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बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन: मुंबई बचाने के लिए राज-उद्धव आए साथ

बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन

बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन के तहत महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहाँ राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पुराने मतभेद भुलाकर शिवसेना (UBT) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की अपील की है।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ लोग मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, और ऐसे किसी भी प्रयास को हर हाल में नाकाम किया जाना चाहिए।

रंगशारदा ऑडिटोरियम में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव सिर्फ सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि “मुंबई को बचाने” की एक निर्णायक लड़ाई है।

मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश के खिलाफ एकजुटता

राज ठाकरे ने अपने संबोधन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुंबई की पहचान को मिटाने और इसे महाराष्ट्र से तोड़ने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। उनके सुर में सुर मिलाते हुए MNS नेता बाला नंदगांवकर ने कहा, “मुंबई को तोड़ने का सपना देखने वालों का अंत होना चाहिए। मुंबई सिर्फ मराठी मानुष और महाराष्ट्र की है।

” उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि महाराष्ट्र के गौरव से बड़ी कोई लड़ाई नहीं हो सकती। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि 15 जनवरी को होने वाले मतदान में जीत सुनिश्चित करने के लिए मराठी मानुष की एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार है।

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गठबंधन धर्म का पालन और सीट-शेयरिंग का गणित

ठाकरे ने जोर देकर कहा कि बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन को सफल बनाने के लिए हर कार्यकर्ता को गठबंधन धर्म का ईमानदारी से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की हर सीट महत्वपूर्ण है और इसमें कोई भी ढिलाई गठबंधन को भारी पड़ सकती है।

राज ठाकरे ने निर्देश दिया कि MNS के कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी न केवल अपनी पार्टी बल्कि शिवसेना (UBT) और NCP (शरद पवार गुट) के उम्मीदवारों के लिए भी पूरे उत्साह के साथ प्रचार करें। उन्होंने भरोसा जताया कि इस समर्थन का जवाब शिवसेना (UBT) भी पूरी निष्ठा के साथ देगी।

नामांकन प्रक्रिया और कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर रुख

नामांकन की गहमागहमी के बीच नंदगांवकर ने जानकारी दी कि उम्मीदवारों के लिए आवश्यक AB फॉर्म का वितरण सोमवार से शुरू कर दिया गया है। हालांकि, गठबंधन के कारण कुछ वार्डों में दावेदारी न मिल पाने से कुछ कार्यकर्ता नाखुश नजर आ रहे हैं। इस पर नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया कि “यह आखिरी चुनाव नहीं है।

” उन्होंने कार्यकर्ताओं से हिम्मत न हारने और लक्ष्य पर केंद्रित रहने का आग्रह किया। फिलहाल कुछ सीटों पर आखिरी मिनट की बातचीत अभी भी जारी है, ताकि आपसी सहमति से सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार उतारा जा सके।

बीएमसी चुनाव का पूरा शेड्यूल और महत्वपूर्ण तारीखें

चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, बृहन्मुंबई नगर निगम के चुनाव 15 जनवरी 2026 को निर्धारित किए गए हैं। चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही 30 दिसंबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि तय की गई है।

मतदान के बाद 16 जनवरी को वोटों की गिनती की जाएगी, जिससे मुंबई के नए भाग्यविधाताओं का फैसला होगा। इस चुनावी कार्यक्रम के बीच बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन की सक्रियता ने विरोधी खेमों की चिंता बढ़ा दी है।

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दादर से यशवंत किल्लेदार के नाम का हुआ औपचारिक ऐलान

राज ठाकरे ने अपनी चुनावी रणनीति का संकेत देते हुए दादर (शिवाजी पार्क) जैसे महत्वपूर्ण मराठी-बहुल इलाके से सीनियर नेता यशवंत किल्लेदार को अपना पहला उम्मीदवार घोषित किया है। किल्लेदार को AB फॉर्म सौंपने के साथ ही MNS ने अपने अभियान का बिगुल फूंक दिया है।

दादर हमेशा से शिवसेना और अब MNS के लिए भावनात्मक और राजनीतिक गढ़ रहा है, ऐसे में यहाँ से शुरुआत करना मराठी गौरव को लामबंद करने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है।

‘मुंबई बचाओ’ के नारे पर संजय राउत और राज ठाकरे एक साथ

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी राज ठाकरे के “मुंबई बचाओ” के आह्वान का पुरजोर समर्थन किया है। राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि मुंबई को उद्योगपति गौतम अडानी के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुंबई पर सौदा करने की कोशिशों को सड़कों पर उतरकर नाकाम किया जाएगा। राउत के अनुसार, भले ही शरद पवार और अडानी के बीच निजी संबंध हों, लेकिन मुंबई को बचाने की इस लड़ाई में NCP (SP) पूरी ताकत के साथ शिवसेना (UBT) और MNS के साथ खड़ी है।

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ठाकरे और पवार परिवारों का ऐतिहासिक मिलन: सत्ता नहीं अस्तित्व की लड़ाई

महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे और पवार परिवारों का पुनः एक साथ आना किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। 2006 में राज ठाकरे के अलग होने और 2023 में अजित पवार के विद्रोह के बाद, चुनावी मजबूरियों ने इन दिग्गजों को एक मंच पर ला दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि बीएमसी चुनाव 2026 गठबंधन का मुख्य उद्देश्य BJP के बढ़ते दबदबे को रोकना है।

राज ठाकरे ने स्पष्ट कहा कि ठाकरे और पवार सरनेम महाराष्ट्र की राजनीति के स्थायी ब्रांड हैं, जिन्हें खत्म नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि क्या यह ‘फैमिली रीयूनियन’ मुंबई की सत्ता की चाबी हासिल करने में कामयाब होता है या नहीं।

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