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पुरी अग्निकांड में मोड़: पुलिस और पीड़िता की मां के दावों में विरोधाभास

पुरी अग्निकांड में मोड़

ओडिशा के पुरी अग्निकांड में आया नया मोड़ सामने आया है, जहां पुलिस और पीड़िता के परिवार के बयानों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। ओडिशा के पुरी जिले में 15 वर्षीय किशोरी के साथ हुई जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिससे पूरी जांच की दिशा बदल गई है। जहां पीड़िता की मां ने तीन अज्ञात लोगों पर बेटी को जलाने का आरोप लगाया था, वहीं पुलिस का दावा है कि इस घटना में कोई और शामिल नहीं है।

  • पुलिस की जांच में यह घटना आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
  • पीड़िता की माँ के आरोप और पुलिस की जांच में गहरा विरोधाभास है।
  • इस मामले ने ओडिशा की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह घटना 19 जुलाई को पुरी के बलंगा इलाके में हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था।

मुख्य बिंदु :

  1. पीड़िता की माँ ने तीन अज्ञात लोगों पर बेटी को जलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
  2. ओडिशा पुलिस ने घटना को आत्महत्या बताते हुए किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता नकारी है।
  3. पीड़िता की 75% जलने की स्थिति में एम्स दिल्ली में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
  4. मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दोषियों को सजा दिलाने और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
  5. पीड़िता के पिता ने बेटी के मानसिक रोगी होने की बात सार्वजनिक रूप से सामने रखी है।
  6. घटना के विरोध में जनता का आक्रोश, विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
  7. पुलिस ने SIT गठित कर जांच को अंतिम चरण में बताते हुए रिपोर्ट जल्द जारी करने की बात कही।

ओडिशा के पुरी अग्निकांड में आया नया मोड़

पीड़िता की मां ने 19 जुलाई को बलंगा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि तीन लोगों ने उनकी बेटी का अपहरण किया, उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। वहीं, ओडिशा पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि जांच के अनुसार, इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं है। पीड़िता के पिता ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि उनकी बेटी मानसिक बीमारी से पीड़ित थी, जिसके कारण उसे आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ओडिशा पुलिस जल्द ही इस मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।

  • पुलिस की जांच में अब तक कोई भी व्यक्ति इस मामले में शामिल नहीं पाया गया है।
  • मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया था।
  • ओडिशा पुलिस ने इस दुखद मामले में संवेदनशील टिप्पणी न करने का आग्रह किया है।

पीड़िता की मौत और पुलिस का दावा

शनिवार (3 अगस्त, 2025) को पीड़िता ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जहां उसे बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया था। इस दुःखद खबर के तुरंत बाद, ओडिशा पुलिस ने दावा किया कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल नहीं था, जिससे इस मामले ने एक बड़ा पुरी अग्निकांड में मोड़ ले लिया है। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि लड़की आग में कैसे “घुस” गई।

  • पीड़िता को 75% जलने की हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती किया गया था।
  • पीड़िता को बाद में बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स ले जाया गया था।
  • मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने पीड़िता की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

भुवनेश्वर में शुरुआती इलाज के बाद उसे दिल्ली एम्स ले जाया गया था। पीड़िता 15 साल की थी और उसके घर के पास ही उसके साथ यह घटना हुई थी।

पुलिस की जांच और जनता का आक्रोश

पुलिस की इस घोषणा के बाद राज्य में आक्रोश फैल गया है, क्योंकि जनता पुलिस के दावे से सहमत नहीं है। विपक्षी दलों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। पुरी अग्निकांड में मोड़ के बाद ओडिशा की अपराध शाखा ने जांच को अपने हाथ में ले लिया है, जिससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ी है।

  • बालासोर की घटना के बाद सरकार पहले से ही आलोचनाओं का सामना कर रही थी।
  • बीजू जनता दल (बीजद) ने पीड़िता के परिवार के लिए 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।
  • इस घटना के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आवासों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

राज्य पुलिस ने सोशल मीडिया पर लोगों से इस मामले में संवेदनशील टिप्पणी न करने का आग्रह किया है। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।

जांच की अंतिम स्थिति और विरोधाभासी बयान

ओडिशा पुलिस ने कहा है कि जांच अंतिम चरण में है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी, लेकिन पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि लड़की आग में कैसे झुलसी, जो इस मामले का एक अहम सवाल बना हुआ है। पुरी अग्निकांड में मोड़ के बाद, पुलिस ने जनता से इस दुखद घटना के बीच “संवेदनशील टिप्पणियाँ” करने से बचने का आग्रह किया है।

  • पुलिस की जांच में अब तक कोई अन्य व्यक्ति इस घटना में शामिल नहीं पाया गया है।
  • पीड़िता की माँ ने प्राथमिकी में तीन अज्ञात बदमाशों का जिक्र किया था।
  • इस मामले ने सरकार और विपक्ष दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

ओडिशा पुलिस द्वारा एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस जल्द ही एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।

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