गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें ₹4.08 लाख करोड़ का नया बजट
गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें आज राज्य विधानसभा में वित्त मंत्री कनुभाई देसाई द्वारा पेश किए जाने के बाद चर्चा के केंद्र में हैं। सरकार ने इस बार ₹4,08,521 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी नए कर (Tax) का बोझ जनता पर नहीं डाला गया है।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के लिए बनाया गया है। इसमें पर्यटन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह बजट न केवल राज्य के विकास की गति को तेज करेगा, बल्कि रोजगार के लाखों नए अवसर भी पैदा करेगा।
धोलेरा बनेगा भारत का सिलिकॉन वैली: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए ₹610 करोड़ का ‘ट्रंक इंफ्रा’
इस साल के बजट में धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) को लेकर सरकार ने अपनी बड़ी महत्वाकांक्षाएं जाहिर की हैं। गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें साझा करते हुए वित्त मंत्री ने धोलेरा में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए ₹610 करोड़ के फंड का आवंटन किया है।
यह राशि धोलेरा में ‘ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर’ विकसित करने के लिए खर्च की जाएगी, जिससे वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियां यहाँ अपने प्लांट स्थापित करने के लिए आकर्षित हों। सरकार का मानना है कि धोलेरा आने वाले समय में दुनिया का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बनेगा। यह निवेश विशेष रूप से चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल रिवोल्यूशन: गुजरात बनेगा टेक-हब
गुजरात सरकार ने भविष्य की तकनीक को अपनाते हुए इस बार AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है। गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें यह भी बताती हैं कि सरकार ने राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रयोग को बढ़ावा देने और नई स्टार्टअप्स को मदद करने के लिए एक समर्पित नीति तैयार की है।
इसके लिए बजट में पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है ताकि सरकारी सेवाओं और डेटा प्रबंधन में AI का प्रभावी उपयोग हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि गुजरात के युवा केवल नौकरी चाहने वाले न बनें, बल्कि वे नई तकनीकों के माध्यम से दुनिया को समाधान प्रदान करें। इससे आईटी सेक्टर में राज्य की रैंकिंग में भारी सुधार होने की उम्मीद है।
शहरी भारत के लिए ₹33,500 करोड़ का तोहफा: क्या यह स्थानीय चुनावों का मास्टरस्ट्रोक है?
गुजरात में आगामी निकाय चुनावों (Civic Polls) को देखते हुए शहरी बुनियादी ढांचे के लिए ₹33,500 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया गया है। गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें विश्लेषित करने वाले एक्सपर्ट्स इसे बीजेपी का ‘शहरी गढ़’ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
इस फंड का उपयोग स्मार्ट सिटी मिशन, सड़कों के चौड़ीकरण, जलापूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर किया जाएगा। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और वडोदरा जैसे महानगरों के सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक समस्याओं को सुलझाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह भारी निवेश शहरी मिडिल क्लास को लुभाने के साथ-साथ राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी है।
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पर्यटन और विरासत का संगम: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लेकर धोलावीरा तक बड़ा निवेश
पर्यटन गुजरात की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनता जा रहा है और बजट में इसे भरपूर ऑक्सीजन दी गई है। सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया है, जिसमें कच्छ के रण, धोलावीरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के आसपास नए पर्यटक आकर्षण केंद्र विकसित किए जाएंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सोमनाथ, द्वारका और अंबाजी जैसे पवित्र स्थलों के जीर्णोद्धार और वहां यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष फंड रखा गया है। सरकार की योजना गुजरात को दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर शीर्ष पर लाने की है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के द्वार खुल सकें।
खेल जगत में गुजरात की छलांग: ओलंपिक 2036 की तैयारी के लिए मेगा स्पोर्ट्स इंफ्रा
गुजरात सरकार ने 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के अपने दावे को और मजबूत करते हुए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी निवेश की घोषणा की है। राज्य के कोने-कोने में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए नए स्टेडियम, खेल परिसर और ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ योजना को विस्तार दिया गया है। सरकार का विजन है कि गुजरात के खिलाड़ी न केवल नेशनल गेम्स, बल्कि ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर भी स्वर्ण पदक जीतें। यह खेल बजट युवाओं के बीच काफी उत्साह पैदा कर रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: मिडिल क्लास और गरीबों के लिए सुरक्षा कवच
बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। सरकार ने सरकारी स्कूलों को ‘मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस’ के तहत अपग्रेड करने के लिए फंड जारी रखा है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना की जाएगी।
आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का दायरा बढ़ाया गया है ताकि कोई भी नागरिक इलाज से वंचित न रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए नई एम्बुलेंस सेवाओं और टेली-मेडिसिन सुविधाओं को भी बजट में स्थान दिया गया है।
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विकास की नई परिभाषा या चुनावी वादों का पुलिंदा?
अंततः, गुजरात बजट 2026 मुख्य बातें यह स्पष्ट करती हैं कि राज्य सरकार अब केवल पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर नहीं रहना चाहती। वह सेमीकंडक्टर, AI और आधुनिक पर्यटन के जरिए एक नई अर्थव्यवस्था खड़ी करने की दिशा में बढ़ रही है। ₹4.08 लाख करोड़ का यह बजट गुजरात की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है।
हालांकि, विपक्ष इसे चुनावी लाभ के लिए की गई घोषणाएं बता रहा है, लेकिन यदि धोलेरा और AI जैसे प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरते हैं, तो गुजरात न केवल भारत बल्कि वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। अब चुनौती इन विशाल फंड्स के समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन की है।
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