कर्नाटक में लोकायुक्त छापे के दौरान बुधवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई हुई। लोकायुक्त अधिकारियों ने एक आईएएस अधिकारी सहित आठ सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर तलाशी ली। यह अभियान भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
यह छापेमारी कई जिलों में फैली हुई थी और इसमें वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया।
कर्नाटक में लोकायुक्त छापे के तहत बेंगलुरु में तीन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के घरों पर छापेमारी हुई। इन अधिकारियों पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का संदेह है।
एर्प्पा रेड्डी को हाल ही में ₹10 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। इन अधिकारियों पर सरकारी भूमि के अवैध हस्तांतरण का भी आरोप है।
लोकायुक्त ने हुबली में भी कार्रवाई की, जहाँ कोप्पल के उप निदेशक एस.एम. चव्हाण के आवास पर छापा मारा गया। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, सोना और चांदी बरामद हुए।
यह हाल के महीनों में कर्नाटक लोकायुक्त द्वारा की गई लगातार और व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।
जून 2025 में, लोकायुक्त ने राज्य भर में 45 स्थानों पर छापे मारे थे। तब आठ सरकारी अधिकारियों की ₹34.90 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की गई थी।
कर्नाटक में लोकायुक्त छापे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश दे रहे हैं। पुलिस अधीक्षक वामशी कृष्णा ने बताया कि बेंगलुरु में 14 जगहों पर छापे मारे गए। टीम जमीन के लेनदेन और सोने के रिकॉर्ड सहित कई दस्तावेज खंगाल रही है। शाम तक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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