67 के उम्र में पीटी उषा के पति वी. श्रीनिवासन का निधन
वी. श्रीनिवासन का निधन भारतीय खेल और प्रशासनिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा के पति वी. श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के केरल के कोझिकोड में उनके आवास पर देहांत हो गया। वह 67 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन आज सुबह अपने घर ‘उषास’ में अचानक गिर गए थे। हालांकि उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस दुखद घड़ी में पूरी खेल दुनिया और राजनीतिक गलियारे शोक में डूबे हैं।
अचानक गिरने से हुई मौत, दिल्ली में थीं पीटी उषा
यह दुखद घटना उस समय हुई जब वी. श्रीनिवासन थिक्कोडी स्थित अपने घर पर बैठे हुए थे और अचानक गिर पड़े। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जिस समय यह हादसा हुआ, पीटी उषा घर पर मौजूद नहीं थीं; वह नई दिल्ली में संसदीय सत्र में हिस्सा ले रही थीं और वहां से घर लौट रही थीं। श्रीनिवासन की जड़ें कुट्टिक्कड़, पोन्नानी के वेंगाली थरवाड़ से जुड़ी थीं। वह पद्मिनी और स्वर्गीय नारायणन के पुत्र थे। उनके पिता नारायणन सीआईएसएफ (CISF) में रिटायर्ड डीएसपी थे। वी. श्रीनिवासन का निधन ऐसे समय में हुआ है जब वह उषा के राजनीतिक और प्रशासनिक करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में पर्दे के पीछे से मदद कर रहे थे।
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कौन थे वी. श्रीनिवासन? पूर्व नेशनल कबड्डी खिलाड़ी का सफर
वी. श्रीनिवासन की पहचान केवल पीटी उषा के पति के रूप में नहीं थी, बल्कि वह स्वयं एक उत्कृष्ट खिलाड़ी थे। वह अपने युवा दिनों में एक जाने-माने राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी और कोच रहे थे। खेल के प्रति उनकी इसी समझ ने उन्हें उषा के करियर को बेहतर ढंग से समझने और समर्थन देने में मदद की। वह जानते थे कि एलीट स्पोर्ट्स में किस तरह के अनुशासन और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है। उन्होंने सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में इंस्पेक्टर और बाद में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के पद पर शानदार सेवाएं दीं। वह एक ऐसे अनुशासित परिवार से आते थे जिसने हमेशा देश की सेवा को सर्वोपरि रखा।
पीटी उषा की सफलताओं के पीछे की ‘शांत शक्ति’
पय्योली एक्सप्रेस के नाम से मशहूर पीटी उषा के शानदार खेल और राजनीतिक करियर के दौरान श्रीनिवासन हमेशा एक चट्टान की तरह उनके साथ खड़े रहे। उन्हें व्यापक रूप से उषा के समर्थन का स्तंभ और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे की प्रेरक शक्ति माना जाता था। वी. श्रीनिवासन का निधन उस अटूट साझेदारी का अंत है जिसने 1991 में शादी के बाद भारतीय एथलेटिक्स को नई दिशा दी। अपनी 30वीं शादी की सालगिरह पर उषा ने लिखा था कि “मेरी सभी सफलताओं के पीछे इस आदमी का हाथ है।” उन्होंने सार्वजनिक जीवन से हमेशा दूरी बनाए रखी, लेकिन उषा की हर जीत और संघर्ष में वह साये की तरह उनके साथ रहे।
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उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की स्थापना में अहम भूमिका
ट्रैक से परे, श्रीनिवासन ने भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह कोइलांडी (बालुसेरी) में स्थित ‘उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स’ के सह-संस्थापक और कोषाध्यक्ष थे। उन्होंने इस अकादमी के प्रशासनिक, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय कार्यों को पूरी कुशलता से संभाला, जिससे उषा अपना पूरा ध्यान युवा एथलीटों को कोचिंग देने और मेंटरिंग करने पर लगा सकीं। इसी स्कूल ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय एथलीट दिए हैं। श्रीनिवासन की दूरदर्शिता और प्रबंधन कौशल ही था जिसने इस अकादमी को भारतीय ट्रैक सितारों को प्रशिक्षित करने का एक प्रमुख केंद्र बनाया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने फोन कर व्यक्त किया गहरा शोक
इस दुखद खबर के मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा को व्यक्तिगत रूप से फोन किया और शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय खेल और राजनीति में उनके योगदान और श्रीनिवासन के निस्वार्थ समर्थन की सराहना की। मोदी ने इस मुश्किल समय में परिवार को शक्ति और शांति मिलने की प्रार्थना की। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए कहा कि श्रीनिवासन जी का जाना बहुत पीड़ादायक है और वह उषा जी तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। वी. श्रीनिवासन का निधन होने पर कई अन्य राजनीतिक और खेल हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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परिवार और निजी जीवन: एक आदर्श ‘रिले टीम’
श्रीनिवासन और उषा का एक बेटा है, डॉ. विघ्नेश उज्ज्वल, जो एक स्पोर्ट्स मेडिसिन प्रोफेशनल हैं। उज्ज्वल की शादी पिछले साल ही हुई थी। श्रीनिवासन के परिवार में उनकी पत्नी और बेटे के अलावा उनके भाई-बहन भी हैं, जिनमें गिरिजा वल्लभन, बिजु (बिजनेसमैन), नंदिनी और वकील बीना शामिल हैं। उषा अक्सर अपने पति को एक ‘परफेक्ट रिले टीम’ का हिस्सा बताती थीं, जो न केवल स्प्रिंट बल्कि जीवन की मैराथन के लिए भी पर्याप्त थी। उन्होंने 2021 में अपनी शादी के 30 साल पूरे होने का जश्न मनाया था, जो उनके गहरे प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक था।
खेल जगत में कभी न भरने वाली रिक्तता
वी. श्रीनिवासन ने भले ही खुद को लाइमलाइट से दूर रखा, लेकिन उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। चाहे वह 2022 में पीटी उषा की इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में ऐतिहासिक नियुक्ति हो या उनका राज्यसभा का कार्यकाल, श्रीनिवासन ने बैकग्राउंड में रहकर लगातार सपोर्ट दिया। उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने उन्हें एक सच्चा प्रेरक और सहारा बताया। कोझिकोड के थिक्कोडी में उनके घर पर मातम छाया हुआ है, जहां खेल और राजनीति से जुड़े लोग अंतिम विदाई देने पहुंच रहे हैं। वी. श्रीनिवासन का निधन भारतीय खेल इतिहास के एक शांत लेकिन बेहद प्रभावशाली अध्याय का अंत है।
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