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योग से वैश्विक शांति : योग अशांत विश्व में नई आशा पीएम मोदी का संदेश

योग से वैश्विक शांति

आज, जब विश्व अशांति और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, योग से वैश्विक शांति का संदेश एक नई उम्मीद जगाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर विशाखापत्तनम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह का नेतृत्व करते हुए योग को शांति और संतुलन का एक शक्तिशाली साधन बताया। इस वर्ष की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ वैश्विक एकजुटता और कल्याण की भावना को दर्शाती है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग मानवता के लिए एक ‘विराम बटन’ है।
  • यह हमें तनाव और अस्थिरता से उबरने में मदद करता है।
  • योग व्यक्ति को दुनिया के साथ एकता की ओर ले जाता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि योग सीमाओं, पृष्ठभूमि और क्षमता से परे सभी के लिए है। उन्होंने ब्रेल लिपि में योग शास्त्रों का अध्ययन करने वाले दिव्यांगों, अंतरिक्ष में योग का अभ्यास करने वाले वैज्ञानिकों, और गांवों में योग ओलंपियाड में भाग लेने वाले युवाओं का उदाहरण दिया। सिडनी ओपेरा हाउस से लेकर एवरेस्ट की चोटी तक, हर जगह योग का संदेश गूंज रहा है।

मुख्य बिंदु :

1. प्रधानमंत्री मोदी ने योग को शांति और संतुलन का शक्तिशाली माध्यम बताया।
2. ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ थीम से वैश्विक एकजुटता का संदेश दिया गया।
3. योग दिवस को 175 देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों ने मनाया।
4. मुख्यमंत्री नायडू ने योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन की संज्ञा दी।
5. विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों ने एक साथ योग कर रचा इतिहास।
6. 22,122 आदिवासी छात्रों ने सूर्य नमस्कार से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
7. योग को अंतरराष्ट्रीय खेलों में शामिल करने की मांग और डिजिटल युग में प्रासंगिकता पर बल।

योग: एक दशक की अविश्वसनीय यात्रा

पिछले एक दशक में योग ने एक अविश्वसनीय यात्रा तय की है। प्रधानमंत्री मोदी ने याद किया कि कैसे भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा था। बहुत कम समय में 175 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। यह अभूतपूर्व समर्थन आज की दुनिया में एकता और सहयोग का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।

  • यह वैश्विक मान्यता योग की सार्वभौमिक अपील को दर्शाती है।
  • प्रधानमंत्री ने इसे ‘मानवता के लिए योग 2.0’ की शुरुआत बताया।
  • इसका लक्ष्य आंतरिक शांति को वैश्विक नीति बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया से इस योग दिवस को मानवता के लिए योग 2.0 की शुरुआत का प्रतीक बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग अहंकार को मारकर हमें ‘मैं से हम’ की ओर ले जाता है। यह परस्पर जुड़ाव की गहरी सच्चाई को उजागर करता है: पृथ्वी पर प्रत्येक इकाई का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री नायडू ने योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बताया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री को योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बनाने के लिए दूरदर्शी बताया। नायडू ने उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक मान्यता मिली है। आज यह 175 देशों में 12 लाख से अधिक स्थानों पर मनाया जा रहा है। इसमें दुनिया भर में 10 करोड़ से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं।

  • नायडू ने कहा कि योग राष्ट्रीयता, क्षेत्र, धर्म और भाषा से परे है।
  • यह शरीर, मन और आत्मा का मिलन है।
  • यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

उन्होंने आगे कहा कि योग तनाव प्रबंधन, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। यह आत्म-खोज, विकास और मन की शांति प्रदान करता है। नायडू ने हिंसा को कम करने और शांति को बढ़ावा देने में योग की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें योग को और भी सुलभ बना रही हैं।

विशाखापत्तनम: योग का नया केंद्र

विशाखापत्तनम ने 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह की मेजबानी करके इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामान्य योग प्रोटोकॉल का पालन किया। यह कार्यक्रम 26 किलोमीटर लंबे गलियारे में आयोजित किया गया था। इसमें 3 लाख से अधिक लोगों ने एक साथ योग का अभ्यास किया। मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश को इस अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

  • ‘योगंध्र’ अभियान के तहत 1.44 लाख से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।
  • इस अभियान में 1.4 लाख स्थानों पर 2.17 करोड़ से अधिक प्रतिभागी पंजीकृत हुए।
  • 1.7 करोड़ प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खुशी जताई कि 22,122 आदिवासी छात्रों ने विशाखापत्तनम में एक साथ सूर्य नमस्कार करके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने योग के विभिन्न पहलुओं में आयोजित की जा रही वैश्विक प्रतियोगिताओं पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। सितंबर में योग सुपर लीग आयोजित की जाएगी।

योग का भविष्य: खेल और सतत अभ्यास

नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और अंततः ओलंपिक खेलों में योग को शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री कोई भी रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं और इतिहास बना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रतिदिन एक घंटा योग करने की अपील की। उन्होंने कहा, “योग ने व्यापक गति प्राप्त की है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योग हमारे जीवन का हिस्सा बन जाए।”

  • युवाओं को योग का अभ्यास केवल व्यायाम के रूप में नहीं करना चाहिए।
  • इसे डिजिटल दुनिया में ध्यान और अनुशासन बढ़ाने के लिए एक उपकरण के रूप में देखें।
  • निरंतर अभ्यास से जीवन में चमत्कार देखे जा सकते हैं।

नायडू ने कहा कि स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल आंध्र प्रदेश का लक्ष्य विकसित भारत के साथ संरेखित है। प्रधानमंत्री मोदी ने योग, प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद को पुनर्जीवित किया है। वे हरित ऊर्जा, स्वच्छ भारत और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका दृष्टिकोण केवल स्वस्थ वैश्विक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ ग्रह के लिए भी है। इस प्रकार, योग से वैश्विक शांति का लक्ष्य एक सतत और समावेशी भविष्य की ओर ले जाता है। योग से वैश्विक शांति का संदेश आज दुनिया को सबसे ज्यादा चाहिए। यह एक ऐसा अभ्यास है जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य से शुरू होकर वैश्विक सद्भाव तक पहुंचता है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नायडू के प्रयासों से, योग अब वास्तव में एक जन आंदोलन बन गया है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और भारत की उपलब्धियाँ

क्रम उपलब्धि भारत की भूमिका वैश्विक प्रभाव
1UNGA में ऐतिहासिक प्रस्तावपीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में योग दिवस का प्रस्ताव UNGA में रखा।177 देशों ने समर्थन किया, UN के इतिहास में सबसे तेज़ी से पारित प्रस्तावों में से एक।
221 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषितभारत के नेतृत्व में UN ने 21 जून को योग दिवस घोषित किया।अब हर साल 175+ देशों में योग दिवस बड़े स्तर पर मनाया जाता है।
3गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड योग आयोजन2015: दिल्ली में 35,985 प्रतिभागी। 2025: विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों ने एक साथ योग किया।वैश्विक स्तर पर सामूहिक योग की प्रेरणा दी; अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका में विशाल आयोजन।
4थीम आधारित वैश्विक जागरूकता‘One Earth, One Health’ जैसी थीम से भारत ने योग को वैश्विक शांति और स्वास्थ्य से जोड़ा।दुनिया भर में योग को मानसिक शांति और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के रूप में अपनाया गया।
5टेक्नोलॉजी और समावेशन के साथ योग का विस्तारब्रेल, AI, मोबाइल ऐप्स से योग को सब तक पहुँचाने की भारत की पहल।WHO ने भारत के सहयोग से Global Centre for Traditional Medicine की स्थापना की।
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