NESCO ड्रग ओवरडोज़ : मास्टरमाइंड ‘मार्क’ की गिरफ्तारी से मची खलबली,
मुंबई के गोरेगांव स्थित NESCO में एक म्यूज़िक कॉन्सर्ट के दौरान हुए NESCO ड्रग ओवरडोज़ केस ने अब एक अंतर्राष्ट्रीय मोड़ ले लिया है। दो होनहार MBA छात्रों की मौत के बाद मुंबई की वनराई पुलिस ने इस ड्रग्स रैकेट की जड़ों को खोदना शुरू कर दिया है।
मामले के मुख्य सप्लायर महेश खेमलानी उर्फ ‘मार्क’ की हालिया गिरफ्तारी के बाद, बोरीवली कोर्ट ने सोमवार को सह-आरोपी विनीत गेरलानी और आयुष साहित्य की दोबारा पुलिस कस्टडी मंजूर कर ली है। अब पुलिस इन सभी को आमने-सामने बिठाकर उस खौफनाक रात की पूरी साजिश का पर्दाफाश करेगी।
महेश खेमलानी उर्फ ‘मार्क’: ड्रग्स और सट्टेबाजी का दोहरा खेल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी महेश खेमलानी केवल ड्रग्स का सप्लायर ही नहीं, बल्कि एक बड़े क्रिकेट सट्टेबाजी सिंडिकेट का भी हिस्सा है।
पुलिस को पता चला है कि मार्क का एक जुड़वां भाई निखिल उर्फ ‘निक’ भी है, जो पहले सट्टेबाजी के मामले में आर्थर रोड जेल जा चुका है। NESCO ड्रग ओवरडोज़ केस की जांच अब निक की भूमिका तक भी पहुँच गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इन मौतों के पीछे भाइयों की इस जोड़ी का कोई सामूहिक हाथ है।
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हांगकांग से मुंबई तक फैला है ‘गोरखधंधा’
मुख्य आरोपी मार्क के पास भारत और हांगकांग दोनों देशों के पासपोर्ट मिले हैं, जो एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय रैकेट की ओर इशारा करते हैं। वह अक्सर हांगकांग की यात्रा करता था और वहां से लक्ज़री घड़ियाँ लाकर भारत में बेचता था।
पुलिस को शक है कि इस व्यापार की आड़ में वह थाईलैंड, बैंकॉक और हांगकांग से ‘एक्स्टसी’ (Ecstasy) जैसी महंगी ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। वनराई पुलिस अब मार्क के अंतर्राष्ट्रीय संपर्कों और उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाल रही है।
जिया जैकब: लिव-इन पार्टनर और वित्तीय राज़दार
इस सिंडिकेट में मार्क की लिव-इन पार्टनर जिया जैकब की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि पिछले 12 सालों से एक-दूसरे को जानने वाले इस जोड़े का एक जॉइंट बैंक अकाउंट था, जिसमें लगभग ₹14.95 लाख जमा थे। पुलिस का मानना है कि यह रकम ड्रग्स की बिक्री से हासिल की गई थी।
जांच में पता चला है कि सह-आरोपियों आनंद पटेल, विनीत गेरलानी और आयुष साहित्य ने मार्क की जगह जिया के पेमेंट स्कैनर का इस्तेमाल कर लाखों का लेन-देन किया था।
बैंक खातों से खुलेगा सप्लाई चेन का कच्चा चिट्ठा
अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि गेरलानी और साहित्य के बैंक खातों के जरिए बड़ी संख्या में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन किए गए थे। पटेल से ₹64,000, गेरलानी से ₹22,500 और साहित्य से ₹1.84 लाख से अधिक के ट्रांसफर सीधे तौर पर जिया और मार्क के सिंडिकेट से जुड़े हैं।
पुलिस अब इन पैसों के स्रोत (Source of Money) की जांच कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि मुंबई के युवाओं तक यह ‘ज़हर’ पहुँचाने के लिए पैसा कहाँ से आ रहा था।
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आमने-सामने की पूछताछ से फटेगा ‘सत्य’ का गुब्बारा
बोरीवली कोर्ट ने वनराई पुलिस को चार दिन की नई कस्टडी देते हुए जांच को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है। पुलिस का तर्क है कि गेरलानी, साहित्य और अन्य सह-आरोपियों का मुख्य आरोपी मार्क से सीधा सामना कराना अनिवार्य है।
इस ‘क्रॉस-इंटेरोगेशन’ से न केवल सप्लाई चेन का पता चलेगा, बल्कि नेटवर्क में शामिल अन्य ‘बड़े नामों’ और ‘ज़िया’ नाम की संदिग्ध महिला की असलियत भी सामने आ सकेगी।
कॉन्सर्ट में मौत का वो काला दिन
याद दिला दें कि 11 अप्रैल को NESCO में आयोजित टेक्नो कॉन्सर्ट के दौरान ‘एक्स्टसी’ की गोलियों के ओवरडोज़ से दो छात्रों की जान चली गई थी।
इस घटना के बाद से ही मुंबई पुलिस ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। अब तक इस मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से ज़्यादातर न्यायिक हिरासत में थे, लेकिन मुख्य सप्लायर के पकड़े जाने के बाद अब सभी की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
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मुंबई पुलिस की रडार पर अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट
NESCO ड्रग ओवरडोज़ केस अब केवल स्थानीय ड्रग्स का मामला नहीं रह गया है। हांगकांग कनेक्शन और सट्टेबाजी के खुलासे ने इसे एक हाई-प्रोफाइल संगठित अपराध (Organized Crime) बना दिया है।
पुलिस का मुख्य ध्यान अभी भी ड्रग्स सप्लाई चेन पर है, लेकिन वित्तीय धोखाधड़ी और अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के एंगल ने इस जांच को बेहद संवेदनशील बना दिया है। आने वाले चार दिनों की पुलिस कस्टडी इस केस में कई बड़े खुलासे कर सकती है।
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