विकसित भारत का संकल्प: राष्ट्रपति मुर्मू का ऐतिहासिक संबोधन
विकसित भारत का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए प्रेरणादायक भाषण की जमकर सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने भारत के संविधान की खासियत पर सही तरीके से जोर दिया और देश को निरंतर आगे बढ़ाने वाली सामूहिक भावना की खुले दिल से तारीफ की।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि उनका यह संबोधन हर नागरिक को लोकतंत्र को मजबूत करने, संवैधानिक आदर्शों को बनाए रखने और एक विकसित भारत का संकल्प पूरा करने के हमारे साझा वादे को फिर से पक्का करने के लिए प्रेरित करता है।
एक्स (X) पर अपनी एक पोस्ट के माध्यम से पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के विचारों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने हमारे संविधान की विशिष्टता और राष्ट्र की सामूहिक शक्ति को बहुत ही प्रभावी ढंग से रेखांकित किया है।
एग्री इंफ्रा फंड और कृषि क्षेत्र में निजी निवेश की बड़ी छलांग
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश की प्रगति में कृषि क्षेत्र की भूमिका को सर्वोपरि बताया। अपनी विशेष रिपोर्ट में उन्होंने कृषि और महिला सशक्तिकरण में मिली बड़ी कामयाबियों पर विस्तार से बात की। राष्ट्रपति ने साझा किया कि केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण और बेहतर लॉजिस्टिक्स डेवलपमेंट के लिए ‘एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ (AIF) का निर्माण किया है।
इस ठोस पहल का परिणाम यह रहा है कि अब तक इस क्षेत्र में 1.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्राइवेट इन्वेस्टमेंट आकर्षित हुआ है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि एक खुशहाल किसान ही विकसित भारत का संकल्प सिद्ध करने की पहली प्राथमिकता है।
इसी भावना के साथ PM किसान सम्मान निधि योजना के जरिए अब तक 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं, जिससे 2024-25 में खाद्यान्न और बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन संभव हुआ है।.
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नारी शक्ति का उदय: 10 करोड़ महिलाएं और ‘लखपति दीदी’ अभियान
राष्ट्रपति के अभिभाषण में ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ का मंत्र प्रमुखता से गूंजा। उन्होंने देश को गर्व के साथ बताया कि आज भारत की 10 करोड़ महिलाएं सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिला सशक्तिकरण की इस लहर का ही नतीजा है कि देश में ‘लखपति दीदी’ की संख्या अब 2 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर भी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पास आउट होने वाले महिला कैडेट्स के पहले ऐतिहासिक बैच की सराहना की। यह बदलाव दर्शाता है कि देश की बेटियां अब रक्षा से लेकर उद्यमिता तक हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं।
मजबूत आर्थिक बुनियाद और वैश्विक संकटों के बीच भारत की रफ्तार
संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पिछले 11 सालों में देश की आर्थिक बुनियाद बेहद मजबूत हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई वैश्विक संकटों और अस्थिरता के बावजूद, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को और अधिक सशक्त बनाने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है, जिससे लगभग 95 करोड़ नागरिकों को सोशल सिक्योरिटी का लाभ मिल रहा है। आर्थिक नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल महंगाई पर नियंत्रण पाया गया है, बल्कि नागरिकों की औसत आय और बचत करने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
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रिफॉर्म्स एक्सप्रेस: GST और इनकम टैक्स में ऐतिहासिक रियायतें
सुश्री मुर्मू ने अपने भाषण में कहा कि वर्तमान सरकार ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुराने कानूनों को लगातार अपडेट किया जा रहा है। उन्होंने GST (वस्तु एवं सेवा कर) में किए गए अगली पीढ़ी के सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे नागरिकों में भारी उत्साह है और इस सुधार ने जनता के लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित की है।
इसके अलावा, इनकम टैक्स कानून में किए गए ऐतिहासिक बदलाव के तहत 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स से छूट देने का निर्णय लिया गया है। इन सुधारों का सीधा फायदा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिल रहा है, जिससे देश की इकोनॉमी को नई गति मिली है।
नए लेबर कोड और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास
मजदूरों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रपति ने नए लेबर कानूनों की आवश्यकता पर बात की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से देश का वर्कफोर्स दर्जनों जटिल कानूनों में उलझा हुआ था, जिन्हें अब सरल बनाकर केवल चार कोड में समाहित कर दिया गया है। इससे मजदूरों को सही मजदूरी, भत्ते और वेलफेयर बेनिफिट मिलना सुलभ हो गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में नॉर्थ-ईस्ट में 7,200 किलोमीटर से अधिक नेशनल हाईवे बने हैं। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 50,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं, जिससे गांवों की पहुंच बाजारों, अस्पतालों और स्कूलों तक आसान हुई है और विकसित भारत का संकल्प धरातल पर उतर रहा है।
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सेमीकंडक्टर मिशन और आत्मनिर्भर भारत की नई तकनीक
भारत अब मॉडर्न मैन्युफैक्चरिंग और भविष्य की तकनीक के लिए खुद को तैयार कर रहा है। राष्ट्रपति ने जानकारी दी कि माइक्रोचिप्स बनाने में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 2025 में चार नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी गई है। जल्द ही कुल 10 ऐसी फैक्ट्रियां अपना ऑपरेशन शुरू कर देंगी।
इसके साथ ही भारत नैनो-चिप मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है। सरकार ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ के जरिए महत्वपूर्ण खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर रही है।
PLI योजना के तहत अब तक 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और 17 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का उत्पादन हुआ है, जिससे ग्लोबल एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ी है।
वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका और AI के खतरों पर चेतावनी
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन के अंत में तकनीकी चुनौतियों और वैश्विक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘डीपफेक‘ और गलत जानकारी (फेक कंटेंट) को लोकतंत्र और सामाजिक भरोसे के लिए बड़ा खतरा बताते हुए इस पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता जताई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता संभाल रहा है और दुनिया की उम्मीदें भारत से जुड़ी हैं।
भविष्य की चुनौतियों के समाधान के लिए भारत एक ‘ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी भी करेगा। राष्ट्रपति ने अंत में कहा कि आज लिए जा रहे नीतिगत फैसले आने वाले कई वर्षों तक देश की दिशा तय करेंगे, क्योंकि भारत अपनी विकास यात्रा के एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़ा है।
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