“मोदी-मैक्रों मुंबई मुलाकात “क्या फिर होने जा रही है राफेल जैसी ‘मेगा डील’?
मोदी-मैक्रों मुंबई मुलाकात आज वैश्विक कूटनीति का केंद्र बिंदु बन गई है, क्योंकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ 19 फरवरी तक के अपने निर्धारित भारत दौरे के लिए मंगलवार को आर्थिक राजधानी मुंबई पहुंचे। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा और मुंबई का पहला दौरा है, जो भारत-फ्रांस रणनीतिक गठबंधन की मौजूदा मजबूती को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक यात्रा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहयोग और नई तकनीक पर विशेष जोर दिया गया है। मुंबई एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी का महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि यह दौरा वाइब्रेंट इंडिया-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और रफ्तार देगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक सबसे अहम है।
एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत और डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल
मुंबई एयरपोर्ट का नजारा आज पूरी तरह कूटनीतिक रंगों में रंगा था। महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत किया, जो पेरिस और नई दिल्ली के बीच बढ़ते रिश्तों में एक बड़े माइलस्टोन को दर्शाता है।
यह यात्रा न केवल रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में, बल्कि परमाणु ऊर्जा, जलवायु पहल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में फल-फूल रही लंबे समय की साझेदारी को आगे बढ़ाने वाली है।
मोदी-मैक्रों मुंबई मुलाकात के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और शहर को दोनों नेताओं के पोस्टरों से पाट दिया गया है। फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, यह मीटिंग दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
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लोक भवन में हाई-लेवल मीटिंग और नई राफेल डील पर नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साउथ मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक के लिए दोपहर करीब 3:15 बजे राष्ट्रपति मैक्रों से मिलेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा एक नई राफेल डील और करीब एक दर्जन नए समझौतों (MoUs) पर केंद्रित है। दोनों नेता रक्षा सहयोग और व्यापार को प्राथमिकता देते हुए रणनीतिक साझेदारी की मौजूदा प्रगति की समीक्षा करेंगे।
मोदी-मैक्रों मुंबई मुलाकात के दौरान रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत नई तकनीक के हस्तांतरण पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों नेता भविष्य के सहयोग के लिए एक विस्तृत रोडमैप पेश करेंगे, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की साझा दृष्टि को मजबूत करेगा।
करीब 12 एग्रीमेंट और MoUs पर होंगे हस्ताक्षर
दोनों शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली इस गहन वार्ता के बाद करीब 12 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ये पैक्ट न केवल रक्षा और व्यापार तक सीमित रहेंगे, बल्कि इनका विस्तार स्वास्थ्य सेवा, व्यावसायिक प्रशिक्षण (वोकेशनल ट्रेनिंग) और सप्लाई चेन प्रबंधन तक होगा।
यह आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी के एक बड़े विस्तार को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिससे वैश्विक मंच पर एक मजबूत द्विपक्षीय बंधन के प्रति उनके समर्पण की पुष्टि होगी। इन समझौतों का उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार का केंद्र बनाना है।
इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का भव्य आगाज
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, शाम करीब 5:15 बजे दोनों नेता मिलकर ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का उद्घाटन करेंगे। इस पहल की घोषणा 2024 में गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई थी, जब मैक्रों मुख्य अतिथि थे।
मोदी-मैक्रों मुंबई मुलाकात का यह हिस्सा नवाचार को समर्पित है, जहाँ दोनों नेता व्यापार जगत के दिग्गजों, स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं और अन्य नवोन्मेषकों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और भविष्य की पीढ़ी के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक बड़ी सोच वाली पहल है।
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होराइजन 2047 रोडमैप और इंडो-पैसिफिक विजन
दौरे के कार्यक्रम के तहत, 17 फरवरी को मुंबई में ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बातचीत होगी। यह विजन 2018 में मैक्रों की पहली यात्रा से शुरू हुआ था और 2023 के G20 शिखर सम्मेलन तथा 2024 की राजकीय यात्रा के माध्यम से परिपक्व हुआ है।
दोनों नेता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग सहित वैश्विक चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। मुंबई में इन कार्यक्रमों के संपन्न होने के बाद, प्रतिनिधिमंडल दिल्ली के लिए रवाना होगा, जहाँ 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ का आयोजन होना है।
बांद्रा-वर्ली सी लिंक की चमक और AI समिट का एजेंडा
राष्ट्रपति मैक्रों के स्वागत में मुंबई का मशहूर बांद्रा-वर्ली सी लिंक सोमवार रात को विशेष रूप से रोशन किया गया। इस ऐतिहासिक पुल को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की तस्वीरों से सजाया गया, जो दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती का प्रतीक बना।
दिल्ली में होने वाला ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला ऐसा वैश्विक शिखर सम्मेलन है। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम तीन बुनियादी स्तंभों—पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)—पर आधारित है। राष्ट्रपति मैक्रों की इसमें भागीदारी नई तकनीकों के प्रति दोनों देशों के बढ़ते झुकाव को प्रदर्शित करती है।
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ग्लोबल लीडर्स का जमावड़ा और भविष्य की दिशा
इस दौरे का महत्व केवल द्विपक्षीय नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी प्रभावी है। प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक शूफ, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मॉरिशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा और ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस के भी AI समिट में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
यह समिट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य की दिशा तय करने के लिए दुनिया भर के नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा। अंततः, यह दौरा और मुंबई की यह शिखर वार्ता भारत-फ्रांस संबंधों को ‘इतिहास और विकास’ के नए आयामों पर ले जाने के लिए तैयार है।
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