मुंबई हमलों का इंसाफ: ओवैसी ने मोदी को दी ट्रंप जैसी चुनौती
मुंबई हमलों का इंसाफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को मुंबई में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कड़े सवाल खड़े किए।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को भी इसी तरह की निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। ओवैसी ने मांग की कि यदि अमेरिका एक विदेशी राष्ट्रपति को उनके देश से उठा सकता है, तो भारत पाकिस्तान में छिपे आतंकियों को वापस लाने में क्यों पीछे है।
अगर ट्रंप मादुरो को पकड़ सकते हैं, तो मोदीजी आप क्यों नहीं?
मुंबई में अपने जोशीले भाषण के दौरान ओवैसी ने कहा, “हमने आज देखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें उनके देश से अमेरिका ले गए।
” उन्होंने सीधे तौर पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या भारत भी ऐसा साहस दिखा सकता है?
ओवैसी ने तर्क दिया कि अगर ट्रंप अपनी सेना भेजकर किसी देश के राष्ट्रपति को अगवा करवा सकते हैं और यदि सऊदी अरब यमन के बंदरगाहों पर बमबारी कर सकता है, तो भारत पाकिस्तान में सेना भेजकर आतंकियों को क्यों नहीं लाता?
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56 इंच का सीना है तो मसूद अजहर को अगवा करके भारत लाओ
ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी के चर्चित ’56 इंच के सीने’ वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा, “मोदीजी, 56 इंच का सीना है, तो उन्हें (आतंकियों को) अगवा करके भारत वापस लाओ।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चाहे वह मसूद अजहर हो या लश्कर-ए-तैयबा का कोई भी क्रूर शैतान, उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करना जरूरी है।
ओवैसी के अनुसार, देश की जनता आज भी मुंबई हमलों का इंसाफ चाहती है और सरकार को अब केवल बातों के बजाय ठोस कार्रवाई करके दिखानी चाहिए।
वेनेजुएला में अमेरिका का ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ और मादुरो की गिरफ्तारी
ओवैसी का यह पूरा बयान वेनेजुएला में अमेरिका के हालिया सैन्य हमलों के संदर्भ में था। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ मीडिया पर इस बात की पुष्टि की थी कि “वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले” किए गए और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ लिया गया।
इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ का नाम दिया गया है, जिसे वाशिंगटन ने “नार्को-स्टेट” नेतृत्व के खिलाफ कानून लागू करने वाली कार्रवाई बताया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन करार दिया है।
जहाज पर मादुरो की आंखों पर बंधी पट्टी और अमेरिकी हिरासत
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर भी साझा की थी, जिसमें वे यूएसएस इवो जिमा (USS Iwo Jima) पर आंखों पर मास्क और हेडफोन पहने नजर आ रहे थे। ट्रंप ने बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया था।
फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि जब तक वेनेजुएला में एक सुरक्षित और सही बदलाव नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वहां का नियंत्रण संभालेगा। उन्होंने मादुरो को एक विशाल आपराधिक नेटवर्क का सरगना बताया जो अमेरिका में ड्रग्स तस्करी के लिए जिम्मेदार था।
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पाकिस्तान में छिपे LeT के ‘क्रूर शैतानों’ पर कार्रवाई की मांग
ओवैसी ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि मुंबई हमलों का इंसाफ तभी पूरा होगा जब उन साजिशकर्ताओं को भारतीय धरती पर लाया जाएगा। उन्होंने 26 नवंबर 2008 की उस काली रात को याद किया जब लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने मुंबई को दहला दिया था। इस हमले में 170 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए थे।
ओवैसी ने कहा कि अगर ट्रंप अपने दुश्मनों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ सकते हैं, तो मोदी सरकार को भी पाकिस्तान में सेना भेजकर मसूद अजहर जैसे आतंकियों को वापस लाना चाहिए।
‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ के नारे पर ओवैसी का तीखा तंज
अपने भाषण के अंत में ओवैसी ने व्यंग्यात्मक लहजे में पीएम मोदी के पुराने नारे “अबकी बार ट्रंप सरकार” को याद दिलाया। उन्होंने कहा, “अगर ट्रंप कर सकते हैं, मोदी जी, आप भी कम नहीं हैं। अगर ट्रंप कर सकते हैं, तो आपको भी यह करना होगा।
” ओवैसी ने यह तुलना इसलिए की क्योंकि ट्रंप ने मादुरो को पकड़कर न्यूयॉर्क भेज दिया है, जहां उन पर अमेरिकी धरती पर नार्को-टेररिज्म के आरोपों के तहत मुकदमा चलेगा। ओवैसी चाहते हैं कि भारत भी इसी तरह की अंतरराष्ट्रीय धमक दिखाए।
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जनता की अदालत और मुंबई हमलों का इंसाफ
अंततः, ओवैसी का यह भाषण न केवल सुरक्षा नीतियों पर सवाल था बल्कि एक राजनीतिक चुनौती भी थी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मुंबई हमलों का इंसाफ भारतीय राजनीति और सुरक्षा का एक अधूरा अध्याय है। उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार से पूछा कि वे कब तक केवल दावों तक सीमित रहेंगे?
ओवैसी की मांग है कि भारत को भी ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ जैसी किसी कार्रवाई के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं को पकड़कर देश वापस लाना चाहिए ताकि पीड़ितों को सही मायनों में न्याय मिल सके।
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