PM बेदाग और राहुल गांधी कुर्सी के लायक नहीं? सिद्धू की पत्नी का हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा और तीखा हमला करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू ने स्पष्ट कहा है कि वह कुर्सी के लायक नहीं हैं। कांग्रेस से निष्कासित होने के तुरंत बाद, पूर्व विधायक ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए और उन पर जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे होने का आरोप लगाया।
कोयंबटूर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पंजाब कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर निराशा जताई। सिद्धू ने कहा कि राहुल गांधी जो कहते हैं और जो करते हैं, उसमें जमीन-आसमान का अंतर है।
उन्होंने भविष्यवाणी की कि भ्रष्टाचार और गुटबाजी के कारण अगले साल होने वाले राज्य चुनावों में कांग्रेस को पंजाब में करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
जमीनी हकीकत से कटे राहुल गांधी: सपनों की दुनिया में रहने का आरोप
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि राहुल गांधी ने जमीनी स्तर पर काम नहीं किया है और उन्हें पता ही नहीं कि ग्राउंड जीरो पर क्या हो रहा है।
उन्होंने गांधी की नेतृत्व शैली पर प्रहार करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि जमीन से जुड़े रहना बहुत जरूरी है। आप सपनों की दुनिया में नहीं रह सकते।”
सिद्धू के अनुसार, नेतृत्व की इस कमी के कारण ही पार्टी कार्यकर्ता दिशाहीन महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल अपने सलाहकारों के एक छोटे सर्कल पर भरोसा करते हैं और उन्हें धरातल की सच्चाइयों से कोई सरोकार नहीं है।
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पीएम मोदी और राहुल गांधी की तुलना: भ्रष्टाचार पर कड़े सवाल
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए नवजोत कौर सिद्धू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच सीधी तुलना की। उन्होंने कहा कि लोग भले ही पीएम मोदी पर उंगली उठाएं, लेकिन उनके खिलाफ व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं है।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “उन्हें पर्सनली छूने की कोशिश करें, क्या उनके खिलाफ कोई फाइल है?” इसके उलट, उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ बात तो करते हैं, लेकिन उनके आस-पास के लोग पूरी तरह भ्रष्ट हैं।
उन्होंने गांधी की साख पर सवाल उठाया और दोहराया कि ऐसे विरोधाभासी नेतृत्व के कारण वह कुर्सी के लायक नहीं हैं।
आठ महीने का इंतजार और अनसुनी फरियाद: क्यों भड़कीं नवजोत कौर?
नवजोत कौर सिद्धू ने खुलासा किया कि उन्होंने पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे “अन्याय” और “भ्रष्टाचार” की जानकारी देने के लिए राहुल गांधी से आठ महीने तक समय मांगने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ यह बताने के लिए मीटिंग मांगी थी कि पंजाब में आपकी पार्टी खत्म हो रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के करीबियों ने राज्य में टिकट पहले ही “बेच” दिए हैं।
इसी संदर्भ में उन्होंने अपना बयान दोहराते हुए कहा कि अगर आपको अपने नीचे हो रहे घटनाक्रमों का पता नहीं है, तो आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गांधी के पास उन ईमानदार लोगों के लिए समय नहीं है जो उन्हें सच बताना चाहते हैं।
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टूटे हुए वादे और पंजाब में टिकटों की खरीद-फरोख्त का खेल
सिद्धू ने गांधी परिवार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सिद्धू परिवार ने पंजाब के लिए सब कुछ छोड़ दिया था। कांग्रेस ने उनसे सात विभागों के साथ डिप्टी सीएम पोस्ट और उन्हें सांसद बनाने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं दिया गया।
उन्होंने वर्तमान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग पर सीधा हमला करते हुए उन्हें “सबसे नाकाबिल और भ्रष्ट अध्यक्ष” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकटों की बिक्री खुलेआम हो रही है और नेतृत्व ईमानदार आवाजों को दबाकर भ्रष्ट लोगों को पसंद कर रहा है।
मणिशंकर अय्यर से लेकर शकील अहमद तक: राहुल के विरोधियों की लंबी फेहरिस्त
नवजोत कौर सिद्धू उन नेताओं की लिस्ट में सबसे नई हैं जिन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व शैली की बुराई की है। हाल ही में मणिशंकर अय्यर ने खुद को ‘गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी’ बताते हुए ‘राहुलवादी’ होने से साफ इनकार कर दिया।
इसके अलावा, बिहार के पूर्व नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी को “असुरक्षित और डरपोक” नेता कहा था, जो सीनियर लीडर्स से बातचीत करने से बचते हैं।
झारखंड के फुरकान अंसारी ने भी राहुल के दफ्तर में ‘MBA एडवाइजर्स’ पर निर्भरता की आलोचना की थी। G-23 समूह के नेता, जिनमें गुलाम नबी आज़ाद और कपिल सिब्बल शामिल थे, पहले ही गांधी परिवार की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं।
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अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के साथ टकराव और कांग्रेस से निष्कासन
नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस से निष्कासन तब हुआ जब उन्होंने राजा वारिंग पर सीएम पोस्ट के बदले 500 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस विवाद के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया और बाद में भूपेश बघेल ने उनके निष्कासन की पुष्टि की।
कौर ने सोशल मीडिया पर वारिंग को “सबसे डरावना अध्यक्ष” बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर कांग्रेस को बेच दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पास वारिंग के खिलाफ काफी सबूत हैं, लेकिन अब वह कांग्रेस छोड़ चुकी हैं, जहां किसी भी होनहार लीडर की बात नहीं सुनी जाती।
क्या पंजाब में अपनी जड़ें खो रही है कांग्रेस?
62 वर्षीय नवजोत कौर सिद्धू, जो पूर्व में भाजपा विधायक भी रही हैं, ने स्पष्ट भविष्यवाणी की है कि इन परिस्थितियों में कांग्रेस पंजाब नहीं जीतने वाली है। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने ही लोगों के भ्रष्टाचार को नजरअंदाज करता है, वह वास्तव में कुर्सी के लायक नहीं होता।
उन्होंने अपनी ईमानदारी का हवाला देते हुए कहा कि गांधी की निष्क्रियता पंजाब में कांग्रेस को खत्म कर रही है। राहुल गांधी के आसपास मौजूद “भ्रष्ट घेरे” और ईमानदार कार्यकर्ताओं की अनदेखी ने पार्टी को विनाश की कगार पर खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि आगामी चुनावों में सिद्धू के इन आरोपों का क्या असर होता है।
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