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मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी, अब सफर होगा आसान

मुंबई नवी मुंबई एयरपोर्ट

हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट की सब-कमेटी ने मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो (मेट्रो लाइन 8) प्रोजेक्ट को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी दे दी है।

लगभग 18,000 करोड़ रुपये से 22,862 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) और नवनिर्मित नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

राज्य सरकार का यह फैसला मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि दो बड़े एविएशन हब्स के बीच की दूरी भी सिमट जाएगी।

दो एयरपोर्ट्स के बीच का सफर अब होगा बेहद आसान

वर्तमान में, मुंबई के मुख्य एयरपोर्ट से नवी मुंबई एयरपोर्ट तक सड़क मार्ग से जाने में ट्रैफिक के आधार पर लगभग 70 से 90 मिनट का समय लग जाता है। लेकिन इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद, यह सफर घटकर मात्र 30 मिनट का रह जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस 35 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में से 9 किलोमीटर का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा, जबकि बाकी हिस्सा एलिवेटेड बनाया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से हवाई यात्रियों, एयरलाइन क्रू, कार्गो ऑपरेटरों और रोजाना बाहर से आने-जाने वाले लोगों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है, जो मुंबई की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाएगा।

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प्रोजेक्ट की कुल लागत और निवेश का वित्तीय ढांचा

इस विशालकाय मेट्रो प्रोजेक्ट के बजट को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए हैं। शुरुआती अनुमान जहां 18,000 करोड़ रुपये था, वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय के हालिया अपडेट के अनुसार यह लागत बढ़कर 22,862 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा।

वित्तीय व्यवस्था के तहत, 20 प्रतिशत इक्विटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी और 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में वहन करेगी। शेष 60 प्रतिशत की भारी-भरकम राशि प्राइवेट पीपीपी ऑपरेटर्स द्वारा निवेश की जाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा।

साढ़े तीन साल का लक्ष्य और जमीन अधिग्रहण के निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रोजेक्ट की समयसीमा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस पांच साल का प्रोजेक्ट माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे साढ़े तीन साल के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्होंने अगले छह महीनों के भीतर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।

इस मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो के लिए लगभग 30.7 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, जिसकी अनुमानित अधिग्रहण लागत 388 करोड़ रुपये होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि काम शुरू होने से पहले सभी तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरियां अनिवार्य रूप से प्राप्त कर ली जाएं।

मेट्रो लाइन 8 का रूट और प्रमुख स्टेशनों की सूची

मेट्रो लाइन 8 की कुल लंबाई 35 किलोमीटर होगी, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 20 से 25 स्टेशनों का प्रस्ताव है। इनमें 6 स्टेशन जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) होंगे और 14 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। रूट पर मुख्य स्टेशनों में CSMIA टर्मिनल 2, फीनिक्स मॉल, एसजी बर्वे मार्ग, कुर्ला और लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) जैसे बड़े हब शामिल हैं।

नवी मुंबई के हिस्से में वाशी, संपदा, जुईनगर, नेरुल सेक्टर-1, नेरुल, सीवुड्स, बेलापुर, सागर संगम, तारघर, और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 व 2 प्रमुख ठहराव होंगे। इस रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शहर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को भी जोड़ सके।

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बेहतरीन इंटरकनेक्टिविटी और एलटीटी से जुड़ाव

इस मेट्रो कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसकी इंटरकनेक्टिविटी है। मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो केवल दो एयरपोर्ट्स को ही नहीं जोड़ेगी, बल्कि यह रास्ते में छह अन्य मेट्रो लाइनों, सबअर्बन रेल नेटवर्क और बस टर्मिनलों के साथ भी इंटरचेंज की सुविधा देगी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) जैसे बड़े रेलवे जंक्शन को इस लाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों से आने वाले यात्रियों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी होगी। 2031 तक इस कॉरिडोर पर रोजाना 10 लाख से अधिक यात्रियों के सफर करने का अनुमान लगाया गया है, जो इसकी उपयोगिता को दर्शाता है।

CIDCO और निजी कंसोर्टियम की अहम भूमिका

प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन की रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले इस लाइन की प्लानिंग मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) और सिडको (CIDCO) द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही थी। हालांकि, अब मिली जानकारी के अनुसार, सिडको एक निजी कंसोर्टियम के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को डेवलप करेगा।

सिडको ने पिछले साल नवंबर में अर्बन डेवलपमेंट और फाइनेंस डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद राज्य सरकार को विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सौंपी थी। यह साझेदारी यह सुनिश्चित करेगी कि प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक और कुशल प्रबंधन का समावेश हो सके।

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नवी मुंबई एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी अहम कड़ी

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर को किया था और 25 दिसंबर से यहां कमर्शियल ऑपरेशन भी शुरू हो चुके हैं। ऐसे में मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो का निर्माण इस नए एयरपोर्ट की सफलता के लिए अनिवार्य कड़ी है।

जैसे-जैसे नए एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ेगा, यह मेट्रो लाइन शहर के दबाव को कम करने में मदद करेगी। सरकार की प्राथमिकता अब यह सुनिश्चित करना है कि जैसे ही जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो, निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाए ताकि तय समय के भीतर मुंबईवासियों को यह विश्वस्तरीय सुविधा मिल सके।

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