिकारों का सम्मान करे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार दावा कर रही है कि सब कुछ सामान्य है, लेकिन सच्चाई यह है कि यहाँ प्रतिबंध आम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि संजय सिंह को हिरासत में लिया जाना कोई ‘दावा’ नहीं, बल्कि ‘हकीकत’ है।
अन्य दलों की प्रतिक्रिया
आप सांसद संजय सिंह को हिरासत में लिए जाने की विपक्षी दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और शिवसेना (यूबीटी) ने भी निंदा की। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने इसे ‘लोकतंत्र पर दमनकारी प्रहार’ बताया, जबकि शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि यह तानाशाही की सारी हदें पार करने जैसा है।
राजनीतिक इतिहास का हवाला
PDP ने आप को अरविंद केजरीवाल के एक पुराने बयान की याद दिलाई, जब उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का समर्थन किया था। पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर ने एक्स पर लिखा कि फारूक अब्दुल्ला को उस व्यक्ति से नहीं मिलना चाहिए था जिसने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर के खिलाफ भाजपा की कार्रवाई का समर्थन किया था।



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