“वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर”पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर देश जब 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पर अपनी नजरें टिकाए होगा, ठीक उसी समय उत्तर भारत के मौसम में एक बहुत बड़ा और प्रभावी बदलाव होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के अनुसार, लगातार दो बैक-टू-बैक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने के कारण हिमालयी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों के मिजाज में भारी तब्दीली आएगी।
शनिवार, 31 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के चमोली जिले में हुई ताजा बर्फबारी ने बद्रीनाथ मंदिर को पूरी तरह सफेद चादर से ढक दिया है, जो आने वाले दिनों की कड़ाके की ठंड का स्पष्ट संकेत है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लौटेगी कड़ाके की सर्दी
मौसम विभाग की मानें तो इन डिस्टर्बेंस के चलते पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं काफी ज्यादा बारिश व बर्फबारी होने की प्रबल संभावना है। यह वेदर सिस्टम 1 से 3 फरवरी के बीच उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।
इस दौरान गरज के साथ बौछारें, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। हालांकि 2026 में उत्तराखंड में बर्फबारी थोड़ी देरी से हुई है, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक होने वाला है।
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विशेषज्ञों की राय: सक्रिय रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम तक के फाउंडर और किसान तक के वेदर व्लॉगर देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर सक्रिय और बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा, भले ही इसकी तीव्रता पिछले हफ्तों की भारी बारिश जितनी न हो।
उनका कहना है कि 1 फरवरी को कई राज्यों में मौसम काफी एक्टिव रहेगा, विशेषकर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी की तीव्रता में इजाफा होगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे वर्तमान मौसम के पैटर्न में एक साफ और बड़ा बदलाव नजर आएगा।
दिल्ली-NCR में बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के निवासियों के लिए 1 फरवरी का दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। आमतौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे और सुबह से दोपहर तक गरज के साथ हल्की बारिश या बिजली कड़कने की उम्मीद जताई गई है।
IMD का विश्लेषण कहता है कि बादलों की वजह से शुरुआत में रात का तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन बादल छंटते ही तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट आएगी, जिससे ठिठुरन एक बार फिर बढ़ जाएगी।
ठंडी हवाओं से गिरेगा पारा, हिसार और श्रीनगर में बढ़ेगी कनकनी
मैदानी इलाकों में ठंड की तीव्रता को लेकर देवेंद्र त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं न्यूनतम तापमान को 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे धकेल देंगी।
श्रीनगर और हिसार जैसे शहरों में पारा 3 से 4 डिग्री तक गिर सकता है। वर्तमान आंकड़ों की बात करें तो मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान पंजाब के फरीदकोट में 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। स्पष्ट है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म होते ही मैदानों में कड़ाके की सर्दी की वापसी होगी।
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फरवरी 2026 के लिए मौसम विभाग का मासिक पूर्वानुमान
फरवरी महीने के लिए जारी IMD के मंथली अनुमान चौंकाने वाले हैं। पूरे देश में इस महीने बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है, जो लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 81 प्रतिशत से भी कम रह सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में हालात और भी सूखे रह सकते हैं, जहाँ बारिश औसत के 78 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, इस फौरी ठंड के बावजूद महीने के अधिकांश समय में भारत के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। दिल्ली में अगले हफ्ते भी बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
कोहरे और प्रदूषण का दोहरा वार: विजिबिलिटी पर पड़ेगा असर
दिल्ली में आज ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, क्योंकि यहाँ बहुत हल्की बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया और एयर क्वालिटी (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।
IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच 30-40 kmph की रफ्तार वाली हवाएं और बिजली के साथ बारिश हो सकती है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर पहाड़ों में एवलांच का खतरा भी बढ़ा सकता है, जिसके लिए ऊचांई वाले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
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आने वाले दिनों का हाल: कम से कम तीन वेदर सिस्टम सक्रिय
मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट उमाशंकर दास के मुताबिक, कम से कम तीन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक के बाद एक भारत को प्रभावित करेंगे। पहले दो सिस्टम पश्चिमी हिमालय और मैदानी इलाकों पर असर डालेंगे, जिसके बाद हफ्ते के अंत में तीसरा सिस्टम सक्रिय होगा। इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।
विजिबिलिटी कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। दिल्ली का AQI शनिवार सुबह 265 दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर जारी रहने तक लोग सावधानी बरतें और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
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