संसदीय मर्यादा और गतिरोध: जनरल नरवणे की किताब पर रार
भारतीय लोकतंत्र के मंदिर में आज संसदीय मर्यादा और गतिरोध का एक नया अध्याय देखने को मिला। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन की कार्यवाही में लगातार बाधा डालने के लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी की कड़े शब्दों में निंदा की।
लोकसभा में आज उस समय माहौल गरमा गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) का मुद्दा उठाया।
रिजिजू ने स्पष्ट रूप से कहा कि एनडीए सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक गलतियों को बेनकाब करने के लिए कभी भी गोपनीय रिपोर्टों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन विपक्ष रक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति कर रहा है।
रक्षा मामलों पर किरेन रिजिजू का कांग्रेस को कड़ा जवाब
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में किरेन रिजिजू ने जोर देकर कहा कि संवेदनशील रक्षा और सुरक्षा मामलों का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान मोदी सरकार एक परिपक्व नेतृत्व द्वारा संचालित है।
रिजिजू ने याद दिलाया कि 1962 से ही हेंडरसन ब्रूक्स-भगत आयोग की रिपोर्ट ‘टॉप सीक्रेट’ दस्तावेज बनी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में 1962 के युद्ध में चीनी पीएलए के हाथों मिली अपमानजनक हार के लिए तत्कालीन नेहरू सरकार की तीखी आलोचना की गई थी, जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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हेंडरसन ब्रूक्स-भगत रिपोर्ट का ऐतिहासिक संदर्भ
यह रिपोर्ट लेफ्टिनेंट जनरल हेंडरसन ब्रूक्स और ब्रिगेडियर जनरल प्रेम इंद्र सिंह भगत द्वारा तैयार की गई थी। इसे तत्कालीन कार्यवाहक सेना प्रमुख जनरल जेएन चौधरी ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना के ऑपरेशन्स की समीक्षा के लिए कमीशन किया था। यह रिपोर्ट आज भी क्लासिफाइड (गोपनीय) श्रेणी में है।
रिजिजू ने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास पर अपनी 2024 की एक पोस्ट को फिर से साझा करते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है। संसदीय मर्यादा और गतिरोध की स्थिति तब और बिगड़ गई जब सदन में इन ऐतिहासिक तथ्यों पर बहस शुरू हुई।
स्पीकर ओम बिरला की विपक्ष को सीधी चेतावनी
सदन में जारी अराजकता के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से गरिमा बनाए रखने का बार-बार आग्रह किया। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके “नियोजित व्यवधान” सदन की प्रतिष्ठा को कम कर रहे हैं। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि यदि सदस्य सदन की गरिमा को खत्म करना चाहते हैं, तो ऐसी स्थिति में कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल सकता।
भारी नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को “जाल सौदा” बताने वाले पोस्टर प्रदर्शित किए।
बजट सत्र का व्यस्त एजेंडा और विधायी कार्य
हंगामे के बावजूद आज का एजेंडा काफी विस्तृत है। सदन में 2026-27 के केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा प्रस्तावित है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, कानून और न्याय, विदेश मंत्रालय, रक्षा, और बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालयों सहित कई मंत्रियों को महत्वपूर्ण दस्तावेज पटल पर रखने हैं।
दोपहर 3:30 बजे से निजी सदस्यों के कामकाज पर विचार किया जाएगा, जिसमें संविधान संशोधन, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे आधुनिक विषयों सहित किसानों, छात्रों और महिलाओं के कल्याण से संबंधित विधेयक सूचीबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का राज्यसभा में कांग्रेस पर तीखा प्रहार
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ की गई “गद्दार” टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने इसे सिख समुदाय और गुरुओं का अपमान बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के ‘युवराज’ का शातिर दिमाग इस सदन के एक सिख सदस्य को गद्दार कह रहा है, जो उनके चरम अहंकार को दर्शाता है। यह संसदीय मर्यादा और गतिरोध की स्थिति को और अधिक जटिल बना देता है जब व्यक्तिगत हमले सदन के भीतर किए जाते हैं।
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जनरल नरवणे की किताब और प्रकाशन पर लगा सरकारी रोक
विवाद का मुख्य केंद्र जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ है। सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता इसके अंश नहीं पढ़ सकते क्योंकि यह अभी प्रकाशित नहीं हुई है। रक्षा मंत्रालय ने इस किताब को एक साल से अधिक समय से “समीक्षा के तहत” रखा है।
यह कोई पहला मामला नहीं है; मेजर जनरल वीके सिंह जैसे कई वरिष्ठ अधिकारियों ने सेवानिवृत्ति के बाद संस्मरण लिखने का साहस किया, लेकिन उन्हें प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ा। 19 साल पुराने आर एंड ए डब्ल्यू (R&AW) के गोपनीय मामलों पर लिखी गई किताबें भी इसी तरह के कानूनी विवादों में फंसी रही हैं।
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संसद सत्र की रूपरेखा और आगामी कार्यक्रम
यह बजट सत्र कुल 65 दिनों का होगा जिसमें 30 बैठकें निर्धारित हैं और यह 2 अप्रैल को संपन्न होगा। सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होगा और 9 मार्च को पुन: शुरू होगा ताकि स्थायी समितियां अनुदान मांगों की जांच कर सकें। आज की कार्यवाही में पूर्व सांसद सुरूपसिंह हिरया नाइक को श्रद्धांजलि भी दी गई।
हालांकि, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय जब सीएपीएफ ट्रेनिंग पर जवाब दे रहे थे, तब विपक्ष ने फिर से शोर-शराबा शुरू कर दिया। इस प्रकार, संसदीय मर्यादा और गतिरोध के चलते जनहित के मुद्दों पर चर्चा लगातार बाधित हो रही है।
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