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पीयूष गोयल का तंज: 18% टैरिफ ने ही अमेरिका को मैच में हरवाया!

पीयूष गोयल का तंज

यूनियन कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सोमवार को व्यापार और खेल के बीच एक दिलचस्प समानता बताते हुए सुर्खियां बटोर लीं। पीयूष गोयल का तंज उस समय चर्चा का विषय बन गया जब उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा आयोजित एक रिसेप्शन में क्रिकेट और ट्रेड टैरिफ को एक साथ जोड़ा। गोयल ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि अगर अमेरिका ने भारतीय सामानों पर ज़ीरो टैरिफ लगाया होता, तो शायद वे T20 वर्ल्ड कप का मैच जीत सकते थे।

दरअसल, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ज़िक्र किया था कि अमेरिका मैच 18% से हार गया, जिसके जवाब में गोयल ने ट्रेड टैरिफ की 18% की दर को इससे जोड़कर एक तीखा लेकिन मज़ेदार कटाक्ष किया। उन्होंने एक ऐसे देश के लिए अमेरिकी टीम के प्रदर्शन को “शानदार” बताया जिसने कुछ ही साल पहले क्रिकेट खेलना शुरू किया है।

क्रिकेट की पिच पर व्यापार का गणित और 18% का आंकड़ा

नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत के घर पर आयोजित इस कार्यक्रम में गोयल ने हार के बावजूद अमेरिकी टीम के जज्बे की सराहना की। पीयूष गोयल का तंज तब और गहरा हो गया जब उन्होंने बताया कि 18% टैरिफ ही वह अंतर है जिससे भारत ने हाल ही में अमेरिका को हराया था। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने मोनंक पटेल की USA टीम को 29 रन से मात दी थी।

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 161/9 रन बनाए थे, जिसमें सूर्या ने 84 रनों की नाबाद पारी खेली थी। जवाब में USA की टीम 132/8 पर सिमट गई, जो कि भारत के स्कोर से लगभग 18% ही कम था। गोयल ने इसी आंकड़े को पकड़ते हुए व्यापारिक बाधाओं पर रणनीतिक वार किया और दिखाया कि कैसे प्रोटेक्शनिज़्म आर्थिक रिश्तों में रुकावट पैदा करता है।

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भारत-US अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क: टैरिफ में बड़ी कटौती का ऐलान

यह मज़ेदार बातचीत एक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की बारीकियों को साझा किया है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, अमेरिका में आने वाले भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा। पीयूष गोयल का तंज इसी 18% की नई दर की ओर इशारा कर रहा था। यह समझौता फरवरी 2025 में शुरू हुई लंबी बातचीत का परिणाम है।

इस फ्रेमवर्क के माध्यम से भारतीय एक्सपोर्टर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ टैरिफ पहले बहुत अधिक थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें खुशी है कि ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स पर अब कम टैरिफ लगेगा, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नया बूस्ट मिलेगा।

इन क्षेत्रों में मिलेगा भारतीय एक्सपोर्टर्स को सीधा लाभ

नए घोषित ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत, अमेरिका द्वारा टैरिफ में की गई कमी कई महत्वपूर्ण भारतीय उत्पादों पर लागू होगी। इसमें टेक्सटाइल और कपड़े, लेदर और जूते, प्लास्टिक और रबर के सामान, ऑर्गेनिक केमिकल, घर की सजावट के सामान, कारीगरों द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स और कुछ खास मशीनरी शामिल हैं।

पीयूष गोयल का तंज यह भी स्पष्ट करता है कि टैरिफ में यह कमी भारतीय MSMEs और किसानों को वैश्विक बाजार में मुकाबला करने में सक्षम बनाएगी। बाद के चरणों में, अमेरिका जेनेरिक दवाओं, रत्न और आभूषण (Gems and Jewelry) तथा एयरक्राफ्ट पार्ट्स जैसी विशेष वस्तुओं पर से भी टैरिफ पूरी तरह हटा सकता है। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी की तरह देखा जा रहा है।

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रूस से तेल आयात पर पेनाल्टी वापसी और मोदी-ट्रंप दोस्ती

इस एग्रीमेंट का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अमेरिका ने रूस से भारत के एनर्जी इंपोर्ट पर लगाए गए अलग से 25 प्रतिशत के दंडात्मक टैरिफ (Punitive Levy) को वापस लेने का संकेत दिया है। अगस्त 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर जो अतिरिक्त बोझ डाला था, उसे अब कम किया जा रहा है।

एम्बेसडर सर्जियो गोर ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच की गहरी व्यक्तिगत दोस्ती को दिया। गोर ने जोर देकर कहा कि “व्हाइट हाउस भारत पर ध्यान दे रहा है” और प्रेसिडेंट ट्रंप भारत के साथ रिश्तों को लेकर बहुत गंभीर हैं। रूस से जुड़े टैरिफ को हटाना एक बड़ा राजनीतिक और आर्थिक संदेश है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की भूमिका और ट्रंप का विज़न

रिसेप्शन में पीयूष गोयल ने एम्बेसडर सर्जियो गोर की लीडरशिप की जमकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एम्बेसडर के व्यक्तिगत समर्थन और नेतृत्व के बिना यह ट्रेड डील मुमकिन नहीं होती। गोर ने 14 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स सौंपने के बाद औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला था और वे भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत हैं।

गोर का मानना है कि असली जादू उन व्यक्तिगत पलों में होता है जहाँ भरोसा और साझा भविष्य की चिंगारी जलती है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन नई दिल्ली के हर कदम पर करीब से नज़र रख रहा है और भारत-US अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट कमर्शियल रिश्तों को फिर से ठीक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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T20 वर्ल्ड कप मैच का रोमांच और खिलाड़ियों का प्रदर्शन

अगर मैच की बात करें तो भारत की जीत में गेंदबाजों और बल्लेबाजों का संतुलित योगदान रहा। सूर्यकुमार यादव के 84 रनों के अलावा ईशान किशन ने 20 और तिलक वर्मा ने 25 रन जोड़े थे। अमेरिका की ओर से शैडली वैन शल्कविक ने 4 विकेट लेकर भारतीय खेमे में हलचल मचाई थी। जवाब में अमेरिकी बल्लेबाजों मिलिंद कुमार (34), संजय कृष्णमूर्ति (37) और शुभम रंजने (37) ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन वे लक्ष्य से 29 रन दूर रह गए।

भारत की ओर से मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह ने 2-2 विकेट झटके। गोयल ने इन्हीं खिलाड़ियों की मेहनत का ज़िक्र करते हुए खेल के मैदान से कूटनीति की मेज तक का सफर तय किया।

व्यापक व्यापार समझौते की ओर कदम

दोनों देशों का अगला लक्ष्य मार्च 2026 के मध्य तक एक व्यापक व्यापार समझौते (Comprehensive Trade Agreement) पर हस्ताक्षर करना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पुष्टि की है कि डील अपने अंतिम चरण में है। इसमें न केवल टैरिफ कम करना शामिल है, बल्कि महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) और हाई-टेक डिफेंस जैसे क्षेत्रों में नए बिज़नेस के मौके बनाना भी शामिल है।

भारत ने भी बदले में अमेरिका के कई इंडस्ट्रियल और कृषि उत्पादों जैसे सूखे डिस्टिलर के दाने, ट्री नट्स, ताजे फल, सोयाबीन तेल और वाइन पर ड्यूटी कम करने पर सहमति जताई है। अंततः, दोनों देशों का मकसद एक ऐसी इकोनॉमिक पार्टनरशिप बनाना है जहाँ ‘जीरो टैरिफ’ का लक्ष्य हकीकत बन सके।

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