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“घरेलू गैस नए नियम”  में बड़ा बदलाव: अब एक घर में नहीं चलेंगे दो कनेक्शन,

घरेलू गैस नए नियम

नई दिल्ली: घरेलू गैस नए नियम देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति में आ रही बाधाओं के बीच केंद्र सरकार ने रसोई गैस (LPG) के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त रुख अपना लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ‘एक घर, एक कनेक्शन’ (One House, One Connection) नीति को अब कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया है।

इसका सीधा अर्थ है कि यदि आपके पास पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, तो आप अब घरेलू LPG सिलेंडर नहीं रख पाएंगे।

PNG यूजर्स के लिए ‘डेडलाइन’: सरेंडर करना होगा कनेक्शन

आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत जारी नए आदेश के मुताबिक, जिन घरों में PNG सुविधा उपलब्ध है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा।

तेल कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे घरों की पहचान करें और उन्हें सिलेंडर की रिफिलिंग न दें। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि LPG सिलेंडर उन परिवारों तक पहुंच सकें जिनके पास पाइपलाइन का विकल्प नहीं है।

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1 मई से लागू हुए ये 3 बड़े बदलाव

सरकार ने केवल दोहरे कनेक्शन पर ही रोक नहीं लगाई है, बल्कि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए भी बुकिंग और डिलीवरी के नियम बदल दिए हैं:

बुकिंग का अंतराल: अब शहरी इलाकों में आप 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे (पहले यह 21 दिन था)। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 45 दिन तक हो सकती है।

OTP आधारित डिलीवरी: अब केवल रसीद दिखाकर सिलेंडर नहीं मिलेगा। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) आएगा, जिसे डिलीवरी मैन को बताना अनिवार्य होगा।

अनिवार्य e-KYC: उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और अन्य ग्राहकों के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (e-KYC) अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा न करने पर सब्सिडी रोकी जा सकती है।

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    क्यों सख्त हुई सरकार? होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट

    इस सख्ती के पीछे वैश्विक कारण भी हैं। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) जैसा प्रमुख ऊर्जा मार्ग प्रभावित हुआ है।

    भारत अपनी LPG जरूरतों का लगभग 60% और कच्चे तेल का 88% आयात करता है। आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी रुकावट से निपटने के लिए सरकार अब घरेलू स्तर पर ईंधन के कुशल उपयोग और ट्रैकिंग पर जोर दे रही है।

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    कैसे चेक करें अपना स्टेटस?

    उपभोक्ता अब ऑनलाइन पोर्टल mypngd.in पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालकर यह चेक कर सकते हैं कि उनके नाम पर कोई अवैध या दोहरा कनेक्शन तो दर्ज नहीं है। अब तक देशभर में 43,000 से अधिक लोग स्वेच्छा से अपना सिलेंडर सरेंडर कर चुके हैं।

    संपादकीय सलाह: क्या करें उपभोक्ता?

    यदि आप दोनों गैसों का उपयोग कर रहे हैं, तो किसी भी कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने से बचने के लिए अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करें और सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करें।

    इसके अलावा, इंडक्शन कुकिंग या बिजली के उपकरणों का विकल्प अपनाकर आप गैस पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—पाइपलाइन आधारित गैस को भविष्य का ईंधन बनाना और सिलेंडर की कालाबाजारी पर पूरी तरह नकेल कसना।

    नए नियम: घरेलू गैस हेतु लागू नए नियम बदल गए घरेलू गैस नियम जानें नए नियम ।

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