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क्या है स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो में? प्रियंका-रिजिजू आये आमने-सामने।

स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो

स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो जारी करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर के अंदर के दृश्यों को साझा किया और कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए। रिजिजू ने दावा किया कि कांग्रेस सांसदों के एक बड़े समूह ने स्पीकर के साथ गाली-गलौज की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जान से मारने की धमकी दी। वीडियो में कांग्रेस पार्टी की महिला सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर के अंदर दिखाई दे रही हैं, जहाँ उन्हें भाजपा के मंत्रियों के साथ तीखी बहस करते देखा जा सकता है।

रिजिजू ने इस वीडियो क्लिप को “गैर-कानूनी” बताते हुए कहा कि इसे एक कांग्रेस सांसद ने ही तब बनाया था जब 20-25 कांग्रेस सांसद माननीय स्पीकर के चैंबर में जबरन घुस गए थे। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सांसदों को देश के प्रधानमंत्री को धमकी देने के लिए उकसा रही है, जबकि भाजपा बहस और चर्चा में विश्वास करती है और कभी भी मारपीट को बढ़ावा नहीं देती।

प्रधानमंत्री की सीट के पास ‘जो सही समझो वही करो’ का बैनर और ड्रामा

लोकसभा के भीतर की कार्यवाही के दृश्यों में 4 फरवरी का वह नाटकीय घटनाक्रम भी दिखा, जब कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण देने से कुछ मिनट पहले ही उनकी सीट के पास इकट्ठा हो गई थीं। महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीट के पास एक बड़ा बैनर लहराया जिस पर लिखा था, “जो सही समझो, वही करो।” इस बैनर पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर आधारित एक लेख का वाक्य अंकित था।

रिजिजू ने इस व्यवहार को संसद की मर्यादा के खिलाफ बताया। यह विवाद तब और गहरा गया जब विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला को हटाने की मांग करते हुए एक नोटिस दिया, जिसमें उन पर “खुलेआम पार्टीबाजी” करने का आरोप लगाया गया और मांग की गई कि मामला सुलझने तक वे सदन की अध्यक्षता छोड़ दें।

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नौ सेकंड की क्लिप और रिजिजू का ‘गाली-गलौज’ वाला बड़ा दावा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जिस नई क्लिप को साझा किया है, वह उनके हालिया दावों को पुख्ता करने के लिए जारी की गई है। इस स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो के जरिए रिजिजू ने तर्क दिया कि विपक्षी सांसद “बहुत ही घटिया तरीके” से पेश आ रहे हैं और लगभग हाथापाई को उकसा रहे हैं। नौ सेकंड की इस क्लिप के बारे में मंत्री ने कहा कि फुटेज में विपक्षी सदस्य संसद के भीतर स्पीकर को “गाली” दे रहे हैं और प्रधानमंत्री को धमका रहे हैं।

रिजिजू ने कहा कि करीब 20-25 सांसद जबरदस्ती स्पीकर के चैंबर में घुसे थे और वे वहां बदतमीजी कर रहे थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी बहस में विश्वास करती है, मारपीट की धमकियों में नहीं। वीडियो में एक दर्जन से अधिक सांसद स्पीकर की डेस्क के चारों ओर खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

प्रियंका गांधी और वेणुगोपाल की मौजूदगी में बिगड़ा चैंबर का माहौल

रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना तब हुई जब प्रियंका गांधी वाड्रा और के.सी. वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ नेता वहां मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ज्योतिमणि जैसी कांग्रेस सांसद सीधे केंद्रीय मंत्री की तरफ उंगली उठाकर चिल्ला रही थीं। यह घटना उस दिन की बताई जा रही है जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे सदन में बोल रहे थे और उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार पर कुछ टिप्पणियां की थीं।

दुबे ने सदन में कुछ किताबों का हवाला देते हुए आपत्तिजनक कमेंट किए थे, जिसके जवाब में प्रियंका और वेणुगोपाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेता स्पीकर के चैंबर में कार्रवाई की मांग करने पहुंचे थे। कांग्रेस का तर्क था कि यदि राहुल गांधी को किताब के मुद्दे पर बोलने से रोका गया, तो निशिकांत दुबे को अनुमति कैसे मिली? इसी बहस के दौरान स्पीकर के चैंबर के भीतर हालात अनियंत्रित हो गए।

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भाजपा का संयम और रिजिजू का ‘पूरी आजादी’ वाला बयान

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर भाजपा और एनडीए सांसदों को “पूरी आजादी” दी गई होती, तो हालात और बिगड़ सकते थे और संसद में अफरा-तफरी मच जाती। उन्होंने कहा, “हम ऐसी चीजें नहीं चाहते। जब सांसद चैंबर में घुसे, तो मैं यह देखने के लिए भागा कि वे क्या बदतमीजी कर रहे थे। प्रियंका जी भी वहीं थीं और उनके सामने स्पीकर और पीएम को गालियां दी गईं।”

रिजिजू ने स्पष्ट किया कि प्रियंका और वेणुगोपाल ने खुद गाली नहीं दी, लेकिन उनकी मौजूदगी में दूसरे सांसदों ने कहा, “देखो हम प्रधानमंत्री के साथ क्या करेंगे, देखो हम पार्लियामेंट में क्या करेंगे।” रिजिजू ने कहा कि सब कुछ रिकॉर्ड हो गया है और वे यह सब इसलिए बता रहे हैं क्योंकि कांग्रेस बार-बार झूठ फैला रही है।

प्रियंका गांधी का पलटवार: ‘हमने किसी को गाली नहीं दी’

मंत्री के इन गंभीर आरोपों पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ा रुख अपनाते हुए दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यह झूठ है। हमने किसी को गाली नहीं दी। एक-दो सांसद भड़क गए थे और उन्होंने इसे जाहिर किया। यह कहना कि मैं उन्हें बढ़ावा दे रही थी, गलत है। मैं चुपचाप बैठी थी और आखिर में मैंने शांति से अपनी बात कही।”

प्रियंका ने सरकार पर जवाबी हमला करते हुए इंडिया-यूएस ट्रेड डील की भी आलोचना की और कहा कि इससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर कहा कि एफआईआर और केस से उन पर कोई असर नहीं होने वाला है।

उन्होंने भाजपा की उस योजना पर भी कमेंट किया जिसमें राहुल गांधी को “सदन को गुमराह करने” के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की जा रही है।

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अप्रकाशित पुस्तक और राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब स्पीकर ने राहुल गांधी को जनरल एम.एम. नरवणे की किताब के अंश पढ़ने से रोक दिया था। राहुल का दावा है कि यह पुस्तक 2020 के चीन सीमा मुद्दे पर सरकार की विफलताओं को उजागर करती है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं और बिना किसी सबूत के प्रधानमंत्री और हरदीप सिंह पुरी पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।

उन्होंने घोषणा की कि भाजपा राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस लाएगी क्योंकि उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंत्री ने राहुल के भाषण के बाद सदन छोड़कर जाने पर भी एतराज जताया और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि राहुल अपना व्यवहार बदलेंगे। यह स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो इसी रार की एक कड़ी के रूप में पेश किया गया है।

संसदीय मर्यादा और पुराने दौर के नेताओं की सीख

किरेन रिजिजू ने इस हंगामे के बीच अपने शुरुआती दिनों और पूर्व भाजपा नेता एल.के. आडवाणी का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे आडवाणी ने उन्हें मर्यादा बनाए रखने और पार्लियामेंट्री स्पेस का सम्मान करने की सलाह दी थी। रिजिजू ने कहा कि विरोध के दौरान भी अपने तय क्षेत्र में रहना जरूरी है।

उन्होंने 10 फरवरी के अपने एक पुराने पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने सांसदों के घटिया व्यवहार पर गर्व है। रिजिजू ने जोर दिया कि पार्लियामेंट की इज्जत और पवित्रता की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। इस स्पीकर चैंबर हंगामा वीडियो ने अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच के राजनीतिक मतभेदों को और गहरा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर टकराव बढ़ने के आसार हैं।

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