Loading Now

मुंबई का नया मेयर कौन? BMC चुनाव में महायुति की जीत और समीकरण

मुंबई का नया मेयर

मुंबई का नया मेयर कौन बनेगा, इसका सस्पेंस अब अपने चरम पर पहुंच गया है। मुंबई के राजनीतिक माहौल में आए बड़े बदलाव के बाद, देश की सबसे अमीर नगर पालिका ‘बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन’ (BMC) तीन दशकों में अपने सबसे अहम लीडरशिप बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।

2026 के निकाय चुनावों में महायुति गठबंधन, जिसमें भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल है, ने अहम बहुमत हासिल किया है।

इस बड़ी जीत के साथ ही अब सबका ध्यान बैलेट बॉक्स से हटकर प्रतिष्ठित मेयर के बंगले की ओर चला गया है। 22 जनवरी को शहरी विकास विभाग द्वारा निकाली जाने वाली रिजर्वेशन लॉटरी इस रेस की दिशा तय करेगी, जिसमें पद के लिए सामान्य, महिला या आरक्षित वर्ग की श्रेणी निर्धारित की जाएगी।

भाजपा की 4 दशकों की प्रतीक्षा और दावेदारी

89 सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी BMC में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, और पार्टी की पूरी कोशिश है कि पहले 2.5 साल के कार्यकाल के लिए मुंबई का नया मेयर उनकी पार्टी से हो। यदि ऐसा होता है, तो मुंबई को लगभग 4 दशकों के लंबे इंतजार के बाद भाजपा का मेयर मिलेगा।

इतिहास पर नजर डालें तो अंतिम भाजपा मेयर प्रभाकर पई थे, जिन्होंने 1982-83 में इस पद को संभाला था। हालांकि, गठबंधन में 29 सीटें जीतने वाली शिंदे सेना इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण ‘किंगमेकर’ की भूमिका में है, जो एक सुचारू कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।

इसे भी पढ़ेमुंबई में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स मेयर पद पर घमासान शिंदे ने पार्षदों को होटल भेजा

प्रभाकर शिंदे: अनुभव और विश्वसनीयता का चेहरा

मेयर की दौड़ में भाजपा के अनुभवी दिग्गज प्रभाकर शिंदे का नाम सबसे आगे चल रहा है। बीएमसी में पूर्व विपक्ष के नेता (LoP) रह चुके शिंदे को प्रशासनिक कामकाज की गहरी समझ रखने वाला उम्मीदवार माना जाता है।

मुलुंड (पूर्व) के अपने गढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले शिंदे का हॉस्पिटैलिटी बिजनेस में बैकग्राउंड है और नॉर्थ-ईस्ट मुंबई के इलाकों में उनकी पुरानी जड़ें संगठन में उन्हें भारी वजन देती हैं। उनकी ‘घर-समझदार’ छवि उन्हें इस पद के लिए एक सुरक्षित और सशक्त विकल्प बनाती है।

तेजस्वी घोसालकर और प्रकाश दारेककर की मजबूत दावेदारी

महिला आरक्षण की स्थिति में तेजस्वी घोसालकर एक प्रबल दावेदार के रूप में उभरी हैं। दहिसर के वार्ड 2 से उनकी जीत ने शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका दिया है। अपने पति अभिषेक घोसालकर की दुखद मृत्यु के बाद भाजपा में शामिल हुई तेजस्वी, पारंपरिक सेना वोटरों और भाजपा के बीच की दूरी को कम करने में सक्षम हैं।

वहीं, सीनियर लीडर प्रवीण दारेककर के भाई प्रकाश दारेककर ने भी R-नॉर्थ वार्ड में खुद को साबित किया है। अपनी आक्रामक छवि और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत पकड़ के कारण वे पार्टी की उत्तर मुंबई में ताकत का प्रतीक हैं। यदि भाजपा को सड़क की राजनीति का मुकाबला करने वाले नेता की जरूरत पड़ी, तो दारेककर एक संभावित चयन होंगे।

रेस में शामिल अन्य प्रमुख चेहरे

प्रमुख नामों के अलावा मकरंद नार्वेकर और राजश्री शिरवाडकर भी इस दौड़ का हिस्सा हैं। कोलाबा के लोकप्रिय चेहरा मकरंद नार्वेकर अपनी ‘स्मार्ट सिटी’ पहल और अर्बन गवर्नेंस में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर, राजश्री शिरवाडकर एक बेहद वफादार और आक्रामक पार्टी कार्यकर्ता हैं।

यदि भाजपा आइलैंड सिटी (शहर) से किसी अनुभवी महिला नेता को प्राथमिकता देती है, तो शिरवाडकर शीर्ष पसंद हो सकती हैं। इन सभी नामों के बीच मुंबई का नया मेयर चुनने की प्रक्रिया 28 से 31 जनवरी 2026 के बीच आधिकारिक चुनाव के साथ संपन्न होगी।

इसे भी पढ़ेमुंबई मतदान प्रतिशत 2026: स्याही विवाद के बीच वोटिंग संपन्न

महायुति का हिंदुत्व कार्ड और शीर्ष नेतृत्व का रुख

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई का मेयर एक हिंदू और एक मराठी चेहरा होगा। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महायुति की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास नीतियों पर जनता की मुहर बताया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस, एकनाथ शिंदे और प्रदेश अध्यक्ष रवि दादा चव्हाण को बधाई देते हुए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी भरोसे के साथ कहा कि महायुति मुंबई के सर्वांगीण विकास, सुरक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए पूरी निष्ठा से काम करेगी।

इसे भी पढ़े मुंबई हमलों का इंसाफ: ओवैसी ने मोदी को दी ट्रंप जैसी चुनौती

संजय राउत के फोन टैपिंग के गंभीर आरोप

मेयर पद की इस खींचतान के बीच राजनीति तब गरमा गई जब शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भाजपा पर नए निर्वाचित पार्षदों के फोन टैप करने का आरोप लगाया। राउत का दावा है कि भाजपा और शिंदे सेना दोनों के पार्षदों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और लग्जरी होटलों में ठहरे सदस्यों के फोन टैप हो रहे हैं।

हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया इंचार्ज नवनाथ बाने ने पलटवार करते हुए पूछा कि जब महा विकास अघाड़ी सत्ता में थी, तब एकनाथ शिंदे के फोन कौन टैप कर रहा था?

शिंदे सेना का दावा और विपक्ष का पलटवार

सस्पेंस को बढ़ाते हुए एकनाथ शिंदे ने बाल ठाकरे के जन्म शताब्दी वर्ष का हवाला देकर मेयर पद पर शिवसेना के दावे का संकेत दिया है। शिंदे सेना के नेता उदय सामंत ने भी कहा कि हर पार्टी मुख्य पद चाहती है। इस बीच, उद्धव ठाकरे ने भी उम्मीद जताई है कि यदि “देव” (भगवान) चाहें तो उनकी पार्टी का मेयर हो सकता है।

विपक्ष का आरोप है कि मुंबई का नया मेयर अब दिल्ली से तय होगा, जिसे संजय राउत ने शिंदे सेना का अपमान और लाचारी बताया है। फिलहाल, सभी पार्षद होटलों में हैं और खरीद-फरोख्त की चिंताओं के बीच मुंबई की सत्ता का अंतिम फैसला 22 जनवरी की लॉटरी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

इसे भी पढ़े :बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन: मुंबई बचाने के लिए राज-उद्धव आए साथ

Spread the love

Post Comment

You May Have Missed