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ब्राजील मॉडल वोट विवाद: राहुल का खुलासा- एक फोटो, 22 नाम

एक फोटो 22 नाम

एक फोटो, 22 नाम: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा की मतदाता सूची में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए बड़ा आरोप लगाया है।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से मतदाता सूची की एक फोटो प्रदर्शित की, जिसमें दावा किया गया कि एक ही महिला की तस्वीर को अलग-अलग नामों के साथ 22 बार इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इसे ‘फर्जी मतदाता’ के प्रमाण के तौर पर पेश करते हुए इसे ‘H फाइल बम’ करार दिया। यह आरोप चुनाव की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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कांग्रेस का ‘H फाइल’ बम: एक ही ब्राजीलियाई मॉडल की फोटो का 22 बार इस्तेमाल

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो दस्तावेज दिखाए, उनके अनुसार, जिस महिला की तस्वीर का इस्तेमाल हुआ है, वह असल में ब्राजीलियाई स्टॉक मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह फोटो कोई स्थानीय महिला की नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्टॉक मॉडल की है।

इस एक तस्वीर का इस्तेमाल मतदाता सूची में ‘सीमा’, ‘स्वीटी’, ‘सरस्वती’ जैसे अलग-अलग नामों से 22 बार किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि इस एक फोटो, 22 नाम की मदद से 22 फर्जी वोट डाले जा सकते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह जानबूझकर किया गया फर्जीवाड़ा है।

फर्जीवाड़े की पुष्टि: क्या सच में एक ही महिला 22 अलग-अलग मतदाता है?

राहुल गांधी के इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनका कहना है कि यह केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक सोची समझी चाल है।

उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीर एक ब्राजील की मॉडल की है, जो इंटरनेट पर स्टॉक फोटो के रूप में उपलब्ध है, और इसे जानबूझकर मतदाता सूची में डाला गया है। कांग्रेस नेता ने इस मामले में चुनाव आयोग से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।

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वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप

कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह फर्जीवाड़ा केवल कुछ मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।

उनका कहना है कि जिस तरह से ब्राजीलियाई फोटो का इस्तेमाल किया गया है, वह यह दर्शाता है कि यह काम किसी संगठित गिरोह द्वारा किया गया है, जिसे सत्ताधारी पक्ष का संरक्षण प्राप्त है। यह मामला फर्जी वोटर आईडी बनाने और चुनाव को प्रभावित करने के प्रयासों की ओर इशारा करता है।

चुनाव आयोग पर दबाव: क्या होगी कानूनी कार्रवाई?

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद, अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। राहुल गांधी द्वारा एक फोटो, 22 नाम वाला प्रमाण पेश करने के बाद, चुनाव आयोग पर इस मामले की गहन जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।

विपक्ष ने मांग की है कि इस फर्जीवाड़े की विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और उन सभी 22 फर्जी मतदाताओं के नाम तत्काल प्रभाव से सूची से हटाए जाने चाहिए।

फर्जी मतदाता और लोकतंत्र की चुनौती: एक फोटो, 22 नाम

यह मामला भारतीय लोकतंत्र के समक्ष एक गंभीर चुनौती पेश करता है। यदि मतदाता सूची में इस तरह से ब्राजील मॉडल वोट विवाद जैसी गड़बड़ियाँ पाई जाती हैं, तो यह चुनाव परिणाम की वैधता को भी प्रभावित कर सकता है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी पार्टी पर व्यक्तिगत हमला करना नहीं, बल्कि हरियाणा में वोट चोरी? जैसी संभावनाओं को उजागर कर लोकतंत्र की रक्षा करना है। एक फोटो, 22 नाम का यह मामला न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि यह प्रशासनिक चूक और संभावित आपराधिक षड्यंत्र का भी विषय है।

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राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और कांग्रेस का अगला कदम

राहुल गांधी के इस कांग्रेस का बड़ा आरोप के बाद सत्ताधारी पार्टी की तरफ से अभी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि यह मामला संसद और विधानसभाओं में भी गूंजेगा।

कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वे इस मामले को लेकर सड़क से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाता सूची को पूरी तरह से साफ किया जाए।

सीनियर पत्रकार की कलम से: क्या सिर्फ़ एक मॉडल की तस्वीर से 22 वोट डाले गए?

यह एक ऐसा खुलासा है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। एक फोटो, 22 नाम का यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, यह हमारी चुनावी प्रक्रिया पर एक धब्बा है। यदि एक ही महिला की तस्वीर का इस्तेमाल इतने बड़े पैमाने पर हो सकता है, तो यह दर्शाता है कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता खतरे में है।

चुनाव आयोग को अपनी आंतरिक प्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए और ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

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