ओडिशा में नाबालिग को जलाया: दिल्ली एम्स में गंभीर हालत, CM ने की प्रार्थना
ओडिशा के पुरी जिले में नाबालिग को जलाया गया, यह एक स्तब्ध कर देने वाली घटना है जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। 15 वर्षीय किशोरी को भुवनेश्वर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल ने एक बयान में बताया है कि उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। ओडिशा में नाबालिग को जलाया जाने की भयावह घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है, जिससे न्याय की मांग उठ रही है।”
- किशोरी के शरीर का 75 प्रतिशत हिस्सा जल गया है।
- उसे रविवार शाम 4:20 बजे एयरलिफ्ट कर एम्स दिल्ली पहुंचाया गया।
- वह फिलहाल बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक की गहन चिकित्सा इकाई में ऑक्सीजन सपोर्ट पर है।
- डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम उसकी स्थिति पर लगातार कड़ी नज़र रख रही है,
- अगले 48-72 घंटे उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, सर्वोत्तम इलाज का आश्वासन
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी के बलंगा इलाके में शनिवार को हुई इस वीभत्स घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
- पीड़िता को सर्वोत्तम उपचार के लिए दिल्ली एम्स भेजा गया है।
- राज्य सरकार उसके इलाज के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करेगी।
- माझी ने भगवान जगन्नाथ से लड़की के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
उन्होंने यह भी कहा कि “मैं शनिवार को पुरी के बलंगा इलाके में हुई इस घटना से बेहद दुखी हूँ।”
ग्रीन कॉरिडोर से तेज़ आवागमन, पुलिस का सहयोग
भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा ने बताया। मरीज़ को एम्स भुवनेश्वर से बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था।
- मरीज़ को ले जाने के लिए पुलिस की एक प्लाटून तैनात थी।
- एम्बुलेंस ने 11 किलोमीटर की दूरी मात्र 12 मिनट में तय की।
- हवाई अड्डे पर उसे राष्ट्रीय राजधानी के लिए निर्धारित एक एयर एम्बुलेंस में बिठाया गया।
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने उसके जाने से पहले बताया कि “मरीज़ की हालत स्थिर है और उसका रक्तचाप अब सुधर गया है।”
प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती: “हाथ बंधे और मुँह पर कपड़ा”
दुखीश्याम सेनापति, एक प्रत्यक्षदर्शी जिन्होंने आग बुझाने में मदद की और लड़की के परिवार से संपर्क किया, ने एनडीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में उस भयावह दृश्य का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब लड़की मेरे घर की ओर दौड़ी तो वह जल रही थी।
- उसके हाथ बंधे थे और मुँह पर कपड़ा बंधा हुआ था।
- उसने बताया कि दो बाइकों पर सवार तीन लोग उसे जबरन यहां लाए।
- उन्होंने उस पर मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी, फिर भाग गए।
सेनापति ने कहा, “हमने कुछ नहीं सुना। उसका मुँह बंद था और उसके हाथ बंधे हुए थे।”
घटना का विवरण और पुलिस जांच
प्रारंभिक पुलिस जांच में पता चला है कि शनिवार को मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने किशोरी को रोका। उन्होंने उसे बलंगा थाना क्षेत्र के बयाबर गाँव के पास भार्गवी नदी के किनारे जबरन ले जाकर नाबालिग को जलाया।
- उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई गई और बदमाश फरार हो गए।
- स्थानीय लोगों ने आग बुझाई और उसे पहले पिपिली सरकारी अस्पताल ले गए।
- पुलिस ने पीड़िता के शनिवार को बोलने की स्थिति में आने के बाद बयान दर्ज किया है।
यह बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई थी।
विपक्षी दलों का आक्रोश और सरकार पर आरोप
विपक्षी दल बीजद ने बलंगा पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की।
- बीजद नेता तुकुनी साहू ने कहा, “इस बर्बर घटना को 24 घंटे से ज़्यादा हो गए हैं, लेकिन दोषी गिरफ्तार नहीं हुए।”
- पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, “यह घटना शासन की गहरी व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करती है।”
- कांग्रेस नेता श्रीकांत जेना ने कहा, “राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा के गृह क्षेत्र में घटना होने के बावजूद वह पीड़िता से मिलने नहीं आईं। यह निर्मम कृत्य, जिसमें नाबालिग को जलाया गया, राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है और चिंताएं बढ़ाता है।”
आगे की कार्रवाई: हिरासत में कुछ लोग
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
- पीड़िता आठवीं कक्षा की पढ़ाई छोड़ चुकी थी।
- उसके पिता एक मोटर गैराज में काम करते हैं।
- यह घटना बालासोर में एक छात्रा के आत्मदाह के बाद हुई है।
- पुलिस ने बताया कि पीड़िता की माँ ने बलंगा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। तेज़ कर दी है।
- पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि नाबालिग को जलाया जाने के बाद उसका बयान दर्ज किया गया है, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित होगा।”



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