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 “CJ रॉय सुसाइड केस”IT रेड के दौरान चेयरमैन की मौत पर सवाल

CJ रॉय सुसाइड केस

CJ रॉय सुसाइड केस बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ रियल एस्टेट दिग्गज और कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रॉय चिरियनकांडथ जोसेफ, जिन्हें दुनिया CJ रॉय के नाम से जानती थी, ने शुक्रवार को अपने ऑफिस में कथित तौर पर सुसाइड कर लिया।

यह घटना उस वक्त घटी जब इनकम टैक्स विभाग (I-T) के अधिकारी उनके कार्यालय में छापेमारी कर रहे थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, रेड की कार्यवाही के दौरान ही रॉय ने अपनी ही बंदूक से खुद को गोली मार ली। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना ने न केवल बिजनेस जगत बल्कि फिल्म इंडस्ट्री को भी स्तब्ध कर दिया है। शहर के पुलिस चीफ सीमांत कुमार सिंह ने मीडिया ब्रीफिंग में पुष्टि की है कि रॉय ने खुद को गोली मारी और अस्पताल पहुँचने पर उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

पास में अस्पताल होने के बावजूद 10 किमी दूर ले जाने पर उठे गंभीर सवाल

इस मामले में सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब यह जानकारी सामने आई कि घायल अवस्था में CJ रॉय को उनके ऑफिस से करीब 10 किलोमीटर दूर एचएसआर लेआउट स्थित नारायण अस्पताल ले जाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जहाँ उनका ऑफिस स्थित है, वहाँ से महज 4 किलोमीटर के दायरे में माल्या हॉस्पिटल, विक्रम हॉस्पिटल और सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल जैसी बेहतरीन मेडिकल सुविधाएं मौजूद थीं।

बेंगलुरु के भारी ट्रैफिक के बीच इतनी दूरी तय करने के फैसले ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि यदि उन्हें पास के अस्पताल ले जाया जाता, तो शायद उनकी जान बचाने की कोशिश सफल हो सकती थी। CJ रॉय सुसाइड केस में अब पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि आखिर उन्हें इतनी दूर क्यों ले जाया गया।

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कौन थे CJ रॉय: कोच्चि से शुरू हुआ 3,000 करोड़ का साम्राज्य

डॉ. रॉय चिरियनकांडथ जोसेफ उर्फ रॉय CJ एक दूरदर्शी उद्यमी थे, जिन्होंने शून्य से अपना साम्राज्य खड़ा किया था। कोच्चि में जन्मे रॉय ने रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और एंटरटेनमेंट जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाई थी। उनके नेतृत्व में कॉन्फिडेंट ग्रुप ने भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका तक अपने व्यापार का विस्तार किया।

उन्होंने अपने करियर में 150 से अधिक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पूरे किए। उनके सबसे हाई-प्रोफाइल प्रोजेक्ट्स में बेंगलुरु के पास ‘ज़ायन हिल्स गोल्फ काउंटी’ शामिल था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 करोड़ रुपये बताई जाती है।

रॉय हमेशा अपने बिजनेस को “जीरो-डेट” (कर्ज मुक्त) मॉडल पर चलाने के लिए जाने जाते थे, जिसे उन्होंने अपनी सफलता का मूल मंत्र बताया था।

फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा कद: मोहनलाल से लेकर टोविनो थॉमस तक का साथ

30 जनवरी 2026 को दुनिया छोड़ने वाले रॉय CJ केवल एक बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि फिल्म जगत के एक बड़े प्रोड्यूसर भी थे। उनके प्रोडक्शन हाउस ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ ने मलयालम और कन्नड़ सिनेमा को कई यादगार और बड़े बजट की फिल्में दीं। उन्होंने सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म ‘कैसानोवा’ (2012) के लिए भारी निवेश किया था, जो उस समय की सबसे महंगी फिल्मों में से एक थी।

इसके बाद उन्होंने ‘लेडीज एंड जेंटलमैन’ (2013) और ऐतिहासिक महाकाव्य ‘मरक्कर: लायन ऑफ द अरेबियन सी’ (2021) को भी सपोर्ट किया। हाल ही में टोविनो थॉमस की फिल्म ‘आइडेंटिटी’ (2025) ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत वसूल कर कमर्शियल सफलता हासिल की थी। CJ रॉय सुसाइड केस के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर है।

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छापेमारी के बीच तनाव और सुसाइड का खौफनाक मंजर

घटना वाले दिन की कड़ियाँ जोड़ते हुए परिवार ने आरोप लगाया है कि रॉय भारी मानसिक दबाव में थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 57 वर्षीय रॉय को दोपहर करीब 2 बजे उनके बेंगलुरु ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद, अधिकारियों ने उनसे कुछ दस्तावेज दिखाने को कहा।

बताया जा रहा है कि अगले एक घंटे तक उन्होंने कोई दस्तावेज पेश नहीं किए और इसी बीच अचानक अपनी बंदूक निकालकर अधिकारियों के सामने ही खुद को गोली मार ली।

परिवार का दावा है कि यह तनाव दिसंबर 2025 में हुई पिछली रेड के बाद से ही बढ़ रहा था, जिसमें उन्होंने सभी मांगे गए दस्तावेज सौंप दिए थे। CJ रॉय सुसाइड केस में विभाग के एडिशनल कमिश्नर कृष्ण प्रसाद की भूमिका पर भी परिवार ने सवाल उठाए हैं।

परिवार का आरोप: मौत के बाद भी नहीं रुकी विभाग की रेड

रॉय के परिवार ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी मौत के बावजूद इनकम टैक्स विभाग की रेड जारी रही। मीडिया वन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय घर और दफ्तर में मातम का माहौल होना चाहिए था, उस समय भी अधिकारी अपनी कार्यवाही में जुटे थे।

परिवार का कहना है कि तीन दिनों की लगातार पूछताछ और जांच के दबाव ने रॉय को इस चरम कदम तक पहुँचाया। हालांकि, विभाग की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। रॉय के शव को पोस्टमार्टम के लिए बॉरिंग अस्पताल भेजा गया है और उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए बेंगलुरु लौट रहे हैं।

कन्नड़ और क्षेत्रीय सिनेमा में कॉन्फिडेंट ग्रुप का योगदान

कॉन्फिडेंट ग्रुप ने केवल मलयालम ही नहीं बल्कि कन्नड़ सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई थी। ‘क्रेजी लोका’ (2012) जिसमें वी रविचंद्रन थे और ‘राधाना गंदा’ (2013) जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए रॉय ने क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई ऊँचाई दी थी। उन्होंने ‘स्टार सिंगर’ और ‘बिग बॉस मलयालम’ जैसे रियलिटी शो के प्रोडक्शन में भी भागीदारी की थी।

उनकी नवीनतम फिल्म ‘एनोमी’, जिसमें अभिनेत्री भावना मुख्य भूमिका में हैं, फरवरी 2026 में रिलीज होने वाली थी। CJ रॉय सुसाइड केस के बाद अब यह फिल्म उनकी अंतिम विरासत के रूप में याद की जाएगी। उनके निधन से दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसा निवेशक खो दिया है जो कला के लिए जोखिम उठाने से कभी पीछे नहीं हटा।

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कानूनी जांच और भविष्य की अनिश्चितता

फिलहाल बेंगलुरु पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस चीफ सीमांत कुमार सिंह के अनुसार, शुरुआती रिपोर्ट टैक्स रेड की पुष्टि करती है लेकिन सुसाइड के असली कारणों तक पहुँचने के लिए अधिकारियों और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

रॉयटर्स और अन्य समाचार एजेंसियों ने कॉन्फिडेंट ग्रुप और नारायण अस्पताल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल उनकी तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिल सकी है।

दो दशकों से खड़ा किया गया यह व्यापारिक साम्राज्य अब अपने संस्थापक के बिना एक अनिश्चित मोड़ पर खड़ा है। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि रेड के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।

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