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20 कोच वाली वंदे भारत और कर्णावती एक्सप्रेस के टर्मिनल में बदलाव

20 कोच वंदे भारत

20 कोच वंदे भारत अहमदाबाद और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस रूट की सबसे प्रमुख ट्रेनों में से एक कर्णावती एक्सप्रेस का टर्मिनल स्टेशन अस्थायी रूप से बदल दिया गया है।

इसके साथ ही, यात्रियों की भारी भीड़ और बढ़ती मांग को देखते हुए 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था आगामी 26 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी और 7 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।

इस दौरान ट्रेन नंबर 12933 मुंबई सेंट्रल-वटवा कर्णावती एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 12934 अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल कर्णावती एक्सप्रेस अब मुंबई सेंट्रल के बजाय बांद्रा टर्मिनस से अपनी यात्रा शुरू और समाप्त करेंगी।

कर्णावती एक्सप्रेस के टर्मिनल और समय में हुआ अस्थायी बदलाव

पश्चिमी रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परिचालन कारणों से कर्णावती एक्सप्रेस को कुछ समय के लिए बांद्रा शिफ्ट किया गया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, ट्रेन नंबर 12933 बांद्रा टर्मिनस-वटवा कर्णावती एक्सप्रेस दोपहर 1:55 बजे बांद्रा टर्मिनस से प्रस्थान करेगी।

वहीं, वापसी में ट्रेन नंबर 12934 अहमदाबाद-बांद्रा टर्मिनस कर्णावती एक्सप्रेस दोपहर 12:30 बजे बांद्रा टर्मिनस पर अपनी यात्रा समाप्त करेगी।

रेलवे ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है कि बोरीवली और वटवा/अहमदाबाद के बीच इस ट्रेन की टाइमिंग में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन अस्थायी बदलावों को ध्यान में रखें ताकि स्टेशन पहुंचने में कोई असुविधा न हो।

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बढ़ती मांग को देखते हुए 20 कोच वाली वंदे भारत का संचालन

अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22961/22962) में सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी खुशखबरी है। रेल मंत्रालय इस रूट पर यात्रियों की लंबी और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सीटिंग कैपेसिटी में इजाफा कर रहा है। इसके तहत 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

पहले यह ट्रेन 16 कोच के साथ चलती थी, लेकिन अब इसमें 4 अतिरिक्त AC चेयर कार कोच अस्थायी रूप से जोड़े गए हैं। इस अपग्रेड से ट्रेन की कुल क्षमता में 278 सीटों की बढ़ोतरी होगी, जिससे पीक सीजन के दौरान यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और भीड़भाड़ वाले इस रूट पर यात्रा का अनुभव और भी बेहतर हो जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई थी 42वीं वंदे भारत को हरी झंडी

देश की 42वीं वंदे भारत एक्सप्रेस, जो अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलती है, भारतीय रेलवे के आधुनिक नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रीमियम सेमी-हाई स्पीड ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग दो साल पहले 12 मार्च 2024 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पश्चिमी रेलवे (WR) जोन इस ट्रेन का रखरखाव और संचालन करता है।

अब 20 कोच वाली वंदे भारत के रूप में इसका अपग्रेड होना रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें यात्रियों को तेज यात्रा, अपग्रेडेड सुविधाओं और बेहतर राइड क्वालिटी देने का वादा किया गया है। 26 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली यह 20 कोच की व्यवस्था 7 मार्च 2026 तक जारी रहेगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी।

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कांदिवली में इंजीनियरिंग कार्य पूरा, लोकल सेवाएं फिर से बहाल

मुंबई सबअर्बन नेटवर्क पर यात्रा करने वालों के लिए राहत की बात यह है कि पश्चिमी रेलवे ने कांदिवली में चल रहा मेंटेनेंस का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इंजीनियरिंग टीमों ने कांदिवली कार शेड लाइन को चालू करने के लिए रात भर और बुधवार 21 जनवरी की सुबह तक निरंतर काम किया।

इसके परिणामस्वरूप, पिछले कुछ दिनों से रद्द चल रही 204 लोकल ट्रेनों की सेवाओं को बहाल कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कांदिवली क्रॉसओवर का गहन निरीक्षण करने के बाद इसे ऑपरेशन के लिए फिट घोषित किया गया। बहाली के बाद पहली मलाड-चर्चगेट फास्ट ट्रेन सुबह 9:06 बजे रवाना हुई, जिससे पीक आवर्स के दौरान यात्रियों की परेशानी काफी कम हो गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

पश्चिमी रेलवे के अधिकारियों ने दोहराया है कि ट्रेन संचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता पक्का करने के लिए इस तरह के मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग कार्य अपरिहार्य हैं। बुनियादी ढांचे से जुड़े इन कार्यों के कारण कभी-कभी सेवाएं बाधित होती हैं, लेकिन रेलवे की कोशिश रहती है कि रात के समय काम पूरा कर दैनिक सेवाओं में कम से कम रुकावट आए।

कांदिवली में काम समय पर पूरा होने से मुंबई सबअर्बन कॉरिडोर पर हालात सामान्य हो गए हैं। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि टाइमिंग, हॉल्ट और कोच कंपोजिशन की विस्तृत जानकारी के लिए यात्री भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं और उसी के अनुसार अपना सफर प्लान कर सकते हैं।

वाल्टेयर डिविजन की रिकॉर्ड कमाई और वंदे भारत का अपग्रेड

रेलवे के विकास की कड़ी में वाल्टेयर डिविजनल रेलवे मैनेजर ललित बोहरा ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वाल्टेयर डिविजन भारतीय रेलवे के टॉप पांच सबसे ज्यादा कमाई करने वाले डिविजन में शामिल हो गया है।

डिविजन ने इस साल 66.7 मिलियन टन माल ढुलाई की, जो पिछले साल की तुलना में 13% अधिक है। इसकी कुल आय ₹9,147 करोड़ तक पहुंच गई है, जो 17.5% की वृद्धि दर्शाती है।

माल ढुलाई से होने वाली आय में सबसे तेज बढ़ोतरी के लिए यह डिविजन देश में नंबर एक पर रहा। इसी दौरान उन्होंने विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद रूट पर भी वंदे भारत के कोचों की संख्या 16 से बढ़ाकर 20 करने का ऐलान किया ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

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यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश और भविष्य की योजनाएं

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे 26 जनवरी से लागू होने वाले इन अस्थायी बदलावों पर विशेष ध्यान दें। चाहे वह कर्णावती एक्सप्रेस का बांद्रा टर्मिनस से चलना हो या 20 कोच वाली वंदे भारत का संचालन, इन सभी कदमों का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाना है।

वर्तमान में जो प्रेसिडेंट जो बाइडन के नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था और भारत की घरेलू विकास नीतियों के बीच तालमेल दिख रहा है, उसमें इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास सर्वोपरि है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रेलवे की वेबसाइट और ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की स्थिति चेक करते रहें ताकि अंतिम समय में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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