पाकिस्तानी पत्रकार का दावा: नरेंद्र मोदी धुरंधर स्क्रिप्ट को दी मंजूरी
नरेंद्र मोदी धुरंधर स्क्रिप्ट रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना-स्टारर एक्शन थ्रिलर फ़िल्म ‘धुरंधर’ देश और दुनिया में जबरदस्त सफलता हासिल कर रही है, लेकिन इसके साथ ही यह फिल्म एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय विवाद का केंद्र बन चुकी है। फिल्म को इसकी ‘पाकिस्तान विरोधी‘ थीम के कारण खाड़ी देशों में बैन कर दिया गया है। इसी बीच, फिल्म से जुड़ा एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है।
दरअसल, एक पाकिस्तानी पत्रकार ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि फ़िल्म की स्क्रिप्ट को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धुरंधर स्क्रिप्ट को खुद मंजूरी दी थी। नईम हनीफ द्वारा होस्ट किए गए एक चैट शो में, उन्होंने और लोकप्रिय एंकर मुबशर लुकमान ने फ़िल्म की आलोचना की। इस दौरान हनीफ ने स्पष्ट रूप से दावा किया, “यहां मेरे पास जानकारी है।
जिस फिल्म की बात कर रहे हैं लयारी वाली (धुरंधर), उसकी स्क्रिप्ट नरेंद्र मोदी धुरंधर स्क्रिप्ट को खुद मंज़ूरी दी है।” उन्होंने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ से यह भी सवाल किया कि वह ‘भारत के प्रोपेगेंडा’ का मुकाबला करने वाली फिल्म बनाने के लिए पैसा क्यों नहीं दे रही हैं।
पाकिस्तानी मीडिया के इस अतिवादी दावे ने सोशल मीडिया पर नेटिज़न्स को हंसने पर मजबूर कर दिया और उनकी सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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AIMIM के प्रवक्ता ने धुरंधर का किया समर्थन: ‘पाकिस्तान विरोध में क्या गलत किया?’
‘धुरंधर’ के विवादों के बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने फ़िल्म का समर्थन करके सभी को चौंका दिया। खबरों के मुताबिक, फ़िल्म को इसकी पाकिस्तान विरोधी थीम के कारण खाड़ी देशों में बैन कर दिया गया है।
इस पर टिप्पणी करते हुए पठान ने कहा कि यद्यपि उन्होंने फ़िल्म नहीं देखी है, लेकिन वह लोगों से इसे मात्र मनोरंजन के तौर पर देखने की अपील करते हैं।
न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए पठान ने कहा, “मैंने अभी तक धुरंधर फिल्म नहीं देखी है, लेकिन मीडिया और लोग जो कह रहे हैं, उसके हिसाब से यह एक अच्छी फिल्म है…” उन्होंने आगे तर्क दिया, “मेरा मानना है कि फिल्म को फिल्म की तरह देखा जाना चाहिए, और अगर इसमें पाकिस्तान के खिलाफ कुछ दिखाया गया है, तो क्या?
पाकिस्तान ही आतंकवाद फैलाता है… हम पाकिस्तान के आतंकवाद के शिकार हैं।” उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का भी उदाहरण दिया और तनाव के बीच हुए भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच की निंदा करते हुए बीजेपी सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाया।
खाड़ी देशों में धुरंधर पर प्रतिबंध: पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा भारत के व्यापारिक प्रभाव पर भारी
हाल ही में, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि की कि ‘धुरंधर’ को खाड़ी क्षेत्र में बैन कर दिया गया है। ख़बरों के मुताबिक, खाड़ी देशों के अधिकारियों ने फ़िल्म के पाकिस्तान विरोधी कंटेंट पर गंभीर आपत्ति जताई है।
यह फ़िल्म, जिसने भारत में पहले ही ₹200 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई कर ली है, पाकिस्तानी आतंकी ऑपरेशन्स का खुलासा करती है। यह बैन बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE समेत छह देशों में लगा है।
सूत्रों ने बताया कि मेकर्स ने इन देशों में फ़िल्म रिलीज़ करने की पुरज़ोर कोशिश की थी, लेकिन संवेदनशील विषयवस्तु के कारण मंज़ूरी नहीं मिली।
इन देशों ने धार्मिक कारणों के बजाय पाकिस्तान को खुश करने के लिए यह निर्णय लिया, क्योंकि ‘धुरंधर’ में इस्लाम विरोधी कोई कंटेंट नहीं है और यह सिर्फ पाकिस्तानी आतंकवाद को उजागर करती है।
यह बैन खाड़ी देशों में पाकिस्तान के गहरे प्रभाव को उजागर करता है, जहां पाकिस्तान सऊदी अरब का सबसे करीबी सहयोगी है और UAE में दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक निवेशक है।
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बैन जो खाड़ी देशों के पाखंड को उजागर करता है
खाड़ी देशों द्वारा ‘धुरंधर’ पर लगाया गया यह बैन उनके पाखंड को उजागर करता है। जबकि खाड़ी देशों के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार सालाना ₹200 अरब डॉलर से ज़्यादा है और 90 लाख भारतीय प्रवासी इन देशों में रहते हैं, फिर भी इन देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के बजाय पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को चुना।
भारतीय प्रवासी खाड़ी क्षेत्र की 60 मिलियन आबादी का 15% हैं और सालाना ₹45-50 अरब डॉलर भारत भेजते हैं। बावजूद इसके, इन देशों ने आतंकवाद को उजागर करने वाली फिल्म पर बैन लगाकर अपने सबसे बड़े प्रवासी समुदाय को धोखा दिया।
इससे पहले, इन देशों में ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘फाइटर’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘टाइगर 3’, ‘आर्टिकल 370’ और ‘द डिप्लोमैट’ जैसी फिल्मों पर भी बैन लगाया जा चुका है। यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपने आतंकी कनेक्शन का खुलासा करने वाली फिल्मों पर बैन लगाने के लिए अपने गल्फ कनेक्शन का इस्तेमाल करता है।
‘धुरंधर’ की कहानी और कलाकार
‘धुरंधर’ एक जासूसी थ्रिलर फ़िल्म है, जो पाकिस्तान में स्थापित है। यह कहानी एक रहस्यमयी आदमी, हमजा अली मजारी के बारे में है, जो लयारी में रहमान डकैत के गैंग में घुसपैठ करता है।
इस फ़िल्म का निर्देशन ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ फेम आदित्य धर ने किया है। फ़िल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं।
फ़िल्म 5 दिसंबर को रिलीज़ हुई थी। हालांकि, निर्देशक आदित्य धर ने अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि फ़िल्म मेजर मोहित शर्मा के जीवन पर आधारित नहीं है।
बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ का शानदार प्रदर्शन
खाड़ी देशों में बैन और अंतर्राष्ट्रीय विवादों के बावजूद, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने घरेलू और वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त सफलता हासिल की है।
फ़िल्म ने अपने टाइटल को सही साबित करते हुए, पहले हफ्ते में दुनिया भर में ₹313 करोड़ रुपये कमाए हैं। उम्मीद है कि दूसरे हफ्ते में फ़िल्म दुनिया भर में ₹400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगी।
फ़िल्म की यह सफलता साबित करती है कि भारतीय दर्शक सच्चाई को पहचानते हैं। पाकिस्तान गल्फ सेंसर को गुमराह कर सकता है, लेकिन वह ऐसी फिल्मों को चुप नहीं करा सकता जो उसके आतंकी साम्राज्य का पर्दाफाश करती हैं।
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पाकिस्तानी दावों पर नेटिज़न्स की प्रतिक्रियाएं
पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा नरेंद्र मोदी धुरंधर स्क्रिप्ट को मंजूरी दिए जाने के दावे वाली क्लिप तेज़ी से वायरल हुई। नेटिज़न्स ने इस पर हास्य और तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
एक नेटिज़न ने कमेंट किया कि, “कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ एक फिल्म इतना हंगामा मचा सकती है और पूरे लेफ्टिस्ट इकोसिस्टम और पाकिस्तान को एक साथ गैस बर्नर पर रख सकती है।
@AdityaDharFilms को सलाम।” एक अन्य नेटिज़न ने मज़ाक में कहा, “मैं इससे सहमत हूं, यह भी सुना है कि मोदी जी भी एक्टिंग करने की योजना बना रहे थे, शायद रणवीर का रोल।” इस तरह के कमेंट्स पाकिस्तानी न्यूज़ एंकरों की सोच और प्रोपेगेंडा पर सवाल उठाते हैं।
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फ़िल्म का सीक्वल और ग्लोबल परिदृश्य
बैन के बावजूद, ‘धुरंधर’ की सफलता ने इसके सीक्वल के लिए रास्ता खोल दिया है। यह कन्फर्म हो गया है कि ‘धुरंधर’ का सीक्वल आएगा, जो 19 मार्च, 2026 को रिलीज़ होगा। इस बीच, बैन का विश्लेषण करने पर विरोधाभास और गहरा हो जाता है।
जहां खाड़ी देश आतंकवाद का खुलासा करने वाली फिल्मों पर बैन लगाते हैं, वहीं पश्चिमी देश धार्मिक प्रतीकों पर बैन लगाते हैं। उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रिया ने स्कूलों में 14 साल से कम उम्र की लड़कियों के लिए हिजाब पर बैन लगाने वाला कानून पास किया है, जबकि दुनिया भर के 24 देशों में बुर्का पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध है।
अमेरिका भी ग्लोबल प्रतिबंधों में सबसे आगे है, जिसने अकेले 2024 में 3,135 नए प्रतिबंध लगाए हैं। सवाल यह है कि गल्फ देश कब तक अपनी बड़ी भारतीय आबादी और ₹200 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के व्यापारिक संबंधों के बजाय पाकिस्तान की भावनाओं को प्राथमिकता देंगे? यह फ़ैसला आने वाले समय में भारत के साथ उनके राजनयिक संबंधों की दिशा तय करेगा।



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