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दिल्ली यूपीएससी छात्र मर्डर: लिव-इन पार्टनर ने रची साजिश

यूपीएससी छात्र मर्डर

यूपीएससी छात्र मर्डर दिल्ली में एक क्रूर हत्या का मामला सामने आया है, जिसकी साजिश फोरेंसिक विज्ञान की जानकारी रखने वाली एक 21 वर्षीय महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर को मारने के लिए रची। इस महिला ने अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल किसी खोज के लिए नहीं, बल्कि एक भयानक अपराध को अंजाम देने के लिए किया।

मृतक की पहचान 32 वर्षीय राम केश मीणा के रूप में हुई है, जो उसी इमारत में रहता था और यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। यह हत्या 6 अक्टूबर की तड़के तिमारपुर के गांधी विहार स्थित E-60 की चौथी मंजिल पर हुई। शुरुआत में इसे आकस्मिक आग लगने से हुई मौत बताया गया, लेकिन पुलिस की गहन जाँच ने इसे एक सुनियोजित हत्या साबित कर दिया।

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अश्लील वीडियो और ब्लैकमेलिंग बना हत्या का कारण

हत्या की मुख्य वजह महिला के अश्लील वीडियो और तस्वीरें थीं, जिन्हें मृतक राम केश मीणा ने रिकॉर्ड करके एक हार्ड डिस्क पर स्टोर कर लिया था। आरोपी महिला, अमृता चौहान (21), उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की निवासी है और बीएससी फोरेंसिक साइंस की छात्रा थी। मई 2025 से वह मीणा के साथ दिल्ली में लिव-इन रिलेशनशिप में थी।

जब अमृता को पता चला कि मीणा ने उसके अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड किए हैं और डिलीट करने से इनकार कर दिया है, तो वह “फँसी हुई और गुस्से में” आ गई। मीणा ने वीडियो डिलीट करने से मना कर दिया था और कथित तौर पर उसे अपमानित करने के लिए मनगढ़ंत कहानियाँ भी गढ़ी थीं। इस ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अमृता ने बदला लेने की योजना बनाई।

पूर्व प्रेमी और साथी संग मिलकर बनाई गई साजिश

बदला लेने की इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप (27), और एक अन्य सहयोगी संदीप कुमार (29), जो सभी मुरादाबाद के निवासी हैं, से संपर्क किया।

पुलिस के अनुसार, सुमित कश्यप मुरादाबाद में एलपीजी गैस वितरक के रूप में काम करता था, जिसका ज्ञान इस पूरी साजिश में बहुत काम आया। अमृता ने अपने फोरेंसिक साइंस के ज्ञान और क्राइम शो में अपनी गहरी रुचि का इस्तेमाल करते हुए हत्या की योजना बनाई, जिससे यह एक आकस्मिक दुर्घटना लगे।

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5 और 6 अक्टूबर की रात का खूनी घटनाक्रम

5 अक्टूबर की देर रात/6 अक्टूबर की तड़के तीनों आरोपी मीणा के फ्लैट पर पहुँचे। यहाँ, उन्होंने कथित तौर पर पहले गला घोंटकर और पीट-पीटकर मीणा की हत्या कर दी।

हत्या सुनिश्चित करने के बाद, उन्होंने शव को जलाने के लिए उस पर तेल, घी और शराब डाली, ताकि सबूत मिटाए जा सकें और मौत को आग लगने की घटना का रूप दिया जा सके। इसके बाद, सुमित कश्यप ने रसोई से एक गैस सिलेंडर निकाला और उसे मीणा के सिर के पास रख दिया। उसने रेगुलेटर खोल दिया, जिससे कमरे में गैस भरने लगी।

सिलेंडर में हेरफेर और आग लगने का नाटक

सुमित कश्यप, जिसे सिलेंडरों में हेरफेर करने की जानकारी थी, ने गैस सिलेंडर को इस तरह से सेट किया कि वह कुछ देर बाद फट जाए। अधिकारी ने बताया, “उन्होंने रेगुलेटर खोला और लाइटर से आग लगा दी, जिससे सिलेंडर पीड़िता के सिर के पास रह गया।” तीनों ने मीणा के दो लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और अन्य कीमती सामान भी ले लिए।

वे मुख्य द्वार बंद करके इमारत से बाहर निकल गए। उनके जाने के ठीक बाद आग लग गई। करीब एक घंटे बाद, सिलेंडर फट गया और मीणा का शरीर पूरी तरह से जल गया। हत्या की यह क्रूरता बताती है कि अमृता ने ब्लैकमेलिंग के चलते ही यूपीएससी छात्र मर्डर का यह जघन्य फैसला लिया।

पुलिस को कैसे हुआ शक और जाँच का खुलासा

6 अक्टूबर को आग लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग मौके पर पहुँचे और आग बुझाई, जहाँ बुरी तरह जला हुआ शव मिला। शुरुआत में यह आकस्मिक आग का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस का शक तब गहराया जब उन्होंने इलाके के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए।

फुटेज में आग लगने से पहले दो नकाबपोश व्यक्ति इमारत में दाखिल होते और 39 मिनट बाद एक व्यक्ति बाहर निकलता दिखाई दिया। इसके अलावा, लगभग 2:57 बजे, अमृता चौहान को एक व्यक्ति के साथ इमारत से बाहर आते देखा गया। पुलिस को पता चला कि अमृता ने फोरेंसिक साइंस का कोर्स किया था और वह “जाँचकर्ताओं को गुमराह करना जानती थी।”

तकनीकी निगरानी से सामने आया सच: गिरफ्तारियाँ

जाँच के दौरान, पुलिस ने अमृता चौहान की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) एकत्र की और उसका विश्लेषण किया। इससे पता चला कि घटना के समय उसका मोबाइल फ़ोन दिल्ली के गांधी विहार ई-ब्लॉक के पास था। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और सीडीआर के माध्यम से सभी आरोपियों का पता लगाया।

मुरादाबाद में कई छापों के बाद, अमृता को 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। उसके बाद सुमित कश्यप को अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फ़ोन के साथ 21 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया, और संदीप कुमार को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने हत्या से जुड़ी हार्ड डिस्क, एक ट्रॉली बैग, मृतक की कमीज़ और अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फ़ोन भी बरामद किए। इस मामले में यूपीएससी छात्र मर्डर की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी ने निर्णायक भूमिका निभाई।

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यूपीएससी अभ्यर्थी हत्याकांड: पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के दौरान, अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और संदीप कुमार के साथ मिलकर यह क्रूर अपराध करना कबूल कर लिया।

उसने बताया कि मृतक मीणा के पास उसकी अश्लील वीडियो और तस्वीरों वाली हार्ड डिस्क थी। इस चौंकाने वाले खुलासे ने स्पष्ट कर दिया कि यह आकस्मिक आग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी, जिसकी जड़ें ब्लैकमेलिंग और प्रतिशोध में थीं।

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