विकसित उत्तर प्रदेश का रोडमैप: 8.33 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट
विकसित उत्तर प्रदेश का रोडमैप पेश करते हुए योगी सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि राज्य अब ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
प्रदेश का बजट 2016-17 के ₹3.47 लाख करोड़ से ढाई गुना बढ़कर अब अनुमानित ₹8.33 लाख करोड़ हो गया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में गर्व के साथ बताया कि पिछले नौ वर्षों में बजट में ₹4.86 लाख करोड़ की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसके पिछले शासनकाल (2008-09 से 2016-17) में यह वृद्धि मात्र ₹2.34 लाख करोड़ थी। यह वित्तीय अनुशासन ही है कि राज्य का पब्लिक डेट-टू-GSDP रेश्यो 29.3% से घटकर 28.0% रह गया है, जो वैश्विक औसत से भी बेहतर है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में रिकॉर्ड आवंटन और बुनियादी सुधार
उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। हेल्थ सेक्टर के लिए रिकॉर्ड ₹46,728.48 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 6.1% है। विकसित उत्तर प्रदेश का रोडमैप स्वास्थ्य सेवाओं को हर गरीब की पहुँच में लाने पर केंद्रित है।
सर्वे के अनुसार, राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर इतना मजबूत हुआ है कि लोगों का अपनी जेब से होने वाला खर्च (Out of pocket expenditure) कम हुआ है।
संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) में 18.02% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2024-25 में 41 लाख तक पहुँच गई। अब राज्य में 96.12% प्रसव अस्पतालों में हो रहे हैं। साथ ही, शून्य से पांच वर्ष के बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण प्रदान कर यूपी एक स्वस्थ भविष्य की नींव रख रहा है।
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बुंदेलखंड का कायाकल्प और महोबा का ऐतिहासिक गौरव
अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब यूपी सरकार का विशेष ध्यान बुंदेलखंड के विकास पर है। पीएम मोदी के विजन के अनुरूप ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत महोबा की ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए ₹24.98 करोड़ का प्रोजेक्ट तेजी से चल रहा है।
महान योद्धा आल्हा और उदल की इस वीर भूमि पर पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए यूपीपीसीएल बांदा को कार्यकारी एजेंसी बनाया गया है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, 2025 में महोबा में रिकॉर्ड 28 लाख पर्यटक पहुंचे।
इस प्रोजेक्ट के तहत 2026 के अंत तक सूर्य व्याख्या केंद्र (Sun Interpretation Center) बनकर तैयार हो जाएगा, जो सौर विज्ञान और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम होगा।
पर्यटन क्रांति: प्रयागराज महाकुंभ से ग्लोबल पहचान तक
उत्तर प्रदेश में पर्यटन अब सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार का बड़ा जरिया बन गया है। इकोनॉमिक सर्वे की रिपोर्ट कहती है कि राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या 2.4 गुना बढ़कर 156.18 करोड़ तक पहुँच गई है। विशेष रूप से प्रयागराज महाकुंभ ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जहाँ रिकॉर्ड 66.30 करोड़ विजिटर्स आए।
विकसित उत्तर प्रदेश का रोडमैप यह सुनिश्चित कर रहा है कि यूपी का हर कोना पर्यटन मानचित्र पर चमके। महोबा के प्रस्तावित सेंटर में 3D प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के जरिए सूर्य मंदिरों (कोणार्क और मार्तंड) की गाथा और खगोल विज्ञान को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।
ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन में यूपी बना अग्रणी
योगी सरकार में ग्रामीण विकास पर होने वाला खर्च दोगुना हो गया है। 2017-18 में जो खर्च ₹10,508 करोड़ था, वह 2025-26 में बढ़कर ₹20,081 करोड़ हो गया है। मनरेगा और VB-G राम जी स्कीम के तहत यूपी ने 3,363.97 लाख ‘मानव दिवस’ सृजित कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
बुंदेलखंड में जल संकट के समाधान के लिए ललितपुर में 1500 मीटर लंबी शहजाद नदी को पुनर्जीवित करना सरकार की बड़ी उपलब्धि है। राज्य में अब तक 19,000 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं, और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत करोड़ों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है।
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औद्योगिक प्रगति और ग्लोबल इन्वेस्टमेंट का नया हब
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में आई क्रांति ने इसे निवेश के लिए दुनिया की पहली पसंद बना दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राज्य में पंजीकृत फैक्ट्रियों की संख्या 14,169 से बढ़कर 30,695 हो गई है। उद्योगों के ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) में 25% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 11.9% से कहीं अधिक है।
दावोस में हुए ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026’ में यूपी ने ₹2.94 लाख करोड़ के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। एआई-रेडी डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में हो रहा यह निवेश विकसित उत्तर प्रदेश का रोडमैप साकार करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।
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खेती-किसानी और खाद्य प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता
कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान बढ़कर 24.9% हो गया है। खाद्यान्न उत्पादन के मामले में यूपी अब राष्ट्रीय उत्पादन का 20.6% हिस्सा पैदा कर रहा है।
उत्तर प्रदेश अब एक फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में उभर रहा है, जहाँ 65,000 इकाइयाँ संचालित हैं और 2.55 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। प्रति हेक्टेयर ग्रॉस वैल्यू एडिशन भी ₹0.98 लाख से बढ़कर ₹1.73 लाख हो गया है, जो किसानों की बढ़ती आय का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
निर्यात और सुशासन: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में लंबी छलांग
निर्यात के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने अविश्वसनीय सफलता पाई है। 2016-17 में जो निर्यात ₹0.84 लाख करोड़ था, वह 2024-25 में ₹1.86 लाख करोड़ हो गया है। भारत सरकार के ‘एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024’ में यूपी ने सातवें से चौथे स्थान पर छलांग लगाई है और लैंडलॉक्ड राज्यों में पहले पायदान पर है।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिया है। ‘निवेश मित्र’ पोर्टल और सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए सरकार ने ‘ट्रस्ट-बेस्ड गवर्नेंस’ का मॉडल पेश किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति ने सुरक्षा का माहौल बनाया है।
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