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बच्चों को क्यों घसीटा? गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक पर CM पर भड़कीं प्रियंका

गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक

गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक का मुद्दा आज असम की राजनीति में उस समय उबल पड़ा जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने जोरहाट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा पलटवार किया।

प्रियंका ने मुख्यमंत्री के उन आरोपों को ‘ओछी राजनीति’ करार दिया जिसमें गौरव गोगोई के परिवार और बच्चों को पाकिस्तान से जोड़ने की कोशिश की गई थी।

आज 20 फरवरी को प्रियंका ने स्पष्ट किया कि जब भाजपा के पास विकास के नाम पर बोलने को कुछ नहीं होता, तो वे व्यक्तिगत हमलों और बेबुनियाद आरोपों का सहारा लेते हैं। उन्होंने गौरव गोगोई का बचाव करते हुए कहा कि एक सांसद के परिवार को निशाना बनाना असमिया संस्कृति और लोकतंत्र के खिलाफ है।

बच्चों और परिवार को घसीटना गलत: प्रियंका ने पूछा- क्या राजनीति इतनी गिर गई है?

असम के मुख्यमंत्री द्वारा गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक को लेकर दिए गए बयानों पर प्रियंका गांधी बेहद भावुक और हमलावर नजर आईं। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या किसी के बच्चों और परिवार को राजनीतिक लड़ाई में घसीटना सही है?

प्रियंका ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा जानबूझकर ऐसे संवेदनशील मुद्दे उठा रहे हैं ताकि जनता का ध्यान असल समस्याओं से भटक जाए।

प्रियंका ने जोर देकर कहा कि गौरव गोगोई के बच्चे अभी छोटे हैं और उन्हें इस तरह के विवादों में लाना न केवल अनैतिक है बल्कि यह मुख्यमंत्री पद की गरिमा के भी खिलाफ है। यह पहली बार नहीं है जब असम में निजी हमलों ने चुनावी सरगर्मियों को बढ़ाया है।

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ध्रुवीकरण की राजनीति बनाम विकास: प्रियंका ने गिनाए असम के असली मुद्दे

प्रियंका गांधी ने गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक के विवाद को ध्रुवीकरण की राजनीति का एक क्लासिक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा पिछले दस सालों के पुराने और गढ़े हुए मुद्दों को फिर से जीवित कर रहे हैं क्योंकि उनके पास अगले पांच सालों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।

प्रियंका ने असम की महिलाओं और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें महंगाई, बेरोजगारी और चाय बागान श्रमिकों की समस्याओं पर बात करनी चाहिए, न कि इन काल्पनिक आरोपों पर।

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा का एकमात्र एजेंडा समाज को धर्म और नफरत के आधार पर बांटना है, जबकि कांग्रेस विकास और एकता की बात कर रही है।

जुबीन गर्ग का समाधि स्थल और राजनीति: प्रियंका का एक और बड़ा स्टैंड

असम दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने केवल गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने असम के सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग के दाह संस्कार स्थल को लेकर हो रही राजनीति पर भी अपनी राय रखी।

उन्होंने कहा कि जुबीन गर्ग जैसे कलाकार राजनीति से ऊपर होते हैं और उनके अंतिम संस्कार के स्थान को राजनीतिक अखाड़ा बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रियंका ने इसे असम की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया और कहा कि सरकार को कलाकारों और प्रदेश की धरोहरों का सम्मान करना चाहिए।

उनके इस बयान को असमिया अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे वे स्थानीय जनता के बीच अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती हैं।

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दशक पुराने मुद्दों को खोदने की आदत: क्यों पीछे मुड़कर देख रही है भाजपा?

प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे हमेशा 10-15 साल पुराने विवादों को हवा देते रहते हैं।

गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जनता को आज की परेशानियों का हल चाहिए, न कि यह कि एक दशक पहले क्या हुआ था। प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम सरमा को भविष्य का विजन पेश करना चाहिए,

लेकिन वे केवल ‘डिस्ट्रैक्शन’ पैदा करने में माहिर हैं। कांग्रेस का मानना है कि भाजपा असम में अपनी जमीन खिसकती देख पुराने अस्त्रों का सहारा ले रही है, लेकिन 2026 में असम की समझदार जनता इन्हें नकार देगी।

असम भाजपा का पलटवार: प्रियंका गांधी लोगों को गुमराह कर रही हैं?

प्रियंका गांधी के आरोपों के बाद असम भाजपा के अध्यक्ष भबेश कलिता ने भी मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का दावा है कि प्रियंका गांधी गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक के मामले में तथ्यों को छिपा रही हैं और लोगों को गुमराह कर रही हैं।

कलिता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भी आरोप लगाए हैं, वे सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों से जुड़े हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और गौरव गोगोई को बचाना उसी कड़ी का एक हिस्सा है।

सत्ताधारी दल का कहना है कि प्रियंका गांधी को असम के विकास पर बोलने का कोई हक नहीं है क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल में असम पिछड़ा रहा था।

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2026 का चुनावी बिगुल: क्या गौरव गोगोई बनेंगे कांग्रेस का चेहरा?

प्रियंका गांधी का गौरव गोगोई के पक्ष में इस तरह मजबूती से खड़ा होना एक बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा करता है। गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक विवाद ने उन्हें असम में कांग्रेस के सबसे प्रमुख और पीड़ित चेहरे के रूप में स्थापित कर दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रियंका उन्हें भविष्य के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर तैयार कर रही हैं। जिस तरह से प्रियंका ने गौरव के परिवार की सुरक्षा और सम्मान की बात की, उससे उन्होंने युवाओं और भावुक मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश की है।

यह लड़ाई अब केवल विकास की नहीं, बल्कि ‘असमिया अस्मिता’ और ‘सम्मान’ की लड़ाई बनती जा रही है।

नफरत की राजनीति और असम का भविष्य

अंततः, गौरव गोगोई पाकिस्तान लिंक का यह विवाद असम की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुका है। प्रियंका गांधी ने इसे केवल एक आरोप नहीं, बल्कि असम की संस्कृति पर हमला बताया है। वह यह समझती है कि विकास की कमी को ढकने के लिए कब ‘पाकिस्तान’ का नाम लिया जाता है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस इस भावनात्मक लहर को वोटों में बदल पाती है या भाजपा अपनी आक्रामक हिंदुत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा की छवि से मैदान मार लेती है। असम का भविष्य अब इन दो विपरीत विचारधाराओं के बीच फँसा हुआ है।

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