NCP गुटों का विलय: अजित पवार के निधन के बाद फडणवीस से मिले नेता
उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में अनिश्चितता का दौर शुरू हो गया है। इस कठिन समय में, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य और NCP गुटों का विलय होने की बढ़ती अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दक्षिण मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में हुई यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें पार्टी के भविष्य, नेतृत्व और अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण विभागों के आवंटन पर विस्तार से चर्चा की गई। न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल बैठक में प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे जैसे दिग्गज चेहरे शामिल थे।
वर्षा बंगले पर डेढ़ घंटे चली रणनीतिक बैठक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई इस बातचीत का मुख्य केंद्र अजित पवार के निधन के बाद पैदा हुई राजनीतिक रिक्तता को भरना था। वर्षा बंगले पर हुई डेढ़ घंटे की इस बैठक के दौरान, NCP नेताओं ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और पवार के अचानक चले जाने के बाद पार्टी के अगले कदम पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, बैठक के बाद किसी भी पक्ष ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में NCP गुटों का विलय होने की संभावनाओं पर मंथन तेज है। प्रफुल्ल पटेल ने मीडिया से बात करते हुए संकेत दिया कि पार्टी जल्द ही पवार परिवार से सलाह मशविरा करने और जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए कोई बड़ा फैसला लेगी।
इसे भी पढ़े :- अजित पवार प्लेन क्रैश: मौत से पहले पायलट के आखिरी शब्द थे ‘ओह शिट’
सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की उठी मांग
अजित पवार के निधन के बाद अब उनके उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। NCP मंत्री नरहरि ज़िरवाल ने सार्वजनिक रूप से अपनी इच्छा जाहिर की है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाना चाहिए। पार्टी के विधायक और वरिष्ठ नेता भी सुनेत्रा पवार पर इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए दबाव बना रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने अभी तक इस मांग पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह स्पष्ट है कि पवार परिवार और पार्टी के अंदरूनी सूत्र सुनेत्रा पवार को न केवल उपमुख्यमंत्री, बल्कि पार्टी के मार्गदर्शक के रूप में भी देख रहे हैं। रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुने जाने की प्रबल संभावना है।
अजित पवार के पोर्टफोलियो पर NCP का दावा
महाराष्ट्र सरकार में अजित पवार के पास केवल उपमुख्यमंत्री का पद ही नहीं था, बल्कि वे वित्त, आबकारी (एक्साइज) और खेल जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार भी संभाल रहे थे। वर्षा बंगले पर हुई बैठक में प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल ने इन विभागों पर पार्टी का दावा बरकरार रखने की बात कही। नेताओं का मानना है कि ये विभाग NCP के कोटे में ही रहने चाहिए ताकि प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहे। प्रफुल्ल पटेल ने जोर देकर कहा कि अजित पवार के पोर्टफोलियो और पार्टी से जुड़े फैसलों को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि देरी होने से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़े :- बारामती विमान हादसा: डिप्टी CM अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत
अजित पवार की अंतिम इच्छा: NCP गुटों का विलय
दिवंगत नेता अजित पवार के करीबी सहयोगियों और विपक्षी गुट के नेताओं ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अजित पवार के सहयोगी किरण गुजर और शरद पवार गुट के नेता अनिल देशमुख ने पुष्टि की है कि अजित पवार वास्तव में NCP गुटों का विलय करने के पक्ष में थे। गुजर के अनुसार, दुर्घटना से महज पांच दिन पहले अजित पवार ने कहा था कि विलय की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और रोडमैप तैयार है। वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने भी स्वीकार किया कि इस मुद्दे पर कई बैठकें हुई थीं और जिला परिषद चुनावों के बाद इसकी औपचारिक घोषणा होनी थी। अजित पवार चाहते थे कि एक एकजुट NCP केंद्र और राज्य की राजनीति में अधिक प्रभाव पैदा करे।
विमान दुर्घटना की CID जांच और राजकीय सम्मान
बुधवार को पुणे के बारामती में हुए चार्टर्ड विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान चली गई। 66 वर्षीय ‘दादा’ (अजित पवार) का गुरुवार को बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस भीषण दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने इसकी जांच राज्य सीआईडी (CID) को सौंप दी है। इससे पहले पुणे ग्रामीण पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी। जांच का उद्देश्य तकनीकी खामियों या दुर्घटना के पीछे के अन्य कारणों का पता लगाना है, जबकि रणनीतिकार नरेश अरोड़ा ने इस दुख की घड़ी में परिवार को समर्थन देने की बात कही है।
इसे भी पढ़े :- क्या अजित दादा का विमान हादसा महज इत्तेफाक था या सियासी साजिश?
बारामती उपचुनाव और भविष्य की चुनौतियां
अजित पवार के निधन से बारामती विधानसभा सीट अब खाली हो गई है, जहां अगले छह महीनों के भीतर उपचुनाव होना अनिवार्य है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बारामती का यह उपचुनाव पवार परिवार के लिए अग्निपरीक्षा होगा। पार्टी के नेता चाहते हैं कि सुनेत्रा पवार बारामती से चुनाव लड़ें और अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाएं। हालांकि, सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और जय पवार के पास चुनावी राजनीति का सीमित अनुभव है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी की एकता और NCP गुटों का विलय ही इस संकट का एकमात्र समाधान नजर आ रहा है। शरद पवार की भूमिका इस एकीकरण की प्रक्रिया में सबसे निर्णायक होने वाली है।
फरवरी में संभव है दोनों गुटों का औपचारिक मिलन
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार और अजित पवार के बीच दिसंबर और जनवरी में हुई मुलाकातों ने एकीकरण का रास्ता साफ कर दिया था। अब उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह तक NCP गुटों का विलय औपचारिक रूप से घोषित कर दिया जाएगा। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि एकजुट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ही आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति गठबंधन को मजबूती प्रदान करेगी। संयुक्त NCP के नेतृत्व के लिए सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल के नामों पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, पूरी महाराष्ट्र की नजरें पवार परिवार के अगले फैसले और रविवार को होने वाली विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं।
इसे भी पढ़े :- दिल्ली में दरिंदगी: खाली बिल्डिंग में नाबालिगों ने किया मासूम से गैंगरेप



Post Comment