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महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026: 29 निगमों के लिए महादंगल

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के तहत राज्य के 29 नगर निगमों में 15 जनवरी को होने जा रहे मतदान के लिए पूरी चुनाव मशीनरी ने कमर कस ली है। बुधवार सुबह 7.30 बजे से शुरू होने वाले इस लोकतांत्रिक उत्सव में राज्य के 3,48,79,337 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

कुल 2,869 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में प्रतिनिधियों के भाग्य का फैसला 39,092 मतदान केंद्रों पर होगा। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनावी महादंगल में कुल 15,908 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भविष्य का फैसला 16 जनवरी को होने वाली मतगणना के साथ होगा।

महाराष्ट्र में चुनावी मशीनरी और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम

शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा 15 दिसंबर, 2025 को की गई थी, जिसके बाद से ही प्रशासन तैयारी में जुटा है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 63 पुलिस उपाधीक्षक और 858 सहायक पुलिस निरीक्षकों के हाथों में है।

साथ ही 11,938 पुलिसकर्मियों और 42,703 होम गार्डों को मुस्तैद किया गया है। संवेदनशील माने जाने वाले 3,196 मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेट रिज़र्व पुलिस फोर्स की 57 कंपनियां भी तैनात हैं।

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मतदाताओं का आंकड़ा और शक्ति प्रदर्शन

इस चुनाव में मतदाताओं की कुल संख्या 3.48 करोड़ से अधिक है, जिसमें 1,81,94,292 पुरुष और 1,66,80,449 महिला मतदाता शामिल हैं। ‘अन्य’ श्रेणी के 4,596 मतदाता भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के लिए राज्य चुनाव आयोग ने मतदान की सुविधा हेतु 43,958 कंट्रोल यूनिट और 87,916 बैलेट यूनिट की व्यवस्था की है। अकेले मुंबई (BMC) के लिए 11,349 कंट्रोल यूनिट और 22,698 बैलेट यूनिट तैनात की गई हैं, जो इस चुनाव की व्यापकता को दर्शाता है।

इन 29 नगर निगमों में होगा शक्ति परीक्षण

जिन प्रमुख नगर निगमों में चुनाव होने हैं, उनमें बृहन्मुंबई (BMC), ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, सोलापुर, कोल्हापुर, नासिक, मालेगांव, अहिल्यानगर, धुले, जलगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़, इचलकरंजी, सतारा, कोल्हापुर, अकोला, अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, लातूर, परभणी, नांदेड़-वाघला और जालना शामिल हैं। यह चुनाव न केवल स्थानीय सत्ता का फैसला करेंगे, बल्कि राज्य की राजनीति की भविष्य की दिशा भी तय करेंगे।

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BMC चुनाव: मुंबई का अनोखा वार्ड सिस्टम और राजनीतिक समीकरण

मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए चुनाव प्रक्रिया अन्य शहरों से थोड़ी अलग है। बृहन्मुंबई में ‘सिंगल-मेंबर वार्ड सिस्टम’ लागू है, जहाँ 227 वार्डों में से प्रत्येक से एक कॉर्पोरेटर चुना जाता है। यहाँ का वोटर सिर्फ एक वोट दे सकता है।

दूसरी ओर, बाकी 28 नगर निगमों में ‘मल्टी-मेंबर वार्ड सिस्टम’ (प्रभाग पद्धति) के तहत चुनाव हो रहे हैं, जहाँ मतदाताओं को अपने वार्ड की सीटों के अनुसार तीन से पांच वोट देने का अधिकार होगा। BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है, जहाँ लगभग 1.03 करोड़ मतदाता 1,700 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

उलझे हुए गठबंधन और सियासी घमासान

इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प और पेचीदा है। मुंबई और पूरे राज्य में मतदाता पहली बार दो शिवसेना और दो NCP गुटों के बीच बंटे हुए देखेंगे।

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी ‘महायुति’ (BJP, शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP) और विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (उद्धव की शिवसेना, शरद पवार की NCP और कांग्रेस) के बीच है। मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है, जबकि कांग्रेस ने वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) के साथ हाथ मिलाया है।

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वोटिंग और नतीजों का पूरा शेड्यूल

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान 15 जनवरी को सुबह 7.30 बजे शुरू होगा और शाम 5.30 बजे तक चलेगा। चुनाव के मद्देनजर सभी संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद, वोटों की गिनती शुक्रवार, 16 जनवरी, 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी।

चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में घर से बाहर निकलकर वोट डालें, क्योंकि हर वोट शहर के बुनियादी ढांचे और भविष्य को आकार देने की शक्ति रखता है।

प्रशासक शासन का अंत और लोकतंत्र की वापसी

पिछले कई वर्षों से महाराष्ट्र की अधिकांश महानगरपालिकाएं प्रशासकों के अधीन थीं क्योंकि 2019 से 2022 के बीच इनके कार्यकाल समाप्त हो गए थे। अदालती निर्देशों के बाद अब महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव 2026 के जरिए स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की वापसी हो रही है।

मुंबई में पिछला चुनाव 2017 में हुआ था, और लगभग नौ साल बाद हो रही यह वोटिंग शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और प्रदूषण जैसे ज्वलंत मुद्दों पर जवाबदेही तय करने का एक बड़ा अवसर है।

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