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देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स: महाराष्ट्र में शिक्षा साथी और खेती में नई क्रांति

देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स

देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स ने आज दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की अंगणवाडी सेविकाओं के लिए ‘शिक्षा साथी’ नामक एक क्रांतिकारी AI-संचालित व्हाट्सएप असिस्टेंट लॉन्च किया है।

यह टूल न केवल बच्चों के विकास के मील के पत्थर (milestones) को ट्रैक करेगा, बल्कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षकों को हर दिन नई रणनीतियाँ भी सुझाएगा। आज 20 फरवरी 2026 को हुए इस लॉन्च के साथ महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने जमीनी स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सीधे तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत किया है।

OpenAI के साथ ऐतिहासिक करार: अब गवर्नेंस में दिखेगा चैटजीपीटी का जादू

इस समिट की सबसे बड़ी खबर देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स के तहत महाराष्ट्र सरकार और दुनिया की दिग्गज कंपनी ‘OpenAI’ के बीच हुआ समझौता है। इस समझौते के तहत एक ‘AI सैंडबॉक्स’ बनाया जाएगा जहाँ कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और न्यायपालिका जैसे 12 महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए 12 अलग-अलग AI समाधान विकसित किए जाएंगे।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह साझेदारी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ChatGPT की उन्नत क्षमताओं का उपयोग करके नागरिक सेवाओं को और अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ने ‘सर्बम AI’ (Sarvam AI) के साथ भी एक पत्र (LoI) साझा किया है ताकि महाराष्ट्र के लिए एक संप्रभु AI बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सके।

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खेती को ‘क्लाइमेट प्रूफ’ बनाएंगे देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स और महाविस्तार मॉडल

कृषि क्षेत्र में देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स के प्रभाव को समझाते हुए फडणवीस ने ‘महाविस्तार’ (MahaVISTAAR) मॉडल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है और AI में कृषि को ‘क्लाइमेट-प्रूफ’ बनाने की क्षमता है। महाराष्ट्र का यह मॉडल अब पूरे भारत में ‘भारत विस्तार’ के नाम से अपनाया जा रहा है।

इस तकनीक के जरिए 25 लाख से अधिक किसानों को व्यक्तिगत और बहुभाषी सलाह दी जा रही है। इसमें मिट्टी की सेहत, कीटों की भविष्यवाणी और सटीक सिंचाई जैसे फीचर्स शामिल हैं। फडणवीस ने कहा कि जब तकनीक को किसान की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जाता है, तो वे इसे अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं।

नाशिक कुंभ मेला 2026: ‘कुंभदूत’ AI एजेंट करेगा श्रद्धालुओं की हर मुश्किल आसान

आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2026 के लिए भी देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स की फेहरिस्त में एक विशेष ऐप ‘कुंभदूत’ शामिल किया गया है। यह AI एजेंट नाशिक आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा। यह ऐप न केवल रूट मैप और घाटों की जानकारी देगा, बल्कि भीड़ प्रबंधन (crowd management) और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रियल-टाइम डेटा उपलब्ध कराएगा।

फडणवीस ने बताया कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन में तकनीक का इस्तेमाल सुरक्षा और सुविधा दोनों को बढ़ाता है। यह ऐप तीर्थयात्रियों को उनकी अपनी भाषा में सहायता प्रदान करेगा, जिससे भाषाई बाधाएं भी खत्म होंगी।

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अंगणवाडी सेविकाओं का डिजिटल सशक्तिकरण: रॉकेट लर्निंग के साथ ‘शिक्षा साथी’ का कमाल

महाराष्ट्र की अंगणवाडी वर्कर्स के लिए लॉन्च किया गया ‘शिक्षा साथी’ टूल रॉकेट लर्निंग और OpenAI के सहयोग से विकसित किया गया है। देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स का यह हिस्सा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रारंभिक बचपन की शिक्षा (ECE) की कमान संभालती हैं।

यह व्हाट्सएप-आधारित असिस्टेंट उन्हें ऑडियो नोट्स के जरिए क्लास रिपोर्ट तैयार करने, बच्चों के व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड बनाने और ‘पोषण ट्रैकर’ से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करेगा। फडणवीस का मानना है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को सशक्त बनाने से ही समाज के अंतिम पायदान तक तकनीक का लाभ पहुँचाया जा सकता है।

AI सैंडबॉक्स और नवाचार: महाराष्ट्र बनेगा देश का ‘टेक हब’

महाराष्ट्र सरकार ने ‘महा ओपन स्पेस सैंडबॉक्स फैसिलिटी’ की भी घोषणा की है, जो देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स के विकास के लिए एक प्रयोगशाला का काम करेगी।

यहाँ शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों को एक साथ काम करने का मौका मिलेगा। इसमें हैकाथॉन, कार्यशालाएं और विशेषज्ञ सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा ताकि महाराष्ट्र के AI इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

फडणवीस ने जोर देकर कहा कि तकनीक का उपयोग प्रदर्शनी के लिए नहीं, बल्कि जनता के कल्याण के लिए होना चाहिए। इसी सोच के साथ आईटी, शहरी और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में AI के उपयोग की रूपरेखा तैयार की गई है।

विरोधियों पर तंज: “जिन्हें एआई की सबसे ज्यादा जरूरत है, वे विरोध कर रहे हैं”

समिट के दौरान हुए यूथ कांग्रेस के हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स की चर्चा के बीच कहा कि कांग्रेस का यह कृत्य भारत की तकनीकी प्रगति को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश है।

उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ा कि जब ‘मानवीय बुद्धि’ (human intelligence) कम होने लगती है, तो एआई की जरूरत सबसे ज्यादा होती है और शायद विरोधियों को इसकी सख्त जरूरत है। उन्होंने भारत मंडपम में हुए प्रदर्शन को ‘एंटी-भारत’ करार दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम खराब करने की ऐसी कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर महाराष्ट्र का बढ़ता कदम

अंततः, देवेंद्र फडणवीस AI टूल्स का यह विशाल पोर्टफोलियो यह साबित करता है कि महाराष्ट्र डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के निर्माण में देश का नेतृत्व कर रहा है। 2026 के इस शिखर सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एआई अब केवल प्रयोगशालाओं की चीज नहीं है, बल्कि यह खेतों में, स्कूलों में और आम आदमी की जेब में व्हाट्सएप के जरिए पहुँच चुका है।

फडणवीस का विजन न केवल महाराष्ट्र को बल्कि पूरे भारत को ‘ग्लोबल साउथ‘ में एआई क्रांति का अगुवा बनाना है। आने वाले समय में ये एआई समाधान गवर्नेंस के चेहरे को पूरी तरह बदल देंगे, जहाँ डेटा ही सबसे बड़ी शक्ति होगी।

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