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धारावी में भीषण आग: मुंबई धारावी हार्बर लाइन आग से ट्रेन सेवा ठप

शनिवार दोपहर (22 नवंबर, 2025) को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के धारावी इलाके में हार्बर लाइन लोकल ट्रेन ट्रैक के बहुत पास बनी झोपड़ियों में एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई। इस भयावह मुंबई धारावी हार्बर लाइन आग के कारण, अधिकारियों को तुरंत प्रभावित हिस्से पर चलने वाली लोकल ट्रेन सर्विस को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। 60 फुट रोड पर स्थित नवरंग कंपाउंड के अंदर झोपड़ियों में लगी यह आग इतनी विकराल थी कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, लगभग आठ से 10 घरों को तुरंत नुकसान पहुंचा और इसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि, सबसे राहत की बात यह है कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के घायल होने की कोई खबर नहीं है।

आग लगने की टाइमलाइन और शुरुआती रिपोर्ट

नागरिक निकाय के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की प्रारंभिक चेतावनी दोपहर 12:29 बजे नवरंग कंपाउंड में मिली थी। एक सिविक अधिकारी के अनुसार, यह आग दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राउंड प्लस वन स्ट्रक्चर वाली झोपड़ी में लगी। आग की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और BMC के वार्ड स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे। आग बुझाने का काम शुरू करने के लिए कम से कम चार फायर इंजन और दूसरी फायरफाइटिंग गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई शुरू की। वेस्टर्न रेलवे के एक स्पोक्सपर्सन ने भी घटना के समय की पुष्टि करते हुए कहा कि दोपहर करीब 12:15 बजे माहिम और बांद्रा के बीच ईस्ट साइड पर अप हार्बर लाइन के पास झुग्गियों में आग लगने की घटना हुई।

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आग की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्र का विवरण

यह आग सक्रिय रेलवे लाइनों के बगल में ग्राउंड-प्लस-वन झोपड़ी तक ही सीमित थी, लेकिन इसकी तीव्रता बहुत अधिक थी। आग ने 10 से 15 वेयरहाउस को प्रभावित किया, जिनमें बड़ी मात्रा में प्लास्टिक से बना स्क्रैप मटीरियल स्टोर किया जा रहा था। फायर ऑफिसर एस. डी. सावंत ने ANI को जानकारी दी कि आग को लेवल-2 का घोषित किया गया था, और अब तक इस घटना के दौरान तीन कमर्शियल सिलेंडर फट चुके थे। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कम से कम दो ब्लास्ट सुने गए थे, जिससे आग और भी तेज़ी से फैली। अधिकारी सावंत ने स्पष्ट किया कि आग लगने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, क्योंकि इसकी जांच चल रही है, लेकिन उन्होंने संतोष जताया कि स्थिति अब कंट्रोल में है और अभी तक कोई कैजुअल्टी नहीं हुई है।

सुरक्षा कारण: ओवरहेड इक्विपमेंट पर कार्रवाई

चूंकि आग की लपटें सीधे रेलवे ट्रैक के बहुत करीब थीं, इसलिए वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने यात्री और ट्रेन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की। वेस्टर्न रेलवे के एक स्पोक्सपर्सन ने बताया, “माहिम और बांद्रा के बीच ईस्ट साइड में अप हार्बर लाइन के पास झुग्गियों में दोपहर करीब 12:15 बजे आग लगने की घटना के कारण, सेफ्टी के तौर पर ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) की इलेक्ट्रिक सप्लाई तुरंत काट दी गई।” इस एहतियाती कदम के कारण, हार्बर लाइन पर बांद्रा और माहिम के बीच लोकल ट्रेन सर्विस दोपहर 12.43 बजे से रोक दी गई थी। इस तरह की घटना में मुंबई धारावी हार्बर लाइन आग के दौरान सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होती है, और बिजली की आपूर्ति काटी गई ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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रेलवे और सिविक अधिकारियों का त्वरित एक्शन

मुंबई फायर ब्रिगेड, पश्चिमी रेलवे, 108 एम्बुलेंस सेवा, ग्रेटर मुंबई नगर निगम (MCGM) और मुंबई पुलिस की एक संयुक्त प्रतिक्रिया टीम ने तुरंत समन्वय स्थापित किया। इन टीमों ने आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रण में करने में सक्रिय रूप से मदद की। वेस्टर्न रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर (CPRO) ने इस त्वरित कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा, “हमारी टीमों ने तुरंत पावर काटकर और किसी भी खतरे को रोकने के लिए ट्रेनों को रेगुलेट करके एक्शन लिया।” CPRO के अनुसार, माहिम और बांद्रा स्टेशनों के बीच पाँच ट्रेनों को नियंत्रित (रेगुलेट) किया गया ताकि वे घटनास्थल से दूर रहें और प्रभावित न हों।

यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन का रेगुलेशन

रेलवे अधिकारियों ने लगातार यह सुनिश्चित किया कि किसी भी यात्री या ट्रेन को कोई खतरा न हो, क्योंकि उन्हें घटनास्थल से दूर रेगुलेट कर दिया गया था। CPRO ने बार-बार यह कहा, “सभी पैसेंजर सुरक्षित हैं, और क्लियरेंस मिलते ही सर्विस नॉर्मल हो जाएंगी।” हालांकि, ट्रेन सर्विस रुकने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। M-Indicator पर कई यूज़र्स ने बताया कि वडाला से बांद्रा और गोरेगांव जाने वाली ट्रेनें चालू नहीं थीं।

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कुछ यात्रियों ने तो ट्रैक पर चलना भी शुरू कर दिया था, जिसकी तस्वीरें भी साझा की गईं। किंग सर्कल के एक यात्री ने वडाला और बांद्रा के बीच ट्रेन न होने की पुष्टि की। एक यात्री श्रीराम ने बताया कि यात्रियों को दादर होते हुए गोरेगांव या अंधेरी जाने की परमिशन दे दी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुंबई धारावी हार्बर लाइन आग की वजह से यातायात प्रबंधन में बदलाव किए गए थे। स्थिति सामान्य होने तक, हार्बर लाइन ट्रेन सर्विस को रेगुलेट किया गया।

क्या है मुंबई हार्बर लाइन?

मुंबई हार्बर लाइन, शहर की लाइफलाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुंबई के पूर्वी हिस्से से होकर गुजरती है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को नवी मुंबई और उससे आगे तक जोड़ती है। इस लाइन पर तीन मुख्य रूट हैं: CSMT से पनवेल, CSMT से अंधेरी, और एक ट्रांस-हार्बर लाइन भी है जो ठाणे को नवी मुंबई के वाशी, नेरुल और पनवेल जैसे स्टेशनों से जोड़ती है। इस लाइन के कुछ मुख्य स्टेशन नेरुल, बेलापुर, पनवेल और वाशी हैं। इस महत्वपूर्ण लाइन पर लगी मुंबई धारावी हार्बर लाइन आग ने स्पष्ट रूप से शहर के लाखों दैनिक यात्रियों को प्रभावित किया।

आग से नुकसान और वर्तमान स्थिति

शुरुआत में मिली रिपोर्टों से पता चला था कि आग से आठ से 10 घरों को नुकसान हुआ है, लेकिन एक फायर ऑफिसर ने बाद में पुष्टि की कि 10 से 15 वेयरहाउस प्रभावित हुए हैं, जिनमें प्लास्टिक स्क्रैप मटीरियल स्टोर था। आग लगने का कारण अभी भी पता नहीं चल पाया है क्योंकि जांच जारी है। हालांकि, अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, और डिज़ास्टर कंट्रोल रूम ने भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं दी है। वेस्टर्न रेलवे ने एक बयान में कहा कि हार्बर लाइन ट्रेन सर्विस को तब तक रेगुलेट किया गया है जब तक स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में नहीं आ जाती और सुरक्षा क्लियरेंस नहीं मिल जाता।

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