वेनेजुएला राष्ट्रपति मादुरो ने कहा,’मैं किडनैप किया गया राष्ट्रपति और युद्धबंदी हूं’
न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक ऐतिहासिक और नाटकीय कानूनी घटनाक्रम में, वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को पहली बार अमेरिकी फेडरल कोर्ट में पेश होते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। 63 वर्षीय नेता, जिन्हें एक गुप्त सैन्य ऑपरेशन के बाद अमेरिका लाया गया था, ने जज एल्विन हेलरस्टीन के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं एक किडनैप किया गया राष्ट्रपति हूं। मैं एक युद्धबंदी हूं।” सोमवार, 5 जनवरी को भारी सुरक्षा के बीच हुई इस सुनवाई में मादुरो ने दावा किया कि वह अभी भी अपने देश के संवैधानिक और वैध नेता हैं। उन्होंने एक ट्रांसलेटर के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक शरीफ आदमी हूं।” यह मुकदमा दशकों में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष पर अमेरिकी सरकार द्वारा चलाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण आपराधिक मामला माना जा रहा है।
आधी रात का सटीक सैन्य ऑपरेशन और नाटकीय गिरफ्तारी
इस पूरे विवाद की जड़ें 3 जनवरी, शनिवार सुबह के उस चौंकाने वाले सैन्य ऑपरेशन में हैं, जिसमें अमेरिकी डेल्टा फोर्स और विशेष बलों के लगभग 200 कर्मियों ने काराकास स्थित वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को उनके घर (मिलिट्री बेस) से पकड़ लिया। इस हमले में युद्धक विमानों और भारी नौसैनिक बलों का उपयोग किया गया था। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अनुसार, यह एक सटीक छापा था जिसमें किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई, हालांकि कुछ घायल हुए। वहीं, हवाना ने पुष्टि की है कि इस हमले में 32 क्यूबाई नागरिक मारे गए। गिरफ्तारी के बाद, इस जोड़े को हथकड़ी पहनाकर एक अज्ञात स्थान से होते हुए न्यूयॉर्क लाया गया, जहां उन्हें वर्तमान में ब्रुकलिन के एक फेडरल लॉकअप में रखा गया है।
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कोर्टरूम का माहौल: हथकड़ी, जेल के कपड़े और कड़ा पहरा
सुनवाई के दौरान मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हेलीकॉप्टर के जरिए मैनहट्टन के हेलीपोर्ट पर उतारा गया और वहां से बख्तरबंद गाड़ियों के काफिले में कोर्ट लाया गया। 26वीं मंजिल के कोर्टरूम में दाखिल होते समय मादुरो ने स्पेनिश में “ब्यूनोस डियास” (शुभ दिन) कहकर सबका अभिवादन किया। हालांकि, उनके पैरों में हथकड़ी थी और उन्होंने जेल के कपड़े पहने हुए थे। जैसे ही मादुरो ने अपने “अपहरण” के बारे में बोलना शुरू किया, 92 वर्षीय जज एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें टोकते हुए कहा कि अभी केवल पहचान बताने का समय है। इस पर मादुरो ने गर्व से अपना पूरा नाम ‘निकोलस मादुरो मोरोस’ बताया। कोर्ट में मौजूद दर्शकों में से एक व्यक्ति ने उन्हें “अवैध” राष्ट्रपति कहकर उनकी निंदा की, जिस पर मादुरो ने सीधे उस व्यक्ति की ओर देखकर दोहराया कि वह एक युद्धबंदी हैं।
सीलिया फ्लोरेस पर आरोप और उनकी शारीरिक स्थिति
मादुरो के साथ पकड़ी गई उनकी पत्नी और वेनेजुएला की फर्स्ट लेडी, सीलिया फ्लोरेस ने भी कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताया। सुनवाई के दौरान फ्लोरेस के माथे और दाहिनी कनपटी पर पट्टियां बंधी थीं। उनके वकील, मार्क डोनेली ने कोर्ट को सूचित किया कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के दौरान उन्हें काफी चोटें आई हैं और शायद उनकी पसलियां भी टूट गई हैं। फ्लोरेस पर ड्रग कार्टेल से जुड़े रिश्वत के आरोप हैं। उन्होंने कोर्ट से कहा, “मैं वेनेजुएला गणराज्य की फर्स्ट लेडी हूं, मैं इन आरोपों के लिए दोषी नहीं हूं।” दोनों को वर्तमान में ब्रुकलिन जेल में रखा गया है, जिसकी खराब हालत की आलोचना खुद अमेरिकी जज भी कर चुके हैं।
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नार्को-टेररिज्म और कोकीन तस्करी के गंभीर आरोप
संघीय अभियोजकों द्वारा तैयार की गई 25 पन्नों की चार्जशीट में वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर मेक्सिको के सिनालोआ और ज़ेटास कार्टेल, कोलंबियाई FARC विद्रोहियों और ‘ट्रेन डी अरागुआ’ जैसे हिंसक गिरोहों के साथ मिलकर एक वैश्विक कोकीन तस्करी नेटवर्क चलाने का आरोप है। आरोप पत्र के अनुसार, मादुरो ने वेनेजुएला की सेना और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके हजारों टन कोकीन अमेरिका भेजने में मदद की। इसके अलावा, उन पर मशीन गन और विनाशकारी डिवाइस रखने की साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और उन लोगों की हत्या या अपहरण का आदेश देने का भी आरोप है, जिन्होंने उनके ड्रग ऑपरेशन में बाधा डाली। अगर ये आरोप साबित होते हैं, तो मादुरो को उम्रकैद या कुछ मामलों में मौत की सजा भी हो सकती है।
बचाव पक्ष की दलील: ‘सैन्य अपहरण’ और संप्रभु प्रतिरक्षा
मादुरो ने अपने बचाव के लिए मशहूर वकील बैरी पोलैक को चुना है, जो विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के भी वकील रह चुके हैं। पोलैक ने कोर्ट में तर्क दिया कि वह एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार करने की वैधता को चुनौती देंगे, क्योंकि उनके पास संप्रभु प्रतिरक्षा (Sovereign Immunity) होती है। वकील ने इसे “सैन्य अपहरण” करार दिया। हालांकि, अमेरिकी सरकार का रुख साफ है कि वे मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं मानते, विशेषकर 2024 के विवादित चुनावों के बाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन (Law Enforcement) का हिस्सा थी, न कि युद्ध का। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला को “चलाएगा” और उसे ठीक करेगा।
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अंतरराष्ट्रीय निंदा और वेनेजुएला में मची हलचल
इस घटना ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक भूचाल ला दिया है। रूस, चीन और वेनेजुएला के वामपंथी सहयोगियों ने इस अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का संभावित उल्लंघन बताते हुए वेनेजुएला की स्थिरता पर चिंता व्यक्त की है। इसकी तुलना 1989 के पनामा आक्रमण से की जा रही है। काराकास में, नई अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो की तत्काल वापसी की मांग की है, हालांकि उन्होंने ट्रंप के साथ “सम्मानजनक संबंधों” का प्रस्ताव भी दिया है। वहीं, मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी राष्ट्राध्यक्ष का अपहरण सामान्य मान लिया गया, तो दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की राह
इस ऐतिहासिक मामले की अध्यक्षता जज एल्विन हेलरस्टीन कर रहे हैं, जिन्हें 1998 में बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था। उन्होंने मादुरो की अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च की तारीख तय की है। कोर्टहाउस के बाहर मादुरो के समर्थकों और विरोधियों के बीच भारी तनाव देखा गया, जिन्हें पुलिस ने मुश्किल से अलग रखा। वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पास अब एक अमेरिकी नागरिक की तरह ही कानूनी अधिकार होंगे, जिसमें जूरी ट्रायल का अधिकार भी शामिल है। तेल बाजार में भी इस घटना का असर दिखा और कीमतें 1.7% तक बढ़ गईं। अब पूरी दुनिया की नजरें 17 मार्च पर टिकी हैं, जब इस “नार्को-टेररिज्म” केस की अगली कानूनी परतें खुलेंगी।
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